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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना 2026: ग्रामीण पक्की सड़क, नई लिस्ट व मेरी सड़क ऐप, ऐसे देखें स्टेटस

प्रकाशन: 10 अक्टूबर, 2026 • अद्यतित: 15 अक्टूबर, 2026 • लेखक: योजनाए संपादकीय टीम
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना 2026: ग्रामीण पक्की सड़क, नई लिस्ट व मेरी सड़क ऐप, ऐसे देखें स्टेटस

ग्रामीण भारत के सुदूर गांवों, बस्तियों और मजरों को बारहमासी पक्की सड़कों (All-Weather Roads) के माध्यम से मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY – Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana) देश की सबसे सफल और परिवर्तनकारी बुनियादी ढांचा योजना है। ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (NRIDA) के सहयोग से संचालित इस योजना ने पिछले ढाई दशकों में भारत के लाखों दूरदराज के गांवों का कायाकल्प कर दिया है।

हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा PMGSY-IV (चौथा चरण) को भी मंजूरी दे दी गई है, जिसके अंतर्गत आगामी वर्षों में ₹70,125 करोड़ के परिव्यय से 25,000 असंबद्ध बस्तियों को जोड़ने के लिए 62,500 किलोमीटर लंबी नई बारहमासी सड़कों और पुलों का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त PMGSY-III के तहत ग्रामीण कृषि बाजारों (GrAMs), उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों को जोड़ने वाले प्रमुख ग्रामीण मार्गों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। आइए जानते हैं योजना के सभी नियम, पात्रता मानदंड, ओएमएमएएस (OMMAS) पोर्टल और ‘मेरी सड़क’ ऐप पर शिकायत निवारण की पूरी प्रक्रिया।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: मुख्य विशेषताएं व हाइलाइट्स

प्रमुख पहलू आधिकारिक नियम व विवरण
योजना का नाम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY – वर्तमान चरण PMGSY-III एवं PMGSY-IV)
नोडल मंत्रालय ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार
कार्यान्वयन एजेंसी राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (NRIDA) एवं राज्य ग्रामीण सड़क विकास एजेंसियां
सड़क का प्रकार बारहमासी पक्की सड़क (All-Weather Motorable Road)
आबादी मानदंड (मैदानी क्षेत्र) 500 या उससे अधिक आबादी वाली असंबद्ध बस्तियां (PMGSY-IV में 100+ से 500)
आबादी मानदंड (पहाड़ी/जनजातीय क्षेत्र) 250 या उससे अधिक आबादी वाली बस्तियां (पूर्वोत्तर, हिमालयी राज्य व LWE जिले)
रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार द्वारा 5 वर्षों का अनिवार्य दोष दायित्व व नियमित रखरखाव (5-Year Maintenance Contract)
नागरिक फीडबैक व शिकायत ऐप मेरी सड़क (Meri Sadak App)
आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल omms.nic.in / pmgsy.nic.in

योजना का मुख्य उद्देश्य

कच्ची सड़कों, कीचड़ और नदी-नालों के कारण बरसात के मौसम में देश के लाखों गांव महीनों तक बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट जाते थे, जिससे बीमारों को समय पर अस्पताल पहुंचाना, बच्चों का स्कूल जाना और किसानों का अपनी उपज मंडी तक ले जाना असंभव हो जाता था। PMGSY के मूल उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • निर्धारित आबादी सीमा की सभी गैर-संबद्ध ग्रामीण बस्तियों को हर मौसम में चालू रहने वाली एकल बारहमासी पक्की सड़क से जोड़ना।
  • किसानों को स्थानीय कृषि मंडियों (APMC / GrAMs) तक त्वरित पहुंच प्रदान करना, जिससे कृषि उपज का नुकसान रुके और किसानों की आय बढ़े।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • हरित प्रौद्योगिकियों (Green Technologies), अपशिष्ट प्लास्टिक (Waste Plastic), कोल्ड मिक्स तकनीक और फ्लाई ऐश का उपयोग करके पर्यावरण-अनुकूल टिकाऊ ग्रामीण सड़कों का निर्माण करना।

PMGSY के विभिन्न चरण और नई PMGSY-IV योजना

योजना के प्रारंभ से लेकर अब तक इसके चार प्रमुख चरण लागू किए गए हैं:

  1. PMGSY-I (वर्ष 2000): मूल योजना जिसमें मैदानी क्षेत्रों की 500+ और विशेष क्षेत्रों की 250+ आबादी वाली बस्तियों को पहली बार पक्की सड़क कनेक्टिविटी दी गई।
  2. PMGSY-II (वर्ष 2013): मौजूदा ग्रामीण सड़क नेटवर्क के 50,000 किलोमीटर के प्रमुख थ्रू-रूट्स (Through Routes) का उन्नयन और सुदृढ़ीकरण किया गया।
  3. PMGSY-III (वर्ष 2019): 1,25,000 किलोमीटर ग्रामीण मार्गों और प्रमुख जिला सड़कों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है, जो बस्तियों को ग्रामीण कृषि बाजारों, हायर सेकेंडरी स्कूलों और अस्पतालों से सीधे जोड़ते हैं।
  4. PMGSY-IV (नवीनतम चरण 2024-25 से 2028-29): 25,000 नई छूटी हुई बस्तियों (जनगणना 2011 के अनुसार) को 62,500 किलोमीटर लंबी सड़कों से जोड़ने के लिए ₹70,125 करोड़ का नया मेगा प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।

योजना के प्रमुख लाभ व सामाजिक प्रभाव (Key Benefits)

बारहमासी पक्की सड़कों के निर्माण से ग्रामीण जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव आया है:

  • आपातकालीन चिकित्सा सहायता: पक्की सड़क बनने से ‘108’ एम्बुलेंस सीधे गांव तक पहुंचती है, जिससे गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों की जान समय पर बचाई जा सकती है।
  • बालिका शिक्षा में भारी वृद्धि: सड़कों के अभाव में ग्रामीण छात्राएं दूर के माध्यमिक स्कूलों में जाने से वंचित रह जाती थीं; पक्की सड़क और बस/ऑटो सेवा शुरू होने से बालिकाओं के स्कूल छोड़ने की दर (Dropout Rate) में ऐतिहासिक गिरावट आई है।
  • कृषि उपज का उचित मूल्य: किसान अपनी ताजी सब्जियां, फल, दूध और अनाज तुरंत नजदीकी शहरों की बड़ी मंडियों में ले जाकर बेच सकते हैं, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता समाप्त हुई है।
  • ग्रामीण रोजगार और पर्यटन: ग्रामीण कुटीर उद्योगों और हस्तशिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार मिले हैं और ग्रामीण पर्यटन को नया आयाम मिला है।

पात्रता के विस्तृत नियम और आबादी मानक (Habitation Norms)

PMGSY के तहत सड़कों का चयन व्यक्तिगत स्तर पर न होकर बस्ती (Habitation) स्तर पर पारदर्शी रूप से किया जाता है:

  1. मैदानी क्षेत्र: जनगणना 2011 के अनुसार 500 या उससे अधिक की जनसंख्या वाली बस्तियां जो किसी बारहमासी सड़क से नहीं जुड़ी हैं।
  2. विशेष श्रेणी क्षेत्र: पूर्वोत्तर राज्य (असम, अरुणाचल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम), हिमालयी राज्य (जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड), रेगिस्तानी क्षेत्र और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित (LWE / आकांक्षी जिले) क्षेत्रों में 250 या उससे अधिक आबादी वाली बस्तियां पात्र हैं।
  3. PMGSY-IV में नई छूट: आकांक्षी ब्लॉकों और जनजातीय बहुल क्षेत्रों में 100 से अधिक आबादी वाली बस्तियों को भी क्लस्टर दृष्टिकोण (Cluster Approach) के तहत कनेक्टिविटी दी जा रही है।

प्रस्ताव व स्वीकृति हेतु आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

  • ग्राम सभा का अधिकृत प्रस्ताव: ग्राम पंचायत की खुली बैठक में पारित सर्वसम्मत प्रस्ताव और उपस्थिति पंजी।
  • जनसंख्या प्रमाण पत्र: संबंधित बस्ती की जनगणना 2011 या नवीनतम प्रमाणित जनसंख्या का ब्योरा।
  • भू-स्वामित्व व अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC): सड़क निर्माण के रास्ते में पड़ने वाली निजी अथवा सार्वजनिक भूमि का सहमति पत्र या अनापत्ति प्रमाण पत्र।
  • कोर नेटवर्क मैपिंग व जीआईएस डेटा: ग्राम पंचायत द्वारा प्रमाणित मौजूदा रास्ते का नक्शा और जीपीएस निर्देशांक।
  • जिला ग्रामीण सड़क योजना (DRRP) अनुमोदन पत्र: जिला परिषद अथवा जिला योजना समिति का संस्तुति पत्र।

सड़क निर्माण की गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली (Three-Tier Quality Control)

PMGSY भारत की एकमात्र ऐसी योजना है जिसमें विश्वस्तरीय 3-स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Monitoring) प्रणाली लागू है:

  • प्रथम स्तर (First Tier): प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU / अधिशासी अभियंता) और निर्माण ठेकेदार की आंतरिक गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला द्वारा नियमित सामग्री परीक्षण।
  • द्वितीय स्तर (Second Tier): राज्य सरकार द्वारा नियुक्त स्वतंत्र राज्य गुणवत्ता मॉनिटर्स (SQMs) द्वारा साइट पर औचक निरीक्षण।
  • तृतीय स्तर (Third Tier): राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार (NRIDA) द्वारा नियुक्त वरिष्ठ सेवानिवृत्त मुख्य अभियंताओं (National Quality Monitors – NQMs) द्वारा निष्पक्ष तकनीकी परीक्षण।

आवेदन प्रक्रिया: अपने गांव की सड़क का प्रस्ताव कैसे भिजवाएं? (Step-by-Step)

यदि आपके गांव या बस्ती में अभी तक पक्की सड़क नहीं बनी है और आपकी बस्ती निर्धारित आबादी मानक पूरा करती है, तो सड़क स्वीकृत कराने की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. ग्राम सभा का प्रस्ताव: ग्राम पंचायत की खुली बैठक में प्रस्ताव पारित करें कि बस्ती गैर-संबद्ध है और इसे मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए PMGSY सड़क की आवश्यकता है।
  2. जनपद / जिला पंचायत को प्रेषण: ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव इस प्रस्ताव को खंड विकास अधिकारी (BDO) और जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CDO / CEO) को प्रस्तुत करते हैं।
  3. जिला सड़क योजना (DRP) में समावेशन: जिला स्तर पर अधिशासी अभियंता (Executive Engineer – PMGSY / ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) प्रस्तावित मार्ग का भौतिक सर्वे करते हैं और इसे डिस्ट्रिक्ट रूरल रोड्स प्लान (DRRP) में कोर नेटवर्क के रूप में दर्ज करते हैं।
  4. विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR): राज्य सड़क विकास एजेंसी डीपीआर बनाकर राज्य स्तरीय स्थायी समिति (SLSC) के अनुमोदन के बाद केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय को स्वीकृति हेतु भेजती है।
  5. केंद्रीय स्वीकृति: मंत्रालय की अधिकार प्राप्त समिति द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद ई-टेंडरिंग के माध्यम से निर्माण कार्य प्रारंभ होता है।

सड़क निर्माण की स्थिति कैसे चेक करें? (OMMAS Portal)

ग्रामीण विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय पोर्टल omms.nic.in (Online Management, Monitoring and Accounting System) पर देश की प्रत्येक PMGSY सड़क का संपूर्ण विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है:

  1. पोर्टल omms.nic.in पर जाएं।
  2. मेनू में ‘Progress Monitoring’ अथवा ‘Citizen Section’ पर क्लिक करें।
  3. अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और पैकेज संख्या चुनें।
  4. स्क्रीन पर सड़क का नाम, कुल लंबाई (किलोमीटर में), स्वीकृत बजट, ठेकेदार का नाम, कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की तारीख और तीनों गुणवत्ता मॉनिटरों की निरीक्षण रिपोर्ट स्पष्ट दिखाई देगी।

सड़क की खराबी या भ्रष्टाचार की शिकायत कैसे करें? (‘मेरी सड़क’ ऐप)

यदि आपके क्षेत्र में बनी PMGSY सड़क समय से पहले टूट गई है या ठेकेदार 5 साल के गारंटी काल में मरम्मत नहीं कर रहा है, तो केंद्र सरकार के ‘Meri Sadak’ मोबाइल ऐप पर शिकायत दर्ज करें:

  1. गूगल प्ले स्टोर से ‘Meri Sadak’ ऐप डाउनलोड करें।
  2. टूटी हुई सड़क की 2 स्पष्ट जियो-टैग्ड तस्वीरें ऐप के माध्यम से खींचें।
  3. सड़क का नाम और समस्या का विवरण लिखकर सबमिट करें।
  4. यह शिकायत सीधे संबंधित नोडल अधिकारी (SQC) और मंत्रालय को पहुंचती है और अधिकारी को 60 दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत कराकर फोटो सहित एक्शन टेकन रिपोर्ट अपलोड करनी होती है।

ग्रामीण विकास की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए हमारे पोर्टल पर उपलब्ध पीएम आवास योजना ग्रामीण और जल जीवन मिशन योजना के विस्तृत लेख भी अवश्य पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या सड़क बनने के बाद ठेकेदार की मरम्मत की जिम्मेदारी होती है?
उत्तर: हां, PMGSY के अनुबंध के अनुसार निर्माण ठेकेदार को सड़क बनने के बाद अगले 5 वर्षों तक निःशुल्क रखरखाव और मरम्मत (DLP – Defect Liability Period) करनी होती है। 5 साल तक सड़क में गड्ढे होने पर ठेकेदार को स्वयं अपने खर्चे पर उसे ठीक करना अनिवार्य है।

प्रश्न 2: क्या सड़क निर्माण के लिए जमीन का मुआवजा मिलता है?
उत्तर: PMGSY के केंद्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार सड़क के लिए आवश्यक भूमि सामान्यतः राज्य सरकार अथवा ग्रामीणों के स्वैच्छिक दान (Voluntary Donation) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण के लिए कोई मुआवजा नहीं देती; यह संबंधित राज्य सरकार की नीति पर निर्भर करता है।

प्रश्न 3: क्या PMGSY सड़क पर पुल (Bridges) भी बनाए जाते हैं?
उत्तर: हां, बारहमासी संपर्क सुनिश्चित करने के लिए सड़क के रास्ते में पड़ने वाले नालों और नदियों पर लंबे आरसीसी पुलों (Long Span Bridges – LSBs) का निर्माण भी परियोजना का अभिन्न हिस्सा होता है।

आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)

आधिकारिक वेबसाइट: omms.nic.in / pmgsy.nic.in
ग्रामीण विकास मंत्रालय पोर्टल: rural.gov.in
राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (NRIDA), नई दिल्ली: nrida.nic.in
नागरिक शिकायत समाधान: ‘मेरी सड़क’ मोबाइल ऐप (गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध)