शहरी, उपनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के रेहड़ी-पटरी, ठेला लगाने वाले, फुटपाथ पर दुकान चलाने वाले और साप्ताहिक हाट-बाजारों के छोटे स्ट्रीट वेंडर्स को स्थानीय साहूकारों के अत्यधिक ब्याज के चंगुल से मुक्त कराने और उनके व्यवसाय को नई गति देने के लिए केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi – PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi) एक क्रांतिकारी और सामाजिक परिवर्तनकारी पहल है। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs – MoHUA) द्वारा संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्ट्रीट वेंडरों को बिना किसी गारंटी या गिरवी (Collateral-Free) के वहनीय कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है।
पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत समय पर ऋण चुकाने वाले वेंडर्स को तीन क्रमिक चरणों में ₹10,000, ₹20,000 और ₹50,000 तक का सस्ता बैंक लोन प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही सरकार समय पर रीपेमेंट करने पर 7% की वार्षिक ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy) सीधे बैंक खाते में जमा करती है और डिजिटल लेनदेन (UPI / QR Code) को बढ़ावा देने के लिए प्रति वर्ष ₹1,200 तक का प्रत्यक्ष कैशबैक प्रोत्साहन भी देती है। आइए जानते हैं योजना के सभी नियम, लाभ, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन की पूरी विधि।
पीएम स्वनिधि योजना: मुख्य विशेषताएं व हाइलाइट्स
| मुख्य पहलू | आधिकारिक नियम व प्रावधान |
|---|---|
| योजना का नाम | पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi) |
| नोडल मंत्रालय | आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA), भारत सरकार |
| कार्यान्वयन एजेंसी | भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) |
| ऋण की प्रकृति | बिना किसी गारंटी (Collateral-Free) कार्यशील पूंजी ऋण |
| प्रथम चरण का ऋण (1st Tranche) | ₹10,000 तक (12 महीने की आसान किस्तों में पुनर्भुगतान) |
| द्वितीय चरण का ऋण (2nd Tranche) | ₹20,000 तक (पहला ऋण समय पर चुकाने पर 18 महीने हेतु) |
| तृतीय चरण का ऋण (3rd Tranche) | ₹50,000 तक (दूसरा ऋण समय पर चुकाने पर 36 महीने हेतु) |
| ब्याज सब्सिडी दर | 7% प्रति वर्ष (त्रैमासिक आधार पर डीबीटी द्वारा खाते में) |
| डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन | ₹100 प्रति माह (अधिकतम ₹1,200 प्रति वर्ष सीधे खाते में) |
| परिवार सुरक्षा कार्यक्रम | स्वनिधि से समृद्धि (8 केंद्रीय योजनाओं से स्वतः जुड़ाव) |
| आधिकारिक पोर्टल | pmsvanidhi.mohua.gov.in |
योजना का मुख्य उद्देश्य
कोविड-19 महामारी के समय स्ट्रीट वेंडरों की आजीविका को जो भारी नुकसान पहुंचा था, उससे उबरने और उन्हें औपचारिक वित्तीय प्रणाली का स्थायी हिस्सा बनाने के लिए यह योजना शुरू की गई थी। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के स्ट्रीट वेंडर्स को अपना कारोबार फिर से शुरू करने और बढ़ाने के लिए सस्ती कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना।
- वेंडरों को गैर-संस्थागत साहूकारों और महाजनों के 10% से 20% मासिक ब्याज के शोषण से बचाना।
- स्ट्रीट वेंडरों को समय पर रीपेमेंट करने के लिए प्रोत्साहित करना ताकि उनकी साख (Credit Score) सुधरे और वे बड़े वाणिज्यिक ऋणों के पात्र बन सकें।
- रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के बीच डिजिटल भुगतान (QR Code / UPI) की आदत को बढ़ावा देना।
- स्ट्रीट वेंडर परिवारों का समग्र सामाजिक-आर्थिक उत्थान करना।
योजना के प्रमुख लाभ एवं तीन-चरणीय ऋण संरचना
पीएम स्वनिधि योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका क्रमिक क्रेडिट मॉडल (Graduated Credit Model) है:
1. प्रथम ऋण चरण (1st Tranche — ₹10,000)
शुरुआत में पात्र वेंडर को अपना दैनिक माल (फल, सब्जी, कच्चा माल आदि) खरीदने के लिए ₹10,000 तक का संपार्श्विक-मुक्त ऋण मिलता है। इसे 1 वर्ष (12 महीने) की अवधि में छोटी-छोटी मासिक किस्तों में चुकाना होता है।
2. द्वितीय ऋण चरण (2nd Tranche — ₹20,000)
यदि वेंडर पहले ₹10,000 के ऋण की किस्तों का भुगतान समय पर या समय से पहले कर देता है, तो उसकी क्रेडिट लिमिट दोगुनी होकर ₹20,000 हो जाती है। इसे चुकाने के लिए 18 महीने की अवधि मिलती है।
3. तृतीय ऋण चरण (3rd Tranche — ₹50,000)
दूसरे ऋण को भी सफलतापूर्वक चुकाने वाले वेंडर्स को ₹50,000 तक का बड़ा कार्यशील पूंजी ऋण मिलता है, जिसे 36 महीने (3 वर्ष) की सुविधाजनक अवधि में चुकाया जा सकता है।
4. 7% ब्याज सब्सिडी और कैशबैक
- ब्याज अनुदान: जो वेंडर समय पर मासिक किस्त चुकाते हैं, उन्हें सरकार द्वारा 7% की वार्षिक ब्याज सब्सिडी दी जाती है। यह राशि हर तिमाही (Quarterly) सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी द्वारा क्रेडिट होती है। समय पर भुगतान करने वाले वेंडर पर शुद्ध ब्याज भार लगभग नगण्य रह जाता है।
- डिजिटल कैशबैक: यदि वेंडर अपने ग्राहकों से फोनपे, गूगल पे, पेटीएम, भीम यूपीआई के जरिए डिजिटल भुगतान स्वीकार करता है, तो उसे प्रति माह अधिकतम ₹100 (साल के ₹1,200) का अतिरिक्त कैशबैक भारत सरकार की ओर से मिलता है।
- ‘स्वनिधि से समृद्धि’: इस कार्यक्रम के तहत वेंडर और उसके परिवार का सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल तैयार कर उन्हें पीएम सुरक्षा बीमा योजना, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम मातृ वंदना योजना, पीएम मानधन योजना, जन धन योजना और राशन कार्ड जैसी 8 प्रमुख योजनाओं से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाता है।
पात्रता के विस्तृत नियम: कौन ले सकता है लाभ?
योजना का लाभ उन सभी स्ट्रीट वेंडर्स को मिलता है जो 24 मार्च 2020 या उससे पहले से (तथा उसके बाद भी) शहरी, अर्ध-शहरी या आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में वेंडिंग गतिविधियां कर रहे हैं:
- शहरी स्थानीय निकायों (ULB / नगर निगम / नगर पालिका परिषद) द्वारा किए गए सर्वेक्षण में वेंडिंग पहचान पत्र (ID Card) अथवा वेंडिंग प्रमाण पत्र (Certificate of Vending – CoV) प्राप्त स्ट्रीट वेंडर्स।
- वे वेंडर्स जो सर्वेक्षण में छूट गए थे या जिन्होंने सर्वेक्षण के बाद कारोबार शुरू किया, लेकिन नगर पालिका या टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) द्वारा उन्हें सिफारिश पत्र (Letter of Recommendation – LoR) जारी किया गया है।
- आसपास के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के वे विक्रेता जो रोजाना शहर के बाजारों और मंडियों में आकर सामान बेचते हैं।
आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट
- आधार कार्ड: अनिवार्य (पहचान सत्यापन एवं ई-केवाईसी हेतु)।
- वेंडिंग पहचान पत्र / वेंडिंग प्रमाण पत्र या LoR: नगर पालिका द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
- सक्रिय बैंक पासबुक: आधार और एनपीसीआई से लिंक बचत बैंक खाता संख्या व आईएफएससी कोड।
- सक्रिय मोबाइल नंबर: आधार से लिंक मोबाइल नंबर।
- पासपोर्ट साइज फोटो: 1 हालिया रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो।
आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)
पीएम स्वनिधि पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से वेंडर स्वयं, सीएससी सेंटर या बैंक शाखा के जरिए आवेदन कर सकते हैं:
विधि 1: आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- आधिकारिक वेबसाइट pmsvanidhi.mohua.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर ‘Apply for Loan’ विकल्प पर क्लिक करें (पहली बार के आवेदक Apply Loan 10K चुनें)।
- अपना 10 अंकों का सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी से लॉगिन करें।
- अपनी वेंडर पात्रता श्रेणी (Category A, B, C या D) चुनें:
- Category A: जिनके पास वेंडिंग आईडी कार्ड या CoV है।
- Category B: जो सर्वे लिस्ट में हैं लेकिन आईडी कार्ड लंबित है।
- Category C: जिनके पास नगर पालिका का LoR (सिफारिश पत्र) है।
- आधार नंबर दर्ज कर बायोमेट्रिक अथवा आधार ओटीपी के जरिए ई-केवाईसी पूर्ण करें।
- आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण, परिवार के सदस्यों का ब्योरा, दुकान/ठेले का स्थान, दैनिक आय और बैंक खाता संख्या भरें।
- ऋण राशि का चयन करें और अपनी पसंदीदा बैंक शाखा (Lender Bank) का चयन करें।
- वेंडिंग कार्ड/LoR और बैंक पासबुक की स्कैन कॉपी अपलोड कर फॉर्म ‘Submit’ करें।
- प्राप्त Application Tracking ID से आप अपने लोन की स्थिति कभी भी ट्रैक कर सकते हैं।
विधि 2: नगर पालिका या बैंक शाखा जाकर ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
स्ट्रीट वेंडर अपने नजदीकी नगर निगम कार्यालय, टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) हेल्पडेस्क, किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक या जन सेवा केंद्र (CSC) में जाकर ऑफलाइन पीएम स्वनिधि फॉर्म भर सकते हैं। वहां के प्रतिनिधि फॉर्म को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर देते हैं।
आवेदन की स्थिति कैसे ट्रैक करें?
पोर्टल पर ‘Check Application Status’ विकल्प पर जाएं, अपनी एप्लीकेशन आईडी और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें। आपके आवेदन की समीक्षा, बैंक शाखा द्वारा सत्यापन और लोन राशि के वितरण (Disbursement) की वास्तविक स्थिति स्क्रीन पर दिखाई देगी।
छोटे व्यापारियों और कारीगरों के लिए हमारे पोर्टल पर उपलब्ध प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और पीएम विश्वकर्मा योजना के विस्तृत मार्गदर्शक लेख भी अवश्य पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या लोन लेने के लिए कोई संपत्ति या जमीन गिरवी रखनी पड़ती है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। पीएम स्वनिधि पूरी तरह से संपार्श्विक-मुक्त (Collateral-Free) योजना है। इसके लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (CGTMSE) द्वारा बैंकों को सरकार की ओर से गारंटी दी जाती है।
प्रश्न 2: ब्याज सब्सिडी का पैसा कब और कैसे मिलता है?
उत्तर: ब्याज सब्सिडी हर तीन महीने (त्रैमासिक) में सीधे आपके बैंक खाते में डीबीटी के जरिए जमा की जाती है, बशर्ते आपने अपनी मासिक किस्तें समय पर चुकाई हों।
प्रश्न 3: यदि पहला लोन समय से पहले चुका दिया जाए तो क्या होगा?
उत्तर: यदि आप ₹10,000 का ऋण निर्धारित 12 महीने से पहले ही चुका देते हैं, तो कोई प्री-पेमेंट पेनल्टी नहीं लगती और आप तुरंत ₹20,000 के दूसरे लोन के लिए पात्र हो जाते हैं।
प्रश्न 4: जिन वेंडर्स के पास वेंडिंग आईडी नहीं है, वे क्या करें?
उत्तर: वे अपने नजदीकी नगर पालिका कार्यालय या वार्ड कार्यालय में जाकर आवेदन करें। नगर निकाय के अधिकारी स्थलीय जांच कर 1 से 2 सप्ताह में सिफारिश पत्र (LoR) जारी कर देते हैं, जिसके आधार पर लोन तुरंत स्वीकृत हो जाता है।
आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन
आधिकारिक वेबसाइट: pmsvanidhi.mohua.gov.in
पीएम स्वनिधि टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-11-1979
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय: mohua.gov.in