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PMEGP लोन योजना 2026: बिजनेस व मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹50 लाख तक लोन, 35% सब्सिडी, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

प्रकाशन: 10 अक्टूबर, 2026 • अद्यतित: 15 अक्टूबर, 2026 • लेखक: योजनाए संपादकीय टीम
PMEGP लोन योजना 2026: बिजनेस व मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹50 लाख तक लोन, 35% सब्सिडी, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

देश के बेरोजगार युवाओं, पारंपरिक कारीगरों और नए उद्यमियों को स्वयं का उद्योग या सेवा व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय संबल प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP – Prime Minister’s Employment Generation Programme) का सफल संचालन किया जा रहा है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of MSME) द्वारा खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के नोडल समन्वय में संचालित यह देश की सबसे बड़ी क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जिसके माध्यम से नए विनिर्माण उद्यमों के लिए ₹50 लाख तक और सेवा इकाइयों के लिए ₹20 लाख तक का बैंक लोन भारी सरकारी सब्सिडी के साथ उपलब्ध कराया जाता है।

PMEGP योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 15% से 35% तक की पूंजीगत सब्सिडी (Margin Money Subsidy) है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष श्रेणी (महिला, SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, पूर्व सैनिक व दिव्यांग) के उद्यमियों को परियोजना लागत का 35% हिस्सा सरकारी अनुदान के रूप में मिलता है, जिसे वापस नहीं लौटाना होता। इसके अलावा सफल मौजूदा इकाइयों के विस्तार व आधुनिकीकरण के लिए ₹1 करोड़ तक का दूसरा लोन (Second Loan for Upgradation) भी 15% से 20% सब्सिडी के साथ दिया जाता है। आइए जानते हैं योजना के सभी नियम, सब्सिडी स्लैब, पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन की पूरी विधि।

PMEGP लोन योजना: मुख्य विशेषताएं व हाइलाइट्स

प्रमुख पहलू आधिकारिक नियम व विवरण
योजना का नाम प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)
नोडल मंत्रालय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of MSME)
राष्ट्रीय नोडल एजेंसी खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC)
कार्यान्वयन एजेंसियां KVIC, KVIB, जिला उद्योग केंद्र (DIC) व कॉयर बोर्ड
अधिकतम परियोजना लागत (मैन्युफैक्चरिंग) ₹50,00,000 (पचास लाख रुपये तक)
अधिकतम परियोजना लागत (सेवा क्षेत्र) ₹20,00,000 (बीस लाख रुपये तक)
सरकारी सब्सिडी दर (ग्रामीण विशेष वर्ग) परियोजना लागत का 35% (मार्जिन मनी सब्सिडी)
सरकारी सब्सिडी दर (शहरी विशेष वर्ग) परियोजना लागत का 25%
सरकारी सब्सिडी दर (सामान्य वर्ग – ग्रामीण/शहरी) ग्रामीण: 25% | शहरी: 15%
स्वयं का अंशदान (Own Contribution) सामान्य वर्ग: 10% | विशेष वर्ग: मात्र 5%
आधिकारिक पोर्टल kviconline.gov.in/pmegpeportal

योजना का मुख्य उद्देश्य

भारत में लाखों शिक्षित और कुशल युवाओं के पास अभिनव व्यावसायिक विचार होते हैं, लेकिन पर्याप्त पूंजी और जमानत (Collateral) के अभाव में वे अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पाते। PMEGP के प्राथमिक उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से बड़े पैमाने पर स्थायी स्वरोजगार के अवसर पैदा करना।
  • पारंपरिक दस्तकारों, ग्रामीण कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को संगठित उद्यमिता से जोड़ना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार की तलाश में शहरों की ओर होने वाले पलायन (Urban Migration) को रोकना।
  • देश के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना।

योजना के मुख्य लाभ व सब्सिडी ढांचा (Key Benefits & Margin Money Subsidy)

PMEGP योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को निम्नलिखित श्रेणियों में सरकारी अनुदान और ऋण सुविधाएं प्रदान की जाती हैं:

1. श्रेणीवार और क्षेत्रवार सब्सिडी का अनुपात

लाभार्थी श्रेणी स्वयं का अंशदान (Own Contribution) शहरी क्षेत्र में सब्सिडी (Margin Money) ग्रामीण क्षेत्र में सब्सिडी (Margin Money)
सामान्य श्रेणी (General Male) 10% 15% 25%
विशेष श्रेणी (महिलाएं, SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, पूर्व सैनिक, पूर्वोत्तर राज्य) 5% 25% 35%

2. अतिरिक्त लाभ और सुविधाएं

  • ₹50 लाख तक का बड़ा लोन: आटा चक्की, मसाला उद्योग, तेल मिल, बेकरी, फ्लाई ऐश ईंट, रेडीमेड वस्त्र, फर्नीचर जैसे विनिर्माण कार्यों के लिए ₹50 लाख तक का ऋण मिलता है।
  • सेवा क्षेत्र के लिए ₹20 लाख लोन: ऑटोमोबाइल रिपेयर वर्कशॉप, रेस्टोरेंट, ब्यूटी पार्लर, डायग्नोस्टिक सेंटर, लॉजिस्टिक्स और मोबाइल सर्विस सेंटर जैसे सेवा व्यवसायों के लिए ₹20 लाख तक की सहायता।
  • उद्यमिता विकास प्रशिक्षण (EDP Training): लोन स्वीकृत होने के बाद आवेदक को 5 से 10 दिनों का निःशुल्क उद्यमिता प्रशिक्षण ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड में कराया जाता है।
  • बिना किसी संपत्ति बंधक (CGTMSE कवरेज): ₹10 लाख तक के ऋण बिना किसी कोलेटरल गारंटी के दिए जाते हैं, क्योंकि यह क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट (CGTMSE) के तहत सुरक्षित होते हैं।

पात्रता के विस्तृत नियम (Eligibility Criteria)

  1. आवेदक भारत का स्थायी नागरिक होना चाहिए और उसकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए (कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है)।
  2. शैक्षणिक योग्यता: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ₹10 लाख से अधिक और सर्विस सेक्टर में ₹5 लाख से अधिक की परियोजना के लिए आवेदक को कम से कम कक्षा 8वीं पास होना अनिवार्य है। (इससे कम लागत वाली परियोजनाओं के लिए कोई शैक्षणिक बाध्यता नहीं है)।
  3. स्वयं सहायता समूह (SHG), सहकारी समितियां, चैरिटेबल ट्रस्ट और उत्पादक कंपनियां भी PMEGP के तहत पात्र हैं।
  4. यह सहायता केवल नए उद्यम (New Projects) स्थापित करने के लिए दी जाती है। पहले से चल रही पुरानी इकाइयों को इस घटक में शामिल नहीं किया जाता।
  5. आवेदक ने पहले किसी अन्य सरकारी योजना (जैसे पीएमआरवाई, आरईजीपी, मुद्रा आदि) के तहत पूंजीगत सब्सिडी का लाभ न लिया हो।

आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents)

  • आधार कार्ड और पैन कार्ड: पहचान व वित्तीय सत्यापन हेतु।
  • शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र: 8वीं, 10वीं या उच्च योग्यता की अंकतालिका या टीसी।
  • विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR – Detailed Project Report): व्यवसाय का स्वरूप, मशीनरी की सूची व कोटेशन, कार्यशील पूंजी की आवश्यकता और अनुमानित लाभ-हानि का ब्योरा।
  • जाति प्रमाण पत्र: SC / ST / OBC / अल्पसंख्यक वर्ग के लाभार्थियों के लिए विशेष 35% सब्सिडी हेतु।
  • ग्रामीण क्षेत्र प्रमाण पत्र (Rural Certificate): ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने पर ग्राम प्रधान/बीडीओ द्वारा जारी प्रमाण पत्र (25% या 35% सब्सिडी पाने हेतु आवश्यक)।
  • विशेष श्रेणी प्रमाण पत्र: दिव्यांगता या भूतपूर्व सैनिक प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।
  • पासपोर्ट साइज फोटो और सक्रिय बैंक खाता विवरण।

आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)

PMEGP के तहत आवेदन की प्रक्रिया 100% ऑनलाइन और पारदर्शी है, जिसमें किसी भी कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होती:

चरणबद्ध ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

  1. आधिकारिक PMEGP ई-पोर्टल kviconline.gov.in/pmegpeportal पर जाएं।
  2. होमपेज पर ‘Application for New Unit (व्यक्तिगत आवेदक हेतु आवेदन)’ पर क्लिक करें।
  3. अपना आधार नंबर दर्ज कर नाम व आधार प्रमाणीकरण पूरा करें।
  4. कार्यान्वयन एजेंसी चुनें—KVIC, KVIB, अथवा DIC (जिला उद्योग केंद्र)।
  5. व्यक्तिगत विवरण—लिंग, श्रेणी, जन्मतिथि, पता, शैक्षणिक योग्यता और फोन नंबर भरें।
  6. प्रस्तावित व्यवसाय का प्रकार (Manufacturing / Service / Trading) और इकाई का स्थान (Rural / Urban) चुनें।
  7. प्रस्तावित उद्योग का नाम, पूंजीगत व्यय (मशीनरी लागत) और कार्यशील पूंजी (Working Capital) का ब्योरा भरें।
  8. उस पसंदीदा बैंक (जैसे SBI, PNB, BoB, Canara Bank आदि) और शाखा का चयन करें जिससे आप लोन लेना चाहते हैं।
  9. आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, ग्रामीण प्रमाण पत्र, और डीपीआर (DPR) पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करें।
  10. फॉर्म सबमिट करने पर एक एप्लीकेशन आईडी और पासवर्ड जनरेट होगा, जिसे सुरक्षित रखें।
  11. आवेदन सीधे जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति (DLTFC) और संबंधित बैंक शाखा को ऑनलाइन भेजा जाता है। बैंक द्वारा परियोजना की व्यवहार्यता जांचने के बाद ऋण स्वीकृत कर दिया जाता है।

आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें? (Status Tracking)

PMEGP ई-पोर्टल पर ‘Login for Existing Applicant’ विकल्प में जाकर अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें। आपके आवेदन की समीक्षा, एजेंसी जांच, बैंक स्वीकृति और मार्जिन मनी सब्सिडी के 3 साल के सावधि जमा (TDR) में क्रेडिट होने की स्थिति लाइव प्रदर्शित होगी।

उद्यमिता और सूक्ष्म व्यवसाय से जुड़े अन्य उपयोगी लेखों के लिए हमारे पोर्टल पर उपलब्ध प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और स्टैंड-अप इंडिया योजना के विस्तृत विश्लेषण भी अवश्य पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: PMEGP की मार्जिन मनी सब्सिडी कैसे मिलती है और क्या यह सीधे खाते में आ जाती है?
उत्तर: बैंक द्वारा लोन की पहली किस्त जारी होते ही सरकार मार्जिन मनी सब्सिडी की राशि बैंक को भेज देती है। बैंक इसे लाभार्थी के नाम पर 3 साल के लिए सावधि जमा (TDR / Fixed Deposit) के रूप में लॉक रखता है। 3 साल तक इकाई के सफल संचालन के भौतिक सत्यापन के बाद यह राशि लोन खाते में समायोजित (Adjust) कर दी जाती है।

प्रश्न 2: क्या ट्रेडिंग (दुकान या माल की खरीद-फरोख्त) के लिए PMEGP लोन मिलता है?
उत्तर: हालिया संशोधन के तहत अब गैर-कृषि आधारित खुदरा व्यापार (Retail Trading) और चयनित व्यावसायिक गतिविधियों को भी शर्तों के साथ अनुमति दी गई है, किंतु प्राथमिकता विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को दी जाती है।

प्रश्न 3: EDP ट्रेनिंग कैसे पूरी की जाती है?
उत्तर: लोन स्वीकृति के बाद उद्यमी KVIC के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल (udyami.org.in) पर घर बैठे अपने मोबाइल से वीडियो देखकर ऑनलाइन EDP कोर्स पूरा कर सकता है और तुरंत प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकता है।

आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)

आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल: kviconline.gov.in/pmegpeportal
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) हेल्पलाइन: 022-26711003
MSME मंत्रालय राष्ट्रीय हेल्पडेस्क: 1800-180-6763
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय: msme.gov.in