अपडेट: 17 अक्टूबर 2026, सुबह 9:30 बजे (IST)
Ayushman Vay Vandana Card 70 साल या उससे ज्यादा उम्र के हर बुजुर्ग को सालाना ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज देता है, चाहे उनकी आमदनी कितनी भी हो। आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनवाने के लिए सिर्फ आधार कार्ड चाहिए। पीआईबी के 12 अगस्त 2026 के दस्तावेज के मुताबिक अब तक 1.20 करोड़ वरिष्ठ नागरिक इस योजना में जुड़ चुके हैं।
फिर भी बहुत से परिवार नहीं जानते कि यह कार्ड कैसे बनता है, किस अस्पताल में चलता है और पहले से बीमा होने पर क्या होगा। इस लेख में हम हर सवाल का जवाब सरल भाषा में और केवल सरकारी स्रोतों के आधार पर दे रहे हैं।
विषय सूची
आयुष्मान वय वंदना योजना क्या है?
यह आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) का विस्तार है। केंद्रीय कैबिनेट ने सितंबर 2024 में तय किया कि 70 साल और उससे ऊपर के सभी वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना में शामिल किया जाएगा। इसके बाद अक्टूबर 2024 में प्रधानमंत्री ने इसकी शुरुआत की।
पहले AB PM-JAY केवल गरीब और कमजोर परिवारों के लिए थी। लेकिन अब 70+ उम्र के लिए आय की कोई शर्त नहीं है। यानी अमीर हो या गरीब, गांव में रहें या शहर में, हर बुजुर्ग पात्र है। इस योजना में मिलने वाले कार्ड को ही Ayushman Vay Vandana Card कहा जाता है।
पीआईबी के अनुसार AB PM-JAY अब देश की सबसे गरीब 40% आबादी के परिवारों और 70 साल से ऊपर के सभी वरिष्ठ नागरिकों को ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष का स्वास्थ्य कवर देती है।
Ayushman Vay Vandana Card के फायदे
आयुष्मान वय वंदना कार्ड से मिलने वाले मुख्य लाभ इस तरह हैं:
- ₹5 लाख सालाना कवर: परिवार के 70+ उम्र वाले सदस्यों को हर साल ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है।
- पहले से योजना में शामिल परिवार: अगर परिवार पहले से AB PM-JAY में है, तो 70+ सदस्य को अलग से ₹5 लाख का टॉप-अप मिलता है। यह टॉप-अप 70 साल से कम उम्र के सदस्यों के साथ साझा नहीं होता।
- कैशलेस और पेपरलेस इलाज: सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती होने पर मरीज को पैसा नहीं देना पड़ता।
- देश भर में मान्य: कार्ड किसी भी राज्य के सूचीबद्ध अस्पताल में काम करता है। पीआईबी के मुताबिक 30 जून 2026 तक AB PM-JAY में 29.05 लाख इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी भर्तियां मंजूर हुई हैं।
- बड़ा अस्पताल नेटवर्क: 12 अगस्त 2026 तक 38,466 से ज्यादा सरकारी और निजी अस्पताल योजना में सूचीबद्ध हैं।

ध्यान दें कि ₹5 लाख की राशि परिवार के 70+ सदस्यों के बीच साझा होती है। उदाहरण के लिए, अगर घर में पति-पत्नी दोनों 70 साल से ऊपर हैं, तो दोनों मिलकर साल में ₹5 लाख तक का इलाज करवा सकते हैं।
पात्रता: किसे मिलेगा आयुष्मान वय वंदना कार्ड?
पात्रता की शर्त बहुत सीधी है। आधार कार्ड में दर्ज उम्र 70 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के FAQ के अनुसार उम्र आधार के आधार पर तय होती है और आवेदन के लिए आधार ही एकमात्र जरूरी दस्तावेज है।
- आय, जाति या नौकरी की कोई शर्त नहीं है।
- जिनके पास निजी स्वास्थ्य बीमा है, वे भी आवेदन कर सकते हैं।
- ESIC के लाभार्थी भी पात्र हैं।
- CGHS, ECHS या CAPF जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों को एक विकल्प चुनना होता है: या तो अपनी मौजूदा योजना जारी रखें या AB PM-JAY चुनें।
इसलिए अगर आपके माता-पिता या दादा-दादी 70 साल पूरे कर चुके हैं, तो उनका आयुष्मान वय वंदना कार्ड आज ही बनवाया जा सकता है।
Ayushman Vay Vandana Card कैसे बनवाएं: ऑनलाइन तरीका
आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनवाना मुफ्त है। आप इसे घर बैठे मोबाइल से बना सकते हैं। तरीका इस प्रकार है:
- गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से आधिकारिक Ayushman App डाउनलोड करें, या beneficiary.nha.gov.in खोलें।
- “लाभार्थी” के रूप में लॉगिन करें और अपना मोबाइल नंबर OTP से सत्यापित करें।
- वरिष्ठ नागरिक (70+) के नामांकन का विकल्प चुनें।
- बुजुर्ग का आधार नंबर डालें और आधार OTP या फेस ऑथेंटिकेशन से e-KYC पूरा करें।
- मांगी गई जानकारी भरें और ताजा फोटो लें।
- सत्यापन के बाद कार्ड डाउनलोड करें और प्रिंट या मोबाइल में सुरक्षित रखें।

अगर ऑनलाइन प्रक्रिया मुश्किल लगे, तो नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल के आयुष्मान मित्र से या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर भी कार्ड बनवाया जा सकता है। किसी भी एजेंट को पैसे न दें, क्योंकि यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है।
पहले से आयुष्मान कार्ड है तो क्या करें?
कई बुजुर्गों के पास पहले से AB PM-JAY का आयुष्मान कार्ड होता है, क्योंकि उनका परिवार गरीब परिवारों की सूची में शामिल है। ऐसे मामलों में भी 70+ सदस्य को आयुष्मान वय वंदना कार्ड के लिए अलग से e-KYC करानी होती है। इसके बाद ही उन्हें अतिरिक्त ₹5 लाख का टॉप-अप मिलता है।
इसका फायदा साफ है। परिवार के बाकी सदस्यों का ₹5 लाख का कवर पहले की तरह रहता है, और बुजुर्ग के लिए अलग से ₹5 लाख तक का टॉप-अप जुड़ जाता है। इसलिए पुराने कार्ड पर निर्भर न रहें। Ayushman App पर बुजुर्ग का आधार डालकर देखें कि नया कार्ड बना है या नहीं।
अगर किसी बुजुर्ग की उम्र आधार में गलत दर्ज है, तो पहले आधार केंद्र पर जन्मतिथि सुधरवाएं। उम्र सही होने के बाद ही सिस्टम उन्हें 70+ श्रेणी में पात्र दिखाएगा।
अस्पताल में इलाज कैसे मिलेगा?
इलाज के समय प्रक्रिया आसान है। मरीज को सूचीबद्ध अस्पताल में जाकर आयुष्मान डेस्क पर कार्ड या आधार दिखाना होता है। अस्पताल पहचान की पुष्टि करके इलाज के पैकेज के लिए मंजूरी लेता है।
पीआईबी के अनुसार इस योजना में 1,900 से ज्यादा इलाज पैकेज शामिल हैं और हर दिन 40,000 से ज्यादा क्लेम प्रोसेस होते हैं। इसके अलावा, सूचीबद्ध अस्पतालों की सूची आप Ayushman App या hospitals.pmjay.gov.in पर देख सकते हैं।
हालांकि, याद रखें कि यह योजना अस्पताल में भर्ती होकर होने वाले इलाज के लिए है। सामान्य ओपीडी परामर्श के लिए आप नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर जा सकते हैं, जहां कई सेवाएं मुफ्त मिलती हैं।
अब तक कितने बुजुर्गों को फायदा मिला?
पीआईबी के 12 अगस्त 2026 के दस्तावेज “Affordable and Accessible Healthcare for All” में योजना के ताजा आंकड़े दिए गए हैं:
| संकेतक | आंकड़ा |
|---|---|
| वय वंदना योजना में जुड़े वरिष्ठ नागरिक | 1.20 करोड़ |
| वरिष्ठ नागरिकों के इलाज | 13.84 लाख से ज्यादा |
| इन इलाजों की कुल राशि | लगभग ₹3,000 करोड़ |
| कुल आयुष्मान कार्ड (2018 से) | 45.5 करोड़ से ज्यादा |
| सूचीबद्ध अस्पताल | 38,466 से ज्यादा |
ये आंकड़े बताते हैं कि आयुष्मान वय वंदना कार्ड केवल कागजी योजना नहीं है। लाखों बुजुर्ग इससे असल में इलाज करा चुके हैं। फिर भी देश में 70+ उम्र की आबादी को देखते हुए बहुत से पात्र लोग अभी जुड़े नहीं हैं।

पांच जरूरी बातें
- आधार अपडेट रखें: उम्र और मोबाइल नंबर आधार में सही होने चाहिए, नहीं तो e-KYC में दिक्कत आ सकती है।
- दोनों बुजुर्गों का कार्ड बनवाएं: परिवार के हर 70+ सदस्य का अलग कार्ड बनता है, जबकि कवर परिवार में साझा होता है।
- निजी बीमा बंद करने की जरूरत नहीं: निजी पॉलिसी वाले भी पात्र हैं, इसलिए दोनों को साथ रखा जा सकता है।
- CGHS वाले सोच-समझकर चुनें: सरकारी योजना और AB PM-JAY में से एक ही चुन सकते हैं।
- धोखाधड़ी से बचें: कार्ड बनवाने का कोई शुल्क नहीं है। पैसे मांगने वाले की शिकायत करें।
आगे क्या होगा
29 अक्टूबर 2026 को इस विस्तार के दो साल पूरे होंगे। आने वाले समय में सरकार का जोर ज्यादा से ज्यादा पात्र बुजुर्गों का नामांकन कराने पर रहेगा। इसलिए अगर आपके परिवार में कोई 70 साल का हो चुका है, तो Ayushman Vay Vandana Card बनवाने में देर न करें। इलाज की जरूरत अचानक पड़ती है, और तब कार्ड पहले से तैयार होना सबसे बड़ी राहत होती है।
बुजुर्गों के लिए दूसरी योजनाएं भी देखें: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, अटल पेंशन योजना और पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना। आयुष्मान भारत की पूरी जानकारी के लिए हमारा आयुष्मान भारत योजना गाइड पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Ayushman Vay Vandana Card के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
NHA के अनुसार इसके लिए केवल आधार कार्ड जरूरी है। उम्र आधार में दर्ज जन्मतिथि से तय होती है। e-KYC के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर या फेस ऑथेंटिकेशन काम आता है। कोई आय प्रमाण पत्र या राशन कार्ड नहीं मांगा जाता।
क्या पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग ₹5 लाख मिलेंगे?
नहीं। ₹5 लाख का कवर परिवार के आधार पर है और घर के सभी 70+ सदस्यों के बीच साझा होता है। हालांकि, हर बुजुर्ग का अपना कार्ड बनता है, ताकि इलाज के समय पहचान आसानी से हो सके।
क्या निजी बीमा होने पर भी आयुष्मान वय वंदना कार्ड बन सकता है?
हां। निजी स्वास्थ्य बीमा या ESIC के लाभार्थी भी इस योजना के पात्र हैं। केवल CGHS, ECHS और CAPF जैसी सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को अपनी योजना या AB PM-JAY में से एक चुनना होता है।
कार्ड बनवाने में कितना पैसा लगता है?
कार्ड बनवाना पूरी तरह मुफ्त है, चाहे आप Ayushman App से बनाएं या अस्पताल और CSC से। अगर कोई व्यक्ति या एजेंट पैसे मांगता है, तो उसे न दें और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
स्रोत
- पीआईबी: Affordable and Accessible Healthcare for All (12 अगस्त 2026)
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण: वरिष्ठ नागरिकों के लाभ से जुड़े FAQ
- NHA लाभार्थी पोर्टल
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। नियम और आंकड़े सरकारी अपडेट के साथ बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।