स्वतंत्र एवं निष्पक्ष सरकारी योजना सूचना पोर्टल • 2026 अद्यतित संस्करण

संपादकीय एवं तथ्य-जाँच नीति

संपादकीय नीति एवं तथ्य-जाँच प्रोटोकॉल (Editorial & Fact-Checking Policy)

Yojnaye.com पर प्रकाशित प्रत्येक योजना मार्गदर्शिका पत्रकारिता के उच्चतम नैतिक मानकों, निष्पक्षता और तथ्य-जाँच के कड़े सिद्धांतों पर आधारित होती है। हमारा उद्देश्य आम नागरिक को बिना किसी भ्रामक दावे या अतिशयोक्ति के शत-प्रतिशत प्रामाणिक सूचना उपलब्ध कराना है।

1. प्राथमिक स्रोतों का उपयोग (Primary Sourcing Standard)

हम केवल आधिकारिक और सत्यापन योग्य स्रोतों पर निर्भर रहते हैं:

  • भारत सरकार एवं राज्य सरकारों के आधिकारिक मंत्रालय पोर्टल (.gov.in और .nic.in)
  • प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियाँ
  • सरकारी राजपत्र (Official Gazettes) और योजना परिचालन दिशानिर्देश (Operational Guidelines)
  • राज्य स्तरीय संबंधित विभागों के आधिकारिक आदेश एवं अधिसूचनाएँ

हम किसी भी असत्यापित समाचार रिपोर्ट, सोशल मीडिया दावों या व्हाट्सएप फॉरवर्ड पर आधारित सामग्री प्रकाशित नहीं करते हैं।

2. सामग्री निर्माण एवं समीक्षा प्रक्रिया

  1. शोध एवं संकलन: विषय विशेषज्ञ संबंधित योजना के आधिकारिक दिशानिर्देशों का विस्तृत अध्ययन करते हैं।
  2. तथ्य सत्यापन: पात्रता मानदंड, आय सीमा, सब्सिडी प्रतिशत, और आवश्यक दस्तावेजों की सूची का सरकारी अधिसूचना से मिलान किया जाता है।
  3. सरल भाषा रूपांतरण: तकनीकी और कानूनी शब्दावली को आम नागरिक की समझ में आने वाली सरल, मानक हिंदी में ढाला जाता है।
  4. संपादकीय समीक्षा: वरिष्ठ संपादक द्वारा अंतिम समीक्षा के बाद ही लेख को सार्वजनिक किया जाता है।

3. समय पर अद्यतन (Timely Review & Updates)

सरकारी योजनाओं के नियमों और बजटीय आवंटन में समय-समय पर संशोधन होते रहते हैं। हमारी टीम नियमित रूप से:

  • डीबीटी (DBT) किस्तों के जारी होने की तिथियों की निगरानी करती है।
  • ई-केवाईसी (e-KYC), आधार सीडिंग और आवेदन की अंतिम तिथियों को अद्यतित रखती है।
  • प्रत्येक लेख के शीर्ष पर “अद्यतित” (Last Updated) तिथि स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करती है।

4. सुधार नीति (Corrections Policy)

पारदर्शिता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के तहत, यदि किसी लेख में कोई तथ्यात्मक त्रुटि या तकनीकी बदलाव सामने आता है, तो हम उसे तुरंत सुधारते हैं और आवश्यकता पड़ने पर सुधार नोट (Correction Note) भी जोड़ते हैं। पाठक किसी भी विसंगति की सूचना संपादकीय टीम को भेज सकते हैं।