पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राज्य के किसानों और खेतिहर मजदूरों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने, कृषि निवेश में वित्तीय सहायता देने और किसान के असामयिक निधन की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से कृषक बंधु योजना (Krishak Bandhu Scheme / कृषक बंधु – नोतून) का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। कृषि विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित यह ऐतिहासिक योजना राज्य के 1 करोड़ से अधिक भू-स्वामी किसानों और दर्ज बटाईदारों (Recorded Bhagchasi) को प्रति वर्ष ₹4,000 से ₹10,000 तक की प्रत्यक्ष आय सहायता तथा ₹2,00,000 का मृत्यु अनुदान (Death Benefit) सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से प्रदान करती है।
कृषक बंधु योजना को दो महत्वपूर्ण घटकों में विभाजित किया गया है: पहला घटक है कृषक बंधु (फसल इनपुट सहायता), जिसके अंतर्गत 1 एकड़ या उससे अधिक भूमि वाले किसान को रबी और खरीफ फसलों के समय ₹5,000-₹5,000 की दो किस्तों में कुल ₹10,000 प्रति वर्ष दिए जाते हैं। 1 एकड़ से कम भूमि वाले सीमांत किसानों को भी न्यूनतम ₹4,000 प्रति वर्ष की गारंटी दी जाती है। दूसरा घटक है कृषक बंधु मृत्यु सहायता, जिसके तहत 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के किसी भी किसान की सामान्य अथवा आकस्मिक मृत्यु होने पर उसके आश्रित परिवार को एकमुश्त ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की एकमुश्त सहायता दी जाती है। आइए जानते हैं योजना की पात्रता शर्तें, आवश्यक दस्तावेज, दुआरे सरकार आवेदन और krishakbandhu.wb.gov.in पोर्टल पर स्टेटस जांचने की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया।
कृषक बंधु योजना: मुख्य विशेषताएं व विवरण
| प्रमुख पहलू | आधिकारिक नियम व विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | कृषक बंधु योजना (Krishak Bandhu Scheme WB) |
| संबंधित राज्य | पश्चिम बंगाल (West Bengal State Government) |
| नोडल विभाग | कृषि विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार (Department of Agriculture) |
| अधिकतम वार्षिक सहायता (1 एकड़ या अधिक) | ₹10,000 प्रति वर्ष (दो किस्तों में ₹5,000 + ₹5,000) |
| न्यूनतम वार्षिक सहायता (1 एकड़ से कम) | ₹4,000 प्रति वर्ष (न्यूनतम गारंटी) |
| किसान मृत्यु अनुदान (Death Benefit) | ₹2,00,000 (दो लाख रुपये एकमुश्त आश्रित परिवार को) |
| मृत्यु अनुदान आयु सीमा | 18 वर्ष से 60 वर्ष के मध्य मृत्यु होने पर |
| शामिल कृषक वर्ग | भू-स्वामी किसान एवं पंजीकृत बटाईदार (Bhagchasi) |
| आधिकारिक राज्य पोर्टल | krishakbandhu.wb.gov.in / matirkatha.net |
योजना के प्रमुख उद्देश्य (Key Objectives)
पश्चिम बंगाल के अन्नदाता किसानों को उत्पादन लागत में राहत देना और उनके परिवारों को जीवन सुरक्षा देना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है:
- फसल बोआई के समय नकदी सहायता: खरीफ (मानसून) और रबी (सर्दियों) की फसलों की बोआई के समय बीज, खाद और कीटनाशकों की खरीद के लिए अग्रिम पूंजी उपलब्ध कराना।
- बटाईदारों (Bhagchasi) का समावेशन: केवल जमीन के मालिकों को ही नहीं, बल्कि दूसरों के खेतों पर खेती करने वाले पंजीकृत बटाईदारों को भी पूर्ण अधिकार देना।
- परिवार को ₹2 लाख की आपदा सुरक्षा: यदि घर के कमाऊ किसान की अचानक बीमारी या दुर्घटना में मृत्यु हो जाए, तो परिवार भुखमरी का शिकार न हो।
- शून्य बिचौलिया डीबीटी: सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में इलेक्ट्रॉनिक रूप से धनराशि का अंतरण सुनिश्चित करना।
कृषक बंधु योजना के 2 मुख्य घटक (Two Core Components)
- कृषक बंधु (फसल इनपुट सहायता):
- 1 एकड़ या अधिक कृषि भूमि पर: ₹10,000 प्रति वर्ष (खरीफ सीजन में ₹5,000 और रबी सीजन में ₹5,000)।
- 1 एकड़ से कम भूमि पर: आनुपातिक आधार पर सहायता, परंतु न्यूनतम ₹4,000 प्रति वर्ष (खरीफ में ₹2,000 और रबी में ₹2,000) मिलना सुनिश्चित है।
- कृषक बंधु मृत्यु लाभ (Death Benefit Component):
- यदि किसी पंजीकृत अथवा गैर-पंजीकृत किसान या बटाईदार की 18 से 60 वर्ष की आयु में मृत्यु हो जाती है, तो उसके वैध कानूनी वारिस को ₹2,00,000 की अनुग्रह राशि प्रदान की जाती है।
पात्रता के नियम व मानदंड (Eligibility Criteria)
कृषक बंधु योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक किसान को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी: आवेदक पश्चिम बंगाल राज्य का मूल निवासी किसान अथवा बटाईदार होना चाहिए।
- भूमि स्वामित्व अथवा बटाईदार रिकॉर्ड: किसान के नाम पर पश्चिम बंगाल के भू-अभिलेख पोर्टल (Banglarbhumi) में कृषि भूमि का ‘पर्चा’ (RoR) दर्ज होना चाहिए, अथवा वह राजस्व रिकॉर्ड में अधिकृत ‘दर्ज बटाईदार’ (Recorded Bhagchasi) हो।
- पट्टेदार किसान: राज्य सरकार द्वारा आवंटित कृषि पट्टा धारक भी योजना के पात्र हैं।
- सक्रिय बैंक खाता: किसान का बैंक खाता सक्रिय और आधार से मैप होना अनिवार्य है।
आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents)
- जमीन का पर्चा (RoR / Khatian Copy): बांग्लारभूमि पोर्टल से जारी डिजिटल पर्चा।
- किसान का आधार कार्ड: 12 अंकों का मूल आधार कार्ड।
- मतदाता पहचान पत्र (Voter ID Card): पहचान और पते के प्रमाण हेतु।
- बैंक पासबुक: बैंक खाता संख्या, बैंक शाखा का नाम और IFSC कोड।
- बटाईदार प्रमाण पत्र: बटाईदार किसानों के लिए ग्राम पंचायत/राजस्व अधिकारी का प्रमाण पत्र।
- मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Benefit हेतु): किसान की मृत्यु होने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र, वारिस प्रमाण पत्र और उम्र का प्रमाण।
- मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो।
आवेदन व पंजीकरण की प्रक्रिया (Step-by-Step Application Procedure)
पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा कृषक बंधु योजना के लिए ब्लॉक कृषि कार्यालय और दुआरे सरकार शिविरों के माध्यम से सरल आवेदन व्यवस्था की गई है:
1. दुआरे सरकार शिविर अथवा एडीए कृषि कार्यालय में आवेदन
- अपनी ग्राम पंचायत में आयोजित ‘दुआरे सरकार’ शिविर अथवा अपने ब्लॉक के सहायक कृषि निदेशक (ADA Agriculture) कार्यालय में जाएं।
- कृषक बंधु योजना का आधिकारिक आवेदन पत्र निःशुल्क प्राप्त करें।
- फॉर्म में अपना नाम, पिता का नाम, खतियान नंबर, प्लॉट नंबर, कुल जमीन का रकबा (एकड़ में) और बैंक खाता संख्या भरें।
- जमीन के पर्चे की नकल, आधार कार्ड, वोटर कार्ड और बैंक पासबुक की स्व-प्रमाणित प्रति संलग्न करें।
- काउंटर पर फॉर्म जमा करें, जहां कृषि अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद आपको कंप्यूटर पावती रसीद दी जाती है।
2. पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि व कृषक बंधु आईडी निर्माण
खंड विकास स्तर पर कृषि अधिकारियों द्वारा डेटा krishakbandhu.wb.gov.in पोर्टल पर अपलोड किया जाता है और प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट कृषक बंधु आईडी (KB ID) आवंटित कर दी जाती है।
कृषक बंधु स्टेटस कैसे चेक करें? (Check KB ID & Status)
किसान आधिकारिक पोर्टल krishakbandhu.wb.gov.in पर जाएं और ‘पंजीकृत कृषक स्थिति (Registered Farmer Status)’ विकल्प पर क्लिक करें। अपना वोटर कार्ड नंबर (Voter ID / EPIC No.) अथवा आधार नंबर दर्ज करें। ‘I am not a robot’ पर टिक करके ‘Search’ बटन दबाएं। स्क्रीन पर आपकी कृषक बंधु आईडी (KB ID), कुल भूमि रकबा, अप्रूवल स्टेटस और बैंक खाते में भेजी गई किस्तों का संपूर्ण विवरण दिखाई देगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या कृषक बंधु योजना का लाभ पीएम किसान योजना के साथ भी मिल सकता है?
उत्तर: हां, पश्चिम बंगाल के पात्र किसानों को केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि (₹6,000/वर्ष) और राज्य सरकार की कृषक बंधु योजना (₹10,000/वर्ष) दोनों का लाभ मिलता है, जिससे कुल मिलाकर प्रति वर्ष ₹16,000 की मजबूत आय सहायता मिलती है।
प्रश्न 2: यदि किसी किसान के पास आधा एकड़ से कम जमीन है, तो उसे कितना पैसा मिलेगा?
उत्तर: योजना के नियमों के अनुसार 1 एकड़ से कम भूमि वाले किसी भी किसान को न्यूनतम ₹4,000 प्रति वर्ष (₹2,000 खरीफ में और ₹2,000 रबी में) मिलना सुनिश्चित किया गया है।
प्रश्न 3: कृषक बंधु मृत्यु लाभ के लिए आवेदन कब और कहां करना होता है?
उत्तर: किसान की मृत्यु होने के बाद उसके कानूनी वारिस को ब्लॉक के सहायक कृषि निदेशक (ADA) कार्यालय में मृत्यु प्रमाण पत्र, कानूनी वारिस प्रमाण पत्र और जमीन के पर्चे के साथ आवेदन करना होता है। जांच के बाद ₹2 लाख की राशि वारिस के खाते में भेजी जाती है।
आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)
आधिकारिक राज्य पोर्टल: krishakbandhu.wb.gov.in / matirkatha.net
कृषि विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार, नाबन्ना, 325 शरत चटर्जी रोड, हावड़ा – 711102
कृषक बंधु हेल्पलाइन नंबर: 8336957370 / 8585025765 (सुबह 10 से शाम 6 बजे)
ईमेल संपर्क: krishak.bandhu@vlinkindia.com