देश के गंभीर रूप से दिव्यांग (Divyangjan) और विशेष योग्यजन नागरिकों को जीवन यापन के लिए सामाजिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना (IGNDPS – Indira Gandhi National Disability Pension Scheme) का सफल संचालन किया जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत संचालित इस मानवीय योजना के माध्यम से 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के 80% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले नागरिकों को प्रति माह ₹1,000 से लेकर ₹3,000 तक की निश्चित पेंशन प्रदान की जाती है।
इस योजना में केंद्र सरकार ₹300 प्रति माह का मूल अंशदान प्रदान करती है, जिसके साथ विभिन्न राज्य सरकारें अपने राज्य बजट से ₹700 से लेकर ₹2,700 तक का भारी टॉप-अप अंशदान जोड़ती हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा यूडीआईडी (UDID – Unique Disability ID) कार्ड प्रणाली लागू की गई है, जिससे दिव्यांगजनों को बार-बार मेडिकल बोर्ड के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है और सीधे बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पेंशन पहुंचती है। आइए जानते हैं योजना के सभी नियम, दिव्यांगता प्रतिशत, पेंशन दरें, पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन की पूरी विधि।
दिव्यांग पेंशन योजना (IGNDPS): मुख्य विशेषताएं व हाइलाइट्स
| प्रमुख पहलू | आधिकारिक नियम व विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना (IGNDPS) |
| मूल कार्यक्रम | राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) |
| नोडल मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय |
| पात्र आयु सीमा | 18 वर्ष से 79 वर्ष (80 वर्ष के बाद वरिष्ठ वृद्धावस्था पेंशन में रूपांतरित) |
| न्यूनतम दिव्यांगता प्रतिशत | 80% या उससे अधिक गंभीर दिव्यांगता (अथवा बहु-दिव्यांगता / Dwarfism / मस्कुलर डिस्ट्रॉफी) |
| आर्थिक श्रेणी | गरीबी रेखा से नीचे (BPL सूची में दर्ज परिवार) |
| मासिक पेंशन दर (केंद्र + राज्य) | ₹1,000 से ₹3,000 प्रति माह (संबंधित राज्य अनुसार) |
| पहचान प्रणाली | UDID कार्ड (स्वावलंबन पोर्टल द्वारा जारी डिजिटल दिव्यांग प्रमाण पत्र) |
| आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल | nsap.nic.in / swavlambancard.gov.in |
योजना का मुख्य उद्देश्य
गंभीर शारीरिक या मानसिक दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्ति सामान्य रूप से अपनी आजीविका कमाने में असमर्थ होते हैं और अक्सर परिवार या समाज पर पूर्णतः निर्भर हो जाते हैं। IGNDPS के प्राथमिक उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- गंभीर दिव्यांगजनों को नियमित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उनकी दवाओं, सहायक उपकरणों और पोषण की दैनिक जरूरतों को पूरा करना।
- दिव्यांगजनों को पराधीनता और बेबसी के अहसास से मुक्त कर आत्मसम्मान व गरिमा के साथ जीने का अवसर देना।
- दिव्यांग बच्चों और वयस्कों के परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना।
- दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act) के तहत समान अवसर और सामाजिक सुरक्षा के संवैधानिक संकल्प को पूरा करना।
योजना के मुख्य लाभ व वित्तीय सहायता (Key Benefits)
दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत पंजीकृत लाभार्थियों को मिलने वाले प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- मासिक पेंशन सहायता: केंद्र सरकार के ₹300 और राज्य सरकार के टॉप-अप के साथ ₹1,000 से ₹3,000 प्रति माह की नियमित पेंशन मिलती है (उदाहरण के लिए दिल्ली और हरियाणा में ₹2,500 से ₹3,000 प्रति माह, उत्तर प्रदेश में ₹1,000 प्रति माह, और तमिलनाडु में ₹1,500 प्रति माह)।
- मुफ्त कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण: पेंशनभोगी दिव्यांगजनों को एलिम्को (ALIMCO) और एडीआईपी योजना (ADIP Scheme) के तहत मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, कैलिपर्स और ब्रेल किट निःशुल्क प्रदान किए जाते हैं।
- निःशुल्क यात्रा पास: योजना के लाभार्थियों को राज्य परिवहन निगम की बसों और भारतीय रेल में निःशुल्क अथवा 75% तक रियायती यात्रा की सुविधा मिलती है।
- आयुष्मान भारत के तहत निःशुल्क चिकित्सा: दिव्यांग पेंशनभोगी परिवारों को आयुष्मान भारत कार्ड जारी किए जाते हैं, जिसके तहत प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मुफ्त मिलता है।
पात्रता के विस्तृत नियम (Eligibility Criteria)
- आवेदक भारत का स्थायी नागरिक और संबंधित राज्य का मूल निवासी होना चाहिए।
- आवेदक की आयु 18 वर्ष से 79 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- सक्षम मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) या मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र के अनुसार आवेदक की दिव्यांगता न्यूनतम 80% (गंभीर दिव्यांगता) होनी चाहिए। (कई राज्यों में 40% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को भी राज्य निधि से पेंशन दी जाती है)।
- आवेदक का परिवार केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी में आता हो।
- आवेदक किसी अन्य सरकारी संस्था या योजना से कोई अन्य नियमित पेंशन प्राप्त न कर रहा हो।
आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents)
- UDID कार्ड / दिव्यांगता प्रमाण पत्र: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा हस्ताक्षरित न्यूनतम 80% (या 40% राज्य नियम अनुसार) का दिव्यांगता प्रमाण पत्र या स्वावलंबन पोर्टल का UDID कार्ड।
- आधार कार्ड: आवेदक का आधार कार्ड (पहचान व डीबीटी लिंकिंग हेतु)।
- आयु प्रमाण पत्र: जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल सर्टिफिकेट या आधार कार्ड।
- बीपीएल प्रमाण पत्र / राशन कार्ड: बीपीएल सूची में दर्ज नाम की प्रति या बीपीएल/अंत्योदय राशन कार्ड।
- आय प्रमाण पत्र: सक्षम राजस्व अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र।
- सक्रिय बैंक पासबुक: आधार-लिंक्ड बैंक बचत खाता संख्या और आईएफएससी कोड।
- दिव्यांगता दर्शाती पूर्ण आकार की फोटो और मोबाइल नंबर।
आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)
दिव्यांग पेंशन के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया डिजिटल और अत्यंत सुगम है:
विधि 1: राष्ट्रीय NSAP पोर्टल अथवा राज्य समाज कल्याण पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन
- आधिकारिक पोर्टल nsap.nic.in पर जाएं या अपने राज्य के समाज कल्याण पेंशन पोर्टल (जैसे sspy-up.gov.in, ssp.rajasthan.gov.in) पर जाएं।
- ‘Apply Online / नया दिव्यांग पेंशन पंजीकरण’ विकल्प पर क्लिक करें और ‘Indira Gandhi National Disability Pension Scheme (IGNDPS)’ चुनें।
- अपना आधार नंबर और UDID नंबर दर्ज कर प्रमाणीकरण पूरा करें।
- व्यक्तिगत जानकारी, अभिभावक/माता-पिता का नाम, दिव्यांगता का प्रकार (दृष्टिबाधित, मूक-बधिर, अस्थि दिव्यांग, सेरेब्रल पाल्सी आदि) और प्रतिशत भरें।
- बीपीएल सर्वेक्षण संख्या, राशन कार्ड संख्या और आय का ब्योरा दर्ज करें।
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- बैंक शाखा का चयन करें, खाता संख्या दर्ज करें और फॉर्म सबमिट करें।
- आवेदन पावती (Acknowledgement Slip) का प्रिंट आउट निकाल लें।
विधि 2: जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन
दिव्यांगजन अथवा उनके अभिभावक अपने जिले के जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी (District Disability Welfare Officer) कार्यालय अथवा ब्लॉक कार्यालय में जाकर भी ऑफलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।
आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें? (Status Tracking)
पोर्टल पर ‘आवेदन की स्थिति देखें’ लिंक पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें। मेडिकल बोर्ड सत्यापन, तहसील जांच और पेंशन संवितरण की वास्तविक स्थिति स्क्रीन पर दिखाई देगी।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या 40% दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को पेंशन मिलती है?
उत्तर: राष्ट्रीय योजना (IGNDPS) के तहत केंद्र सरकार केवल 80% या उससे अधिक गंभीर दिव्यांगता पर अंशदान देती है। किंतु अधिकांश राज्य सरकारें (जैसे यूपी, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि) 40% या अधिक दिव्यांगता वाले सभी नागरिकों को अपने राज्य कोष से पूरी पेंशन देती हैं।
प्रश्न 2: UDID कार्ड क्या है और यह कैसे बनता है?
उत्तर: यूडीआईडी (Unique Disability ID) कार्ड केंद्र सरकार द्वारा जारी एक राष्ट्रीय डिजिटल पहचान पत्र है। इसे swavlambancard.gov.in पोर्टल पर मेडिकल बोर्ड के माध्यम से ऑनलाइन बनवाया जाता है, जो पूरे भारत में मान्य है।
प्रश्न 3: क्या 18 वर्ष से कम उम्र के दिव्यांग बच्चों को पेंशन मिलती है?
उत्तर: राष्ट्रीय IGNDPS योजना 18 वर्ष से ऊपर के वयस्कों के लिए है, किंतु कई राज्य सरकारें 18 वर्ष से कम आयु के गंभीर दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष बाल पेंशन या पालनहार योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं।
आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)
आधिकारिक वेबसाइट: nsap.nic.in
स्वावलंबन दिव्यांग पोर्टल: swavlambancard.gov.in
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग राष्ट्रीय हेल्पलाइन: 1800-111-555
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नई दिल्ली: disabilityaffairs.gov.in