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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2026: बेटियों को ₹25,000 की सरकारी सहायता, 6 किस्तों में लाभ, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

प्रकाशन: 10 अक्टूबर, 2026 • अद्यतित: 15 अक्टूबर, 2026 • लेखक: योजनाए संपादकीय टीम
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2026: बेटियों को ₹25,000 की सरकारी सहायता, 6 किस्तों में लाभ, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

उत्तर प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या पर प्रभावी रोक लगाने, बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा स्तर में सुधार करने और बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (MKSY – Mukhyamantri Kanya Sumangala Yojana) का सफल संचालन किया जा रहा है। महिला कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी कल्याणकारी योजना के अंतर्गत राज्य की पात्र बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा (डिग्री/डिप्लोमा) तक 6 विभिन्न चरणों में कुल ₹25,000 की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से प्रदान की जाती है।

पूर्व में इस योजना के तहत कुल ₹15,000 की सहायता राशि दी जाती थी, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संशोधित कर वित्तीय वर्ष 2024-25 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया है। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को इस योजना का लाभ दिया जाता है (विशेष परिस्थितियों में जुड़वां बच्चियों के होने पर तीसरी बेटी भी पात्र है)। आइए जानते हैं योजना के सभी संशोधित नियम, छह किस्तों का विवरण, पात्रता शर्तें, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन की पूरी विधि।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना: मुख्य विशेषताएं व हाइलाइट्स

प्रमुख पहलू आधिकारिक नियम व विवरण
योजना का नाम मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (MKSY)
संबंधित राज्य उत्तर प्रदेश (UP State Government)
संचालक विभाग महिला कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन
कुल संशोधित वित्तीय सहायता ₹25,000 (छह चरणों में डीबीटी द्वारा)
लाभार्थी सीमा एक परिवार की अधिकतम दो बालिकाएं (जुड़वां होने पर तीन)
पारिवारिक वार्षिक आय सीमा अधिकतम ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) प्रति वर्ष
सहायता का माध्यम प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) – बालिका/माता-पिता का बैंक खाता
आधिकारिक पोर्टल mksy.up.gov.in

योजना का मुख्य उद्देश्य

उत्तर प्रदेश में बाल लिंगानुपात में सुधार करना और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना इस योजना का केंद्रीय लक्ष्य है:

  • कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर पूर्ण विराम लगाना।
  • बेटियों के जन्म को उत्सव का रूप देना और संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) को बढ़ावा देना।
  • नवजात बालिकाओं का शत-प्रतिशत नियमित टीकाकरण सुनिश्चित कर बाल मृत्यु दर घटाना।
  • स्कूली शिक्षा में बालिकाओं का शत-प्रतिशत नामांकन कराना और माध्यमिक व उच्च शिक्षा में ड्रॉप-आउट रोकना।
  • बालिकाओं को उच्च शिक्षा और तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु वित्तीय प्रोत्साहन देना।

योजना के मुख्य लाभ व 6 किस्तों का विवरण (Revised Installments Breakdown)

संशोधित नियमों के अनुसार बालिकाओं के जीवन के विभिन्न शैक्षणिक और विकास चरणों में कुल ₹25,000 की राशि इस प्रकार वितरित की जाती है:

चरण / श्रेणी बालिका का विकास चरण संशोधित अनुदान राशि
श्रेणी 1 बालिका के जन्म होने पर (जन्म के 6 माह के भीतर आवेदन) ₹5,000 (एकमुश्त)
श्रेणी 2 1 वर्ष की आयु पूरी होने पर व पूर्ण टीकाकरण के बाद ₹2,000 (एकमुश्त)
श्रेणी 3 चालू शैक्षणिक सत्र में कक्षा 1 में प्रवेश लेने पर ₹3,000 (एकमुश्त)
श्रेणी 4 चालू शैक्षणिक सत्र में कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर ₹3,000 (एकमुश्त)
श्रेणी 5 चालू शैक्षणिक सत्र में कक्षा 9 में प्रवेश लेने पर ₹5,000 (एकमुश्त)
श्रेणी 6 कक्षा 10वीं/12वीं उत्तीर्ण कर स्नातक डिग्री या 2 वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश लेने पर ₹7,000 (एकमुश्त)
कुल कुल संचयी सहायता राशि ₹25,000

पात्रता के विस्तृत नियम (Eligibility Criteria)

  1. लाभार्थी बालिका का परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसके पास यूपी का वैध निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  2. परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  3. परिवार में अधिकतम दो बेटियां ही इस योजना के लिए पात्र होंगी।
  4. अपवाद: यदि पहली संतान बेटी है और दूसरे प्रसव में जुड़वां बेटियां पैदा होती हैं, तो तीनों बेटियों को योजना का लाभ मिलेगा।
  5. यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को कानूनी रूप से गोद (Adopt) लिया है, तो जैविक संतानों और गोद ली गई बच्ची सहित अधिकतम दो बालिकाओं को लाभ मिलेगा।
  6. बालिका का जन्म संस्थागत प्रसव (अस्पताल/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में हुआ होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents)

  • निवास प्रमाण पत्र: उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र, बिजली बिल या राशन कार्ड।
  • पारिवारिक आय प्रमाण पत्र: तहसीलदार द्वारा जारी अधिकतम ₹3 लाख का डिजिटल आय प्रमाण पत्र।
  • बालिका का जन्म प्रमाण पत्र: नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत द्वारा जारी डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र।
  • टीकाकरण कार्ड (MCP Card): श्रेणी 2 के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी / स्वास्थ्य केंद्र द्वारा जारी टीकाकरण कार्ड।
  • विद्यालय प्रवेश प्रमाण पत्र (School Admission Certificate): कक्षा 1, 6, 9 और कॉलेज में प्रवेश का बोनाफाइड प्रमाण पत्र व फीस रसीद।
  • माता-पिता एवं बालिका का आधार कार्ड: पहचान व ई-केवाईसी हेतु।
  • सक्रिय बैंक पासबुक: मां या पिता के साथ बालिका का संयुक्त बैंक बचत खाता (या बालिका का एकल खाता)।
  • परिवार का संयुक्त फोटो और शपथ पत्र।

आवेदन प्रक्रिया: mksy.up.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए आवेदन 100% ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं:

चरणबद्ध ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

  1. आधिकारिक पोर्टल mksy.up.gov.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर ‘नागरिक सेवा पोर्टल (आवेदन करें)’ विकल्प पर क्लिक करें।
  3. नियम व शर्तों पर सहमति दें और ‘जारी रखें’ पर क्लिक करें।
  4. अभिभावक का नाम, बालिका से संबंध, मोबाइल नंबर और आधार नंबर दर्ज करके ओटीपी सत्यापन पूरा करें।
  5. सत्यापन के बाद यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा, जिससे पोर्टल पर लॉगिन करें।
  6. लॉगिन के बाद ‘बालिका जोड़ें (Add Beneficiary)’ पर क्लिक करें और बालिका का विवरण भरें।
  7. उस श्रेणी (श्रेणी 1 से श्रेणी 6) का चयन करें जिसके लिए आप आवेदन कर रहे हैं।
  8. आवश्यक दस्तावेज (जन्म प्रमाण, आय प्रमाण, प्रवेश रसीद, बैंक पासबुक) पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करें।
  9. फॉर्म सबमिट करने पर एक आवेदन संदर्भ संख्या (Application ID) जनरेट होगी, जिसे सुरक्षित प्रिंट कर लें।
  10. आवेदन खंड विकास अधिकारी (BDO) / एसडीएम और जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) द्वारा ऑनलाइन सत्यापित होकर स्वीकृत कर दिया जाता है।

आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें? (Status Tracking)

पोर्टल पर ‘आवेदन की स्थिति ट्रैक करें’ मेनू में जाकर अपनी एप्लीकेशन आईडी दर्ज करें। ब्लॉक स्तर सत्यापन, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुमोदन और ट्रेजरी द्वारा पीएफएमएस (PFMS) के माध्यम से बैंक खाते में राशि ट्रांसफर होने की लाइव स्थिति प्रदर्शित हो जाएगी।

उत्तर प्रदेश और बालिकाओं से जुड़ी अन्य प्रमुख योजनाओं के लिए हमारे पोर्टल पर उपलब्ध सुकन्या समृद्धि योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के विस्तृत मार्गदर्शक लेख भी अवश्य पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या पहले से जन्म ले चुकी बड़ी बेटियां भी इस योजना में आवेदन कर सकती हैं?
उत्तर: हां, यदि बालिका कक्षा 1, 6, 9 या कॉलेज में पढ़ रही है और परिवार की आय ₹3 लाख से कम है, तो वह सीधे संबंधित कक्षा वाली श्रेणी (श्रेणी 3, 4, 5 या 6) के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती है।

प्रश्न 2: जन्म के समय की ₹5,000 की पहली किस्त के लिए कब तक आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: बालिका के जन्म की तारीख से अधिकतम 6 माह के भीतर श्रेणी 1 के लिए आवेदन करना अनिवार्य होता है। 6 माह बाद जन्म श्रेणी का आवेदन स्वीकार नहीं होता।

प्रश्न 3: क्या बैंक खाता बालिका के नाम होना अनिवार्य है?
उत्तर: श्रेणी 1 से 5 तक के लिए माता या पिता के साथ संयुक्त खाता मान्य है। श्रेणी 6 (कॉलेज स्तर) के लिए बालिका के स्वयं के नाम का एकल (Single) बैंक खाता अनिवार्य होता है।

आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)

आधिकारिक पोर्टल: mksy.up.gov.in
महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन: mahilakalyan.up.nic.in
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला हेल्पलाइन / महिला हेल्पलाइन: 181
सीएम हेल्पलाइन उत्तर प्रदेश: 1076