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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना 2026: 81 करोड़ लोगों को 5 साल तक फ्री राशन, ऐसे चेक करें लिस्ट

प्रकाशन: 10 अक्टूबर, 2026 • अद्यतित: 15 अक्टूबर, 2026 • लेखक: योजनाए संपादकीय टीम
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना 2026: 81 करोड़ लोगों को 5 साल तक फ्री राशन, ऐसे चेक करें लिस्ट

देश के 81.35 करोड़ से अधिक गरीब, मजदूर, वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को संपूर्ण खाद्य सुरक्षा की गारंटी देने और भुखमरी को जड़ से समाप्त करने के लिए भारत सरकार की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY – Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana) विश्व का सबसे बड़ा कल्याणकारी खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (Department of Food and Public Distribution), उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित इस योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA 2013) के सभी पात्र लाभार्थियों को 100% निःशुल्क अनाज (Free Foodgrains) प्रदान किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए इस योजना को 1 जनवरी 2024 से आगामी 5 वर्षों (31 दिसंबर 2028 तक) के लिए पूरी तरह निःशुल्क जारी रखने की मंजूरी दी है, जिस पर केंद्र सरकार लगभग ₹11.80 लाख करोड़ की विशाल खाद्य सब्सिडी वहन कर रही है। अब राशन कार्ड धारकों को गेहूं या चावल के लिए 1 रुपये का भी भुगतान नहीं करना पड़ता। आइए जानते हैं राशन का कोटा (AAY व PHH स्लैब), ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (ONORC) की राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी, पात्रता और ई-केवाईसी कराने की पूरी प्रक्रिया।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना: प्रमुख हाइलाइट्स

मुख्य पहलू आधिकारिक नियम व प्रावधान
योजना का नाम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY)
नोडल मंत्रालय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार
योजना की विस्तारित अवधि 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2028 तक (5 वर्षों के लिए पूर्णतः फ्री)
कुल लाभार्थी संख्या देशभर के 81.35 करोड़ से अधिक नागरिक
अनाज का मूल्य पूर्णतः निःशुल्क (Zero Cost – ₹0 प्रति किग्रा)
अनुमानित वित्तीय भार लगभग ₹11.80 लाख करोड़ (पूर्णतः केंद्र सरकार द्वारा वहन)
अंत्योदय परिवार (AAY) कोटा 35 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति परिवार प्रति माह
पात्र गृहस्थी (PHH) कोटा 5 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति व्यक्ति (यूनिट) प्रति माह
पोर्टेबिलिटी प्रणाली वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) – पूरे देश में कहीं भी राशन
आधिकारिक पोर्टल व ऐप nfsa.gov.in / Mera Ration App

योजना का मुख्य उद्देश्य

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के मूल उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • देश के सबसे निर्धन, वंचित और सुभेद्य परिवारों को सम्मानजनक पोषण और पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराना।
  • महंगाई के प्रभाव से गरीब परिवारों की रक्षा करना और उनकी आय को स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए बचाना।
  • देशभर में कुपोषण (Malnutrition) और रक्ताल्पता (Anemia) से लड़ने के लिए फोर्टीफाइड चावल (सुदृढ़ीकृत पौष्टिक चावल) का वितरण सुनिश्चित करना।
  • प्रवासी मजदूरों और निर्माण श्रमिकों को देश के किसी भी कोने में बिना किसी बाधा के खाद्य सुरक्षा प्रदान करना।

राशन वितरण का कोटा और अनाज की श्रेणियां (Benefit Slabs)

PMGKAY के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दो प्रमुख वर्गों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया जाता है:

1. अंत्योदय अन्न योजना (AAY – Antyodaya Anna Yojana) परिवार

  • यह समाज के सबसे निर्धन (Poorest of the Poor) परिवारों की श्रेणी है, जिसके पास गुलाबी अथवा पीला अंत्योदय राशन कार्ड होता है।
  • प्रत्येक अंत्योदय परिवार को प्रति माह 35 किलोग्राम खाद्यान्न (गेहूं और चावल का संयुक्त कोटा) बिल्कुल मुफ्त दिया जाता है, चाहे उस परिवार में सदस्यों की संख्या 1 हो या 6।

2. प्राथमिकता वाले परिवार (PHH – Priority Household / पात्र गृहस्थी)

  • इस श्रेणी में आर्थिक रूप से कमजोर और गरीबी रेखा के नीचे के सामान्य राशन कार्ड धारक आते हैं।
  • इसमें राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य (यूनिट) के हिसाब से 5 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति व्यक्ति प्रति माह निःशुल्क प्रदान किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी परिवार के राशन कार्ड में 5 सदस्यों के नाम दर्ज हैं, तो उस परिवार को कुल 25 किलोग्राम अनाज प्रति माह पूरी तरह मुफ्त प्राप्त होगा।

‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (ONORC) की राष्ट्रीय सुविधा

इस योजना की सबसे क्रांतिकारी विशेषता One Nation One Ration Card प्रणाली है। इसके तहत प्रवासी मजदूरों, श्रमिकों और कामगारों को अपने गृह राज्य या गांव में जाने की कोई बाध्यता नहीं है:

  • देश का कोई भी राशन कार्ड धारक भारत के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में स्थित किसी भी उचित दर दुकान (Fair Price Shop – FPS / राशन कोटेदार) से अपना मासिक राशन प्राप्त कर सकता है।
  • इसके लिए केवल बायोमेट्रिक ई-पॉस (ePoS) मशीन पर अंगूठा या फिंगरप्रिंट लगाकर अपनी पहचान प्रमाणित करनी होती है।
  • परिवार के सदस्य यदि अलग-अलग शहरों में रहते हैं, तो भी वे अपना-अपना आनुपातिक हिस्सा अलग-अलग दुकानों से ले सकते हैं (जैसे प्रवासी पिता दिल्ली में अपना 5 किग्रा ले सकता है और परिवार गांव में शेष 20 किग्रा ले सकता है)।

पात्रता के विस्तृत नियम: किसे मिलता है मुफ्त राशन?

  1. आवेदक भारत का स्थायी नागरिक होना चाहिए और उसका नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत वैध राशन कार्ड में दर्ज होना चाहिए।
  2. परिवार की पहचान राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा ग्रामीण अथवा शहरी पात्रता सूची में की गई हो।
  3. राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य का आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Seeding / e-KYC) पूर्ण होना अनिवार्य है।
  4. अपात्रता: वे परिवार जिनके पास चार पहिया वाहन, पक्के बहुमंजिला मकान, 5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि है, या परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में है अथवा आयकर देता है, वे एनएफएसए के नियमों के अनुसार अपात्र माने जाते हैं।

आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट

  • राशन कार्ड: राज्य खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा जारी डिजिटल राशन कार्ड।
  • आधार कार्ड: परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड (ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन हेतु)।
  • सक्रिय मोबाइल नंबर: राशन आवंटन और मासिक वितरण के एसएमएस अलर्ट प्राप्त करने हेतु।

आवेदन प्रक्रिया: मुफ्त राशन कैसे प्राप्त करें? (Step-by-Step)

राशन प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, डिजिटल और बायोमेट्रिक आधारित है:

वितरण के समय राशन दुकान पर प्रक्रिया

  1. प्रत्येक माह की निर्धारित वितरण तिथियों (सामान्यतः माह के प्रथम व द्वितीय पखवाड़े) के दौरान अपने नजदीकी सरकारी राशन डीलर (कोटेदार) की दुकान पर जाएं।
  2. कोटेदार को अपना राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर बताएं।
  3. ई-पॉस (ePoS) मशीन पर अपनी उंगली अथवा अंगूठा लगाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करें (बुजुर्गों या दिव्यांगों के लिए आईरिस स्कैनर या ओटीपी विकल्प भी उपलब्ध है)।
  4. सत्यापन सफल होते ही इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर तौलकर निर्धारित मात्रा में गेहूं/चावल प्राप्त करें।
  5. मशीन से जनरेट होने वाली डिजिटल रसीद (जिसमें ₹0 शुल्क स्पष्ट अंकित होता है) अवश्य प्राप्त करें।

राशन कार्ड की ई-केवाईसी (e-KYC) कैसे करवाएं?

केंद्र सरकार के सख्त निर्देशों के अनुसार फर्जी और मृत कार्डधारकों के नाम हटाने के लिए प्रत्येक सदस्य का ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है:

  1. परिवार के सभी सदस्य अपने मूल आधार कार्ड के साथ नजदीकी सरकारी राशन डीलर के पास जाएं।
  2. डीलर की ई-पॉस मशीन पर ‘e-KYC’ विकल्प चुनें।
  3. प्रत्येक सदस्य का आधार नंबर दर्ज कर उसका बायोमेट्रिक स्कैन कराएं।
  4. सत्यापन होते ही उस सदस्य का नाम राशन कार्ड में सुरक्षित हो जाता है।
  5. आप गूगल प्ले स्टोर से ‘Mera Ration’ ऐप डाउनलोड करके भी अपने राशन कार्ड की ई-केवाईसी स्थिति, नजदीकी दुकान और पिछले 6 महीनों के लेनदेन की जांच कर सकते हैं।

ग्रामीण कल्याण और गरीब उत्थान की अन्य योजनाओं के लिए हमारे पोर्टल पर उपलब्ध पीएम आवास योजना ग्रामीण और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के विवरण भी अवश्य पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या राशन डीलर गेहूं या चावल के लिए पैसे मांग सकता है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। PMGKAY के अंतर्गत 31 दिसंबर 2028 तक सभी एनएफएसए लाभार्थियों के लिए खाद्यान्न 100% निःशुल्क है। यदि कोई डीलर पैसे मांगता है, तो वह गैरकानूनी है और टोल-फ्री 1967 पर तत्काल शिकायत की जा सकती है।

प्रश्न 2: यदि किसी सदस्य का अंगूठा ई-पॉस मशीन पर मैच न करे तो क्या होगा?
उत्तर: परिवार का कोई भी अन्य पंजीकृत सदस्य जाकर राशन उठा सकता है। इसके अतिरिक्त आंखों की पुतली (Iris Scanner) या आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी के माध्यम से भी सत्यापन की सुविधा दी गई है।

प्रश्न 3: नया राशन कार्ड कैसे बनवाया जा सकता है?
उत्तर: नया राशन कार्ड बनवाने के लिए अपने राज्य के खाद्य पोर्टल (जैसे fcs.up.gov.in, epds.bihar.gov.in आदि) पर ऑनलाइन आवेदन करें अथवा नजदीकी सीएससी (CSC) या तहसील में खाद्य आपूर्ति अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत करें।

प्रश्न 4: फोर्टीफाइड चावल क्या होता है और क्या यह सुरक्षित है?
उत्तर: हां, फोर्टीफाइड चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 का मिश्रण किया जाता है। यह बच्चों और महिलाओं में खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने के लिए पूरी तरह सुरक्षित और अत्यधिक पौष्टिक है।

आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन

आधिकारिक वेबसाइट: nfsa.gov.in
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1967 / 1800-180-2087
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय: dfpd.gov.in