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नमो ड्रोन दीदी योजना 2026: महिला स्वयं सहायता समूहों को फ्री कृषि ड्रोन व ₹15,000 मासिक मानदेय, देखें नियम

प्रकाशन: 10 अक्टूबर, 2026 • अद्यतित: 15 अक्टूबर, 2026 • लेखक: योजनाए संपादकीय टीम
नमो ड्रोन दीदी योजना 2026: महिला स्वयं सहायता समूहों को फ्री कृषि ड्रोन व ₹15,000 मासिक मानदेय, देखें नियम

भारतीय कृषि को आधुनिक तकनीक से लैस करने और ग्रामीण महिलाओं को अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक का अग्रणी पायलट बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा नमो ड्रोन दीदी योजना (NaMo Drone Didi Scheme) का सफल संचालन किया जा रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में संचालित इस क्रांतिकारी केंद्रीय योजना के अंतर्गत देश के 15,000 चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को फसलों पर नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशकों के छिड़काव हेतु 80% तक सब्सिडी (अधिकतम ₹8 लाख) के साथ अत्याधुनिक कृषि ड्रोन और संबंधित सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इस योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय सदस्यों को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा मान्यता प्राप्त रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (RPTO) से 15 दिनों का निःशुल्क रिमोट पायलट लाइसेंस प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही ड्रोन पायलट दीदी को प्रत्येक माह ₹15,000 का निश्चित मानदेय और किसानों के खेतों में छिड़काव सेवा से लाखों रुपये की अतिरिक्त वार्षिक कमाई का अवसर मिलता है। आइए जानते हैं योजना के सभी नियम, लाभ, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और चयन प्रक्रिया की पूरी विधि।

नमो ड्रोन दीदी योजना: मुख्य विशेषताएं व हाइलाइट्स

प्रमुख पहलू आधिकारिक नियम व विवरण
योजना का नाम नमो ड्रोन दीदी योजना (NaMo Drone Didi Scheme)
संबंधित मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय व ग्रामीण विकास मंत्रालय
भागीदार उर्वरक कंपनियां इफको (IFFCO), कृभको (KRIBHCO), एनएफएल (NFL) व आरसीएफ
कुल लक्षित समूह 15,000 महिला स्वयं सहायता समूह (SHGs)
ड्रोन खरीद पर केंद्रीय अनुदान ड्रोन व सहायक पैकेज लागत का 80% (अधिकतम ₹8,00,000 तक)
ड्रोन पायलट मानदेय ₹15,000 प्रति माह (मान्यता प्राप्त पायलट दीदी हेतु)
ड्रोन सहायक (Assistant) मानदेय लगभग ₹10,000 प्रति माह
प्रशिक्षण की अवधि 15 दिन (10 दिन ड्रोन उड़ान + 5 दिन कृषि छिड़काव व पोषक तत्व प्रबंधन)
आधिकारिक पोर्टल agricoop.gov.in / aajeevika.gov.in

योजना का मुख्य उद्देश्य

पारंपरिक रूप से पीठ पर टंकी लादकर कीटनाशक और खाद का छिड़काव करने में किसानों को अत्यधिक शारीरिक श्रम, समय और स्वास्थ्य जोखिम उठाना पड़ता है। नमो ड्रोन दीदी योजना के प्राथमिक उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • कृषि में आधुनिक प्रेसिजन फार्मिंग (Precision Farming) और ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना।
  • ड्रोन के माध्यम से मात्र 7 से 10 मिनट में 1 एकड़ खेत में समान रूप से उर्वरक व कीटनाशक का सुरक्षित छिड़काव करना।
  • पानी की 80% से 90% तक भारी बचत करना और रसायनों के सीधे संपर्क से किसानों के स्वास्थ्य की रक्षा करना।
  • ग्रामीण महिलाओं को हाई-टेक तकनीक से जोड़कर उनके सामाजिक सम्मान और वित्तीय आत्मनिर्भरता को नए आयाम देना।
  • महिला समूहों के लिए कृषि सेवा प्रदाता (Custom Hiring Center) के रूप में एक मजबूत व्यावसायिक मॉडल तैयार करना।

योजना के मुख्य लाभ व वित्तीय सहायता (Key Benefits)

नमो ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत महिला लाभार्थियों और किसान समुदाय को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

  • ₹8 लाख तक का भारी सरकारी अनुदान: 10-15 लाख रुपये तक के संपूर्ण कृषि ड्रोन पैकेज (जिसमें ड्रोन, कैमरा, स्प्रे नोजल, अतिरिक्त बैटरियां, जनरेटर, और चार्जिंग हब शामिल हैं) पर सरकार द्वारा 80% या अधिकतम ₹8 लाख की सीधी वित्तीय सहायता दी जाती है। शेष 20% राशि समूह द्वारा रियायती कृषि ऋण के जरिए वहन की जाती है।
  • सरकारी खर्च पर डीजीसीए पायलट लाइसेंस: चयनित महिला को 15 दिनों का विशेष रिमोट पायलट प्रशिक्षण निःशुल्क कराया जाता है, जिसकी सामान्य बाजार फीस ₹40,000 से ₹60,000 होती है। सफल प्रशिक्षण के बाद आधिकारिक ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट मिलता है।
  • मासिक ₹15,000 निश्चित मानदेय: ड्रोन पायलट दीदी को उर्वरक कंपनियों और क्लस्टर फेडरेशन के माध्यम से ₹15,000 प्रति माह का निश्चित मानदेय प्राप्त होता है।
  • छिड़काव सेवा से प्रति एकड़ ₹300-₹500 की अतिरिक्त कमाई: किसान अपने खेतों में छिड़काव के लिए प्रति एकड़ ₹300 से ₹500 तक का किराया देते हैं। एक दिन में 20 से 25 एकड़ छिड़काव करके समूह रोजाना ₹6,000 से ₹10,000 तक का सकल राजस्व कमा सकता है।
  • कृषि उर्वरकों की खपत में 30% कमी: नैनो यूरिया और तरल उर्वरकों के सटीक छिड़काव से फसल उत्पादन बढ़ता है और लागत घटती है।

पात्रता के विस्तृत नियम (Eligibility Criteria)

  1. आवेदक महिला भारत की नागरिक होनी चाहिए और ग्रामीण क्षेत्र की निवासी होनी चाहिए।
  2. महिला की आयु 18 वर्ष से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  3. आवेदक महिला कम से कम कक्षा 10वीं (मैट्रिक) उत्तीर्ण होनी चाहिए, ताकि वह तकनीकी दिशा-निर्देशों और उड़ान मापदंडों को समझ सके।
  4. महिला का दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत पंजीकृत किसी सक्रिय स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य होना अनिवार्य है।
  5. महिला स्मार्टफोन चलाने और तकनीकी उपकरण सीखने में सहज व उत्सुक होनी चाहिए।
  6. महिला शारीरिक रूप से स्वस्थ होनी चाहिए (मानक दृष्टि व स्वास्थ्य परीक्षण पास करना अनिवार्य)।

आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents)

  • आधार कार्ड: पहचान व आयु सत्यापन के लिए।
  • शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र: कक्षा 10वीं या 12वीं की अंकतालिका/सर्टिफिकेट।
  • स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यता प्रमाण: समूह की पासबुक और ग्राम संगठन द्वारा जारी अनुमोदन प्रस्ताव।
  • निवास प्रमाण पत्र: ग्रामीण निवास का आधिकारिक प्रमाण पत्र।
  • सक्रिय बैंक पासबुक: आधार-लिंक्ड व्यक्तिगत व समूह बैंक खाता विवरण।
  • पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर।

आवेदन प्रक्रिया: चयन व नामांकन कैसे होता है? (Step-by-Step)

नमो ड्रोन दीदी योजना में व्यक्तिगत खुला आवेदन नहीं होता, बल्कि यह समूह स्तर पर पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से संचालित होता है:

चरण 1: स्वयं सहायता समूह में प्रस्ताव पारित करना

  1. ग्राम संगठन (Village Organisation) और संकुल स्तरीय संघ (Cluster Level Federation – CLF) की बैठक में ड्रोन दीदी के लिए इच्छुक पात्र महिला का चयन किया जाता है।
  2. समूह की बैठक में सहमति का प्रस्ताव (Resolution) पारित किया जाता है।
  3. ब्लॉक मिशन प्रबंधन इकाई (BMMU) के ब्लॉक परियोजना प्रबंधक (BPM) द्वारा प्रस्ताव की जांच की जाती है।

चरण 2: जिला एवं राज्य स्तर पर चयन व प्रशिक्षण

  1. जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा चयनित महिलाओं का साक्षात्कार और प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाती है।
  2. अंतिम रूप से चयनित महिलाओं को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा अधिकृत ट्रेनिंग स्कूल (RPTO) भेजा जाता है।
  3. 15 दिनों के कठोर सैद्धांतिक और व्यावहारिक उड़ान परीक्षण के बाद उन्हें रिमोट पायलट लाइसेंस सौंपा जाता है।
  4. लीड फर्टिलाइजर कंपनियों (जैसे IFFCO) द्वारा समूह को ब्रांड-न्यू कृषि ड्रोन और सपोर्ट सिस्टम सौंप दिया जाता है।

आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें? (Status Tracking)

शॉर्टलिस्ट की गई महिला सदस्य अपने ब्लॉक मिशन प्रबंधक (BPM) अथवा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) कार्यालय में जाकर अपने ड्रोन आवंटन और पायलट ट्रेनिंग बैच की स्थिति जान सकती हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: एक कृषि ड्रोन से एक दिन में कितने एकड़ खेत में छिड़काव किया जा सकता है?
उत्तर: एक पूर्ण चार्ज बैटरी और 10-लीटर टैंक वाले आधुनिक ड्रोन से एक दिन (6-8 घंटे) में लगभग 20 से 30 एकड़ भूमि में कीटनाशक व नैनो यूरिया का सुरक्षित छिड़काव किया जा सकता है।

प्रश्न 2: यदि प्रशिक्षण के दौरान या उड़ान के समय ड्रोन खराब हो जाए तो क्या होगा?
उत्तर: आपूर्ति की जाने वाली सभी ड्रोनों का व्यापक बीमा (Comprehensive Insurance) कराया जाता है और विनिर्माता कंपनी द्वारा निर्धारित अवधि तक ऑन-साइट वारंटी व मेंटेनेंस सपोर्ट प्रदान किया जाता है।

प्रश्न 3: क्या ड्रोन दीदी को सहायक (Co-pilot/Assistant) भी मिलता है?
उत्तर: हां, प्रत्येक ड्रोन ऑपरेशन के लिए दो महिलाओं की टीम बनाई जाती है—एक मुख्य ड्रोन पायलट दीदी और दूसरी ड्रोन सहायक दीदी, जो बैटरी चार्जिंग, पानी-घोल तैयार करने और सुरक्षा का ध्यान रखती हैं। सहायक दीदी को भी मासिक मानदेय दिया जाता है।

आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)

आधिकारिक वेबसाइट: agricoop.gov.in / aajeevika.gov.in
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली: agriwelfare.gov.in
राष्ट्रीय किसान कॉल सेंटर टोल-फ्री: 1800-180-1551
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA): dgca.gov.in