बिहार के प्रत्येक ग्रामीण और शहरी परिवार तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाकर जल जनित बीमारियों को समाप्त करने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा बिहार हर घर नल का जल योजना (Bihar Har Ghar Nal Ka Jal Yojana) का ऐतिहासिक संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी सात निश्चय (Seven Resolves) कार्यक्रम के अंतर्गत पंचायती राज विभाग (PRD) और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) द्वारा संचालित इस क्रांतिकारी मिशन के तहत राज्य के 1.60 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को निःशुल्क घरेलू नल जल कनेक्शन (Tap Water Connection) उपलब्ध कराया गया है।
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण नागरिक को प्रतिदिन न्यूनतम 70 लीटर प्रति व्यक्ति (LPCD) शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाती है। आर्सेनिक, फ्लोराइड और अत्यधिक आयरन प्रभावित क्षेत्रों में विशेष जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plants) लगाए गए हैं ताकि ग्रामीणों को विषैले भूजल से मुक्ति मिल सके। इसके अलावा अब योजना के दीर्घकालिक रखरखाव हेतु प्रत्येक वार्ड में वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति (WIMC) और ‘अनुरक्षक’ (Pump Operator) की तैनाती की गई है तथा खराबी की सूचना देने हेतु राज्यव्यापी डिजिटल शिकायत पोर्टल व कॉल सेंटर स्थापित किया गया है। आइए जानते हैं योजना के सभी नियम, लाभ, पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज, नल कनेक्शन प्रक्रिया और खराबी पर शिकायत दर्ज कराने की पूरी विधि।
बिहार हर घर नल का जल योजना: मुख्य विशेषताएं व हाइलाइट्स
| प्रमुख पहलू | आधिकारिक नियम व विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | हर घर नल का जल निश्चय योजना (Har Ghar Nal Ka Jal) |
| संबंधित राज्य | बिहार (Bihar State Government) |
| मूल कार्यक्रम | मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना (MNSSBY निश्चय-3) |
| संयुक्त नोडल विभाग | पंचायती राज विभाग (PRD) एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) |
| प्रति व्यक्ति जल आपूर्ति मानक | न्यूनतम 70 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन (70 LPCD) |
| कनेक्शन शुल्क | शून्य (100% निःशुल्क नल कनेक्शन) |
| रखरखाव व्यवस्था | वार्ड सदस्य एवं अनुरक्षक द्वारा दैनिक जल आपूर्ति व रखरखाव |
| गुणवत्ता जांच मानक | आर्सेनिक, फ्लोराइड व आयरन मुक्त बीआईएस (BIS 10500) पेयजल मानक |
| आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल | prdbihar.gov.in / phded.bihar.gov.in |
योजना का मुख्य उद्देश्य
बिहार के कई जिलों में भूजल में खतरनाक आर्सेनिक, फ्लोराइड और बैक्टीरिया पाए जाने से लोग गंभीर बीमारियों, दिव्यांगता और कैंसर के शिकार हो रहे थे। इस योजना के प्राथमिक उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- राज्य के सभी 1 लाख 14 हजार से अधिक ग्रामीण वार्डों में हर घर तक शुद्ध व स्वच्छ पेयजल की स्थायी आपूर्ति सुनिश्चित करना।
- महिलाओं और बालिकाओं को दूर-दराज के चापाकलों (हैंडपंपों) या कुओं से भारी बाल्टियों में पानी ढोने के भारी शारीरिक श्रम से मुक्ति दिलाना।
- डायरिया, पेचिश, हैजा, पीलिया और फ्लोरोसिस जैसी घातक जल-जनित बीमारियों का समूल नाश करना।
- ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार लाना और सामाजिक समानता स्थापित करना, जहां सभी जातियों और वर्गों के घरों में एक समान शुद्ध पानी पहुंचे।
योजना के मुख्य लाभ व सुविधाएं (Key Benefits)
हर घर नल का जल योजना के तहत बिहार के नागरिकों को निम्नलिखित अभूतपूर्व सुविधाएं प्राप्त हुई हैं:
- निःशुल्क घरेलू पाइपलाइन कनेक्शन: मुख्य जल मीनार (Overhead Water Tank / बोरवेल) से प्रत्येक घर के आंगन या रसोई तक मुफ्त में पीवीसी पाइपलाइन बिछाकर पीतल/प्लास्टिक की टोंटी (Tap) लगाई जाती है। इसके लिए नागरिक से कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
- दिन में 3 बार नियमित जलापूर्ति: योजना के तहत दिन में तीन समय (सुबह 6 से 8 बजे, दोपहर 12 से 1 बजे, और शाम 5 से 7 बजे) नियमित रूप से ताजा और ठंडा पानी चालू किया जाता है।
- आर्सेनिक व फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में विशेष समाधान: गंगा के मैदानी इलाकों में अत्यधिक आर्सेनिक और दक्षिण बिहार में फ्लोराइड को नष्ट करने के लिए आधुनिक सोलर संचालित फिल्टर प्लांट लगाए गए हैं।
- स्थानीय स्तर पर रोजगार: प्रत्येक वार्ड में पानी की मोटर चालू-बंद करने और पाइपलाइन की मरम्मत के लिए स्थानीय निवासी को ‘अनुरक्षक’ नियुक्त किया गया है, जिसे नियमित मानदेय मिलता है।
- आपातकालीन जल आपूर्ति: मोटर जलने या पाइपलाइन टूटने की स्थिति में पीएचईडी द्वारा आपातकालीन टैंकरों से तत्काल पानी की व्यवस्था की जाती है।
पात्रता के विस्तृत नियम (Eligibility Criteria)
- आवेदक परिवार बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसका मकान संबंधित ग्राम पंचायत के वार्ड अथवा शहरी निकाय क्षेत्र में स्थित होना चाहिए।
- परिवार का घर उस वार्ड में होना चाहिए जहां नल-जल योजना की मुख्य वितरण पाइपलाइन बिछाई गई है।
- योजना सार्वभौमिक है; इसमें बीपीएल, एपीएल, जाति अथवा धर्म का कोई भेद नहीं है। वार्ड के प्रत्येक रिहायशी मकान को नल कनेक्शन पाने का पूर्ण वैधानिक अधिकार है।
- किराए के मकानों में रहने वाले परिवार भी मकान मालिक की सहमति से कनेक्शन का लाभ ले सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents)
- आधार कार्ड: परिवार के मुखिया का आधार कार्ड (पहचान व सत्यापन हेतु)।
- राशन कार्ड या वोटर आईडी: पते और वार्ड संख्या के प्रमाण हेतु।
- मकान का होल्डिंग नंबर या आवासीय प्रमाण: संबंधित वार्ड में निवास का प्रमाण।
- सक्रिय मोबाइल नंबर: शिकायत दर्ज कराने और जल आपूर्ति एसएमएस अलर्ट प्राप्त करने हेतु।
आवेदन प्रक्रिया: छूटे हुए घरों में नल कनेक्शन कैसे प्राप्त करें? (Step-by-Step)
यदि किसी ग्रामीण नागरिक के घर में अभी तक नल कनेक्शन नहीं लगा है, तो कनेक्शन पाने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
चरणबद्ध आवेदन प्रक्रिया
- नागरिक अपने वार्ड के वार्ड सदस्य (Ward Member) अथवा वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति (WIMC) के सचिव से संपर्क करें।
- एक सादे कागज पर अपने परिवार का विवरण, मुखिया का नाम, आधार नंबर और मकान का सटीक स्थान लिखकर आवेदन प्रस्तुत करें।
- वार्ड सदस्य द्वारा इस आवेदन को पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान (मुखिया) के संज्ञान में लाया जाता है।
- प्रखंड स्तर पर कार्यरत कनीय अभियंता (Junior Engineer – JE / PHED) द्वारा स्थल का भौतिक निरीक्षण किया जाता है।
- वार्ड के चालू जल मीनार (Borewell Network) से अतिरिक्त पाइपलाइन जोड़कर आवेदक के घर में निःशुल्क नल कनेक्शन स्थापित कर दिया जाता है।
सड़क या पाइपलाइन टूटने पर शिकायत निवारण प्रक्रिया (Complaint Redressal)
यदि आपके वार्ड में मोटर जल गई है, पाइपलाइन फट गई है, गंदा पानी आ रहा है या अनुरक्षक पानी नहीं चला रहा है, तो सरकार के एकीकृत कॉल सेंटर पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं:
- पंचायती राज विभाग के राज्यव्यापी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-345-1510 अथवा पीएचईडी हेल्पलाइन 1800-123-1121 पर कॉल करें।
- कॉल सेंटर ऑपरेटर को अपना जिला, प्रखंड, ग्राम पंचायत, वार्ड नंबर और समस्या का विवरण बताएं।
- शिकायत दर्ज होते ही आपके मोबाइल पर एक शिकायत ट्रैकिंग नंबर (Complaint Ticket ID) एसएमएस द्वारा प्राप्त होगा।
- नियमों के अनुसार विभागीय मोबाइल मेंटेनेंस टीम को 48 से 72 घंटे के भीतर मौके पर पहुंचकर खराबी ठीक करना अनिवार्य है।
आवेदन व शिकायत की स्थिति कैसे चेक करें? (Status Tracking)
नागरिक prdbihar.gov.in अथवा phded.bihar.gov.in पोर्टल पर ‘Grievance Redressal / शिकायत की स्थिति देखें’ लिंक पर जाकर अपना टिकट नंबर दर्ज करके अपनी शिकायत के निस्तारण और विभागीय कार्रवाई की अद्यतन स्थिति देख सकते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या नल-जल योजना के पानी के लिए कोई मासिक बिल या टैक्स देना होता है?
उत्तर: बिहार सरकार द्वारा घरेलू उपयोग हेतु पेयजल आपूर्ति पूर्णतः निःशुल्क है। हालांकि, बिजली बिल और मोटर के नियमित रखरखाव हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर ₹30 प्रति माह का मामूली उपभोक्ता अंशदान (Maintenance Fee) वार्ड समिति द्वारा स्वैच्छिक रूप से निर्धारित किया जा सकता है।
प्रश्न 2: यदि पानी में पीलापन या दुर्गंध आ रही हो तो क्या करें?
उत्तर: तुरंत टोल-फ्री नंबर 1800-123-1121 पर शिकायत दर्ज कराएं। पीएचईडी की मोबाइल जल परीक्षण प्रयोगशाला (Water Testing Lab) 48 घंटे के भीतर आपके घर आकर पानी के नमूनों की जांच करती है और आवश्यक रासायनिक शोधन करती है।
प्रश्न 3: क्या टूटी हुई टोंटी की मरम्मत विभाग द्वारा की जाती है?
उत्तर: मुख्य सड़क से घर की सीमा तक की पाइपलाइन और मोटर की मरम्मत सरकार द्वारा कराई जाती है। घर के अंदर की निजी टोंटी टूटने पर नागरिक को स्वयं नई टोंटी लगवानी होती है ताकि पानी व्यर्थ न बहे।
आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)
आधिकारिक पोर्टल: prdbihar.gov.in / phded.bihar.gov.in
पंचायती राज विभाग, बिहार सरकार, विकास भवन, पटना
राज्य टोल-फ्री नल-जल शिकायत हेल्पलाइन: 1800-345-1510
पीएचईडी राष्ट्रीय कंट्रोल रूम टोल-फ्री: 1800-123-1121