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कृषक उन्नति योजना 2026 (छत्तीसगढ़): धान पर ₹3,100 प्रति क्विंटल का भाव, 21 क्विंटल/एकड़ खरीद व अंतर राशि डीबीटी स्टेटस

प्रकाशन: 10 अक्टूबर, 2026 • अद्यतित: 15 अक्टूबर, 2026 • लेखक: योजनाए संपादकीय टीम
कृषक उन्नति योजना 2026 (छत्तीसगढ़): धान पर ₹3,100 प्रति क्विंटल का भाव, 21 क्विंटल/एकड़ खरीद व अंतर राशि डीबीटी स्टेटस

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के अन्नदाता किसानों की आय में ऐतिहासिक वृद्धि करने, धान उत्पादकों को उनकी उपज का देश में सर्वाधिक लाभकारी मूल्य दिलाने और कृषि लागत के बोझ को कम करने के उद्देश्य से कृषक उन्नति योजना (Krishak Unnati Yojana) का शुभारंभ किया गया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित यह महत्वाकांक्षी योजना राज्य के किसानों से ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गारंटी प्रदान करती है तथा समर्थन मूल्य (MSP) और निर्धारित मूल्य के बीच की अंतर राशि (Differential Input Subsidy) को एकमुश्त डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा कराती है।

कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में प्रति एकड़ धान खरीदी की सीमा को बढ़ाकर 21 क्विंटल प्रति एकड़ कर दिया गया है। केंद्र सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के भुगतान के उपरांत शेष अंतर राशि (लगभग ₹917 प्रति क्विंटल का इनपुट अनुदान) राज्य सरकार द्वारा सीधे किसान के खाते में अंतरित की जाती है। इस योजना से राज्य के 24 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को प्रति वर्ष ₹13,000 करोड़ से अधिक की सीधी आर्थिक मदद मिल रही है। आइए जानते हैं योजना के पात्रता नियम, धान खरीदी का गणित, आवश्यक दस्तावेज, किसान पंजीयन और एकीकृत किसान पोर्टल पर भुगतान स्थिति जांचने की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया।

कृषक उन्नति योजना: मुख्य विशेषताएं व विवरण

प्रमुख पहलू आधिकारिक नियम व विवरण
योजना का नाम कृषक उन्नति योजना (Krishak Unnati Yojana Chhattisgarh)
संबंधित राज्य छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh State Government)
नोडल विभाग कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन
कुल धान खरीदी मूल्य ₹3,100 प्रति क्विंटल (देश में सर्वाधिक खरीद मूल्य)
प्रति एकड़ खरीद सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ (अधिकतम सीमा)
इनपुट सहायता (अंतर राशि) लगभग ₹917 प्रति क्विंटल (एकमुश्त डीबीटी सहायता)
लाभार्थी वर्ग राज्य के सभी भू-स्वामी पंजीकृत धान उत्पादक किसान
खरीदी व्यवस्था प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (लैम्प्स / पैक्स) के माध्यम से
आधिकारिक राज्य पोर्टल agriportal.cg.nic.in / kisan.cg.nic.in

योजना के प्रमुख उद्देश्य (Key Objectives)

छत्तीसगढ़ के किसानों को आर्थिक दृष्टि से संपन्न और समृद्धशाली बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है:

  • देश में सर्वाधिक मूल्य दिलाना: राज्य के किसानों को उनकी मेहनत का पूरा प्रतिफल ₹3,100 प्रति क्विंटल के रूप में सुनिश्चित करना।
  • प्रति एकड़ उत्पादकता प्रोत्साहन: धान खरीद सीमा को 15 क्विंटल से बढ़ाकर 21 क्विंटल प्रति एकड़ कर किसानों को अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित करना।
  • एकमुश्त अंतर राशि भुगतान: धान बेचने के बाद शेष अंतर राशि को किस्तों में लटकाने के बजाय एकमुश्त बैंक खाते में डालना।
  • कृषि ऋण मुक्ति: किसानों को साहूकारों और बिचौलियों के चंगुल से मुक्त कर अगली फसल के लिए अग्रिम पूंजी उपलब्ध कराना।

कृषक उन्नति योजना के विस्तृत वित्तीय लाभ (Financial Benefits)

  1. ₹3,100 प्रति क्विंटल का सुनिश्चित मूल्य: देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में छत्तीसगढ़ के किसानों को धान की सर्वाधिक कीमत मिलती है।
  2. प्रति एकड़ लगभग ₹65,100 की आय: यदि कोई किसान एक एकड़ में 21 क्विंटल धान बेचता है, तो उसे ₹3,100 की दर से कुल ₹65,100 की सकल राशि प्राप्त होती है।
  3. पारदर्शी इलेक्ट्रॉनिक तौल व भुगतान: धान उपार्जन केंद्रों (मंडी) पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और इलेक्ट्रॉनिक वे-ब्रिज से तौल कर तत्काल किसान के खाते में पीएफएमएस द्वारा भुगतान किया जाता है।
  4. छोटे व सीमांत किसानों को भारी लाभ: बस्तर और सरगुजा के वनांचल आदिवासी किसानों से लेकर मैदानी जिलों के लघु किसानों को सीधे नकदी लाभ मिलता है।

पात्रता के नियम व मानदंड (Eligibility Criteria)

कृषक उन्नति योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित मापदंड पूरे होने चाहिए:

  • छत्तीसगढ़ का किसान: किसान छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना चाहिए।
  • एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन: किसान का नाम खरीफ विपणन मौसम के लिए छत्तीसगढ़ एकीकृत किसान पोर्टल (kisan.cg.nic.in) पर पंजीकृत होना अनिवार्य है।
  • भूमि अभिलेख (भुइयां पोर्टल): किसान की कृषि भूमि का विवरण राज्य के भू-अभिलेख पोर्टल (Bhuiyan CG) में दर्ज और गिरदावरी (फसल कटाई सर्वे) से सत्यापित होना चाहिए।
  • अधिभारित व बटाईदार किसान: पंजीकृत वन अधिकार पट्टाधारी किसान भी योजना के पात्र हैं।
  • बैंक खाता आधार सीडेड: किसान का बैंक खाता राष्ट्रीयकृत बैंक या जिला सहकारी केंद्रीय बैंक (Apex Bank) में आधार से मैप होना अनिवार्य है।

आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents)

  • किसान का आधार कार्ड: 12 अंकों का मूल आधार कार्ड।
  • ऋण पुस्तिका / बी-1 एवं खसरा नकल: भुइयां पोर्टल से डाउनलोड की गई डिजिटल बी-1 और खतौनी पर्ची।
  • बैंक पासबुक: बैंक शाखा का नाम, खाता संख्या और आईएफएससी कोड।
  • धान रकबा गिरदावरी पर्ची: पटवारी द्वारा सत्यापित फसल बोआई का रकबा प्रमाण पत्र।
  • मोबाइल नंबर: टोकन प्राप्त करने और ओटीपी सत्यापन के लिए चालू मोबाइल नंबर।

पंजीयन व टोकन तुंहर हाथ आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step Procedure)

छत्तीसगढ़ में धान बेचने और कृषक उन्नति योजना की अंतर राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया इस प्रकार है:

1. एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन

  1. खरीफ सीजन की शुरुआत में अपने नजदीकी सहकारी समिति (PACS / LAMPS) या लोक सेवा केंद्र पर जाएं।
  2. अपनी ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड और बैंक पासबुक प्रस्तुत कर किसान पंजीयन फॉर्म भरें।
  3. पटवारी द्वारा गिरदावरी सत्यापन के बाद आपका किसान कोड (Farmer Code) जारी हो जाता है।

2. ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप द्वारा धान बेचने का स्लॉट बुक करना

  1. किसान अपने स्मार्टफोन पर टोकन तुंहर हाथ (Token Tunhar Hath App) डाउनलोड करें।
  2. अपना किसान कोड दर्ज करें और अपनी सुविधा अनुसार धान उपार्जन केंद्र पर धान ले जाने की तारीख और समय का टोकन ऑनलाइन जनरेट करें।
  3. निर्धारित तिथि पर धान उपार्जन केंद्र पर ले जाएं, इलेक्ट्रॉनिक तौल कराएं और कंप्यूटर पावती प्राप्त करें।
  4. प्राथमिक एमएसपी का भुगतान 48 से 72 घंटों में खाते में आ जाता है और शेष अंतर राशि कृषक उन्नति योजना के तहत सीधे डीबीटी द्वारा जारी की जाती है।

भुगतान स्थिति कैसे चेक करें? (Payment Status Tracking)

किसान आधिकारिक पोर्टल kisan.cg.nic.in अथवा agriportal.cg.nic.in पर जाएं। ‘किसान पंजीयन एवं भुगतान स्थिति’ मेनू पर क्लिक करें और अपना किसान कोड अथवा आधार नंबर दर्ज करें। स्क्रीन पर बेचे गए धान की मात्रा (क्विंटल में), एमएसपी भुगतान और कृषक उन्नति योजना की अंतर राशि का यूटीआर नंबर और क्रेडिट तिथि प्रदर्शित हो जाएगी।

कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण लेखों के लिए हमारे पोर्टल पर उपलब्ध प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड योजना के विस्तृत मार्गदर्शक भी अवश्य पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या ₹3,100 की पूरी राशि धान बेचते ही एक साथ मिल जाती है?
उत्तर: धान उपार्जन केंद्र पर धान बेचने के 72 घंटे के भीतर केंद्र सरकार का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पहले जारी होता है, और इसके बाद शेष अंतर राशि (लगभग ₹917 प्रति क्विंटल) कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा सीधे डीबीटी के जरिए बैंक खाते में भेजी जाती है।

प्रश्न 2: क्या एक किसान 21 क्विंटल से अधिक धान बेच सकता है?
उत्तर: नहीं, सरकारी नीति के अनुसार प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की ही खरीदी की जाती है। इससे अधिक उपज होने पर किसान उसे खुले बाजार या मंडी में बेच सकते हैं।

प्रश्न 3: यदि किसी किसान का गिरदावरी रकबा गलत दर्ज हो गया हो तो सुधार कैसे होगा?
उत्तर: यदि गिरदावरी में धान का रकबा कम दर्ज हो गया है, तो किसान तहसील कार्यालय में तहसीलदार अथवा अनुविभागीय अधिकारी (SDM राजस्व) के समक्ष आपत्ति दर्ज कराकर पुनः भौतिक सत्यापन करा सकते हैं।

आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)

आधिकारिक राज्य पोर्टल: agriportal.cg.nic.in / kisan.cg.nic.in
कृषि विकास एवं किसान कल्याण संचालनालय, विकास भवन, नया रायपुर, छत्तीसगढ़
किसान कॉल सेंटर छत्तीसगढ़ टोल-फ्री नंबर: 1800-233-1550
धान उपार्जन एवं मार्कफेड हेल्पलाइन: 0771-4028300