स्वतंत्र एवं निष्पक्ष सरकारी योजना सूचना पोर्टल • 2026 अद्यतित संस्करण
सत्यापित सरकारी दिशानिर्देश • आधिकारिक मंत्रालय अधिसूचना पर आधारित

अन्नदाता सुखीभव योजना 2026 (आंध्र प्रदेश): किसानों को ₹20,000 सालाना सहायता, पट्टेदार लाभ, RSK पंजीयन व स्टेटस चेक

प्रकाशन: 19 अक्टूबर, 2026 • लेखक: योजनाए संपादकीय टीम
अन्नदाता सुखीभव योजना 2026 (आंध्र प्रदेश): किसानों को ₹20,000 सालाना सहायता, पट्टेदार लाभ, RSK पंजीयन व स्टेटस चेक

आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के अन्नदाता किसानों, काश्तकारों और कृषि परिवारों को कृषि लागत से मुक्त कर सशक्त बनाने के उद्देश्य से अन्नदाता सुखीभव योजना (Annadata Sukhibhava / रायथु भरोसा – Andhra Pradesh) का क्रियान्वयन किया गया है। कृषि एवं विपणन विभाग, आंध्र प्रदेश शासन द्वारा संचालित यह महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजना राज्य के प्रत्येक पात्र किसान परिवार को प्रति वर्ष ₹20,000 की ऐतिहासिक प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से प्रदान करती है।

अन्नदाता सुखीभव योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के ₹6,000 और आंध्र प्रदेश सरकार के ₹14,000 की राज्य सहायता को एकीकृत कर कुल ₹20,000 प्रति वर्ष तीन प्रमुख कृषि पड़ावों (खरीफ बोआई, रबी सीजन और संक्रांति फसल कटाई) पर उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके साथ ही अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़े वर्ग (BC) और अल्पसंख्यक समुदाय के भूमिहीन काश्तकार किसानों (Tenant Farmers) को भी फसल काश्तकार अधिकार कार्ड (CCRC) के माध्यम से पूरी ₹20,000 की सहायता राज्य सरकार अपने बजट से देती है। आइए जानते हैं योजना की पात्रता शर्तें, किस्तों का विवरण, आवश्यक दस्तावेज और आधिकारिक पोर्टल पर भुगतान स्थिति जांचने की पूरी ऑनलाइन विधि।

अन्नदाता सुखीभव योजना: मुख्य विशेषताएं व विवरण

प्रमुख पहलू आधिकारिक नियम व विवरण
योजना का नाम अन्नदाता सुखीभव योजना (Annadata Sukhibhava / Rythu Bharosa AP)
संबंधित राज्य आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh State Government)
नोडल विभाग कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, आंध्र प्रदेश शासन
कुल वार्षिक वित्तीय सहायता ₹20,000 प्रति वर्ष (राज्य ₹14,000 + केंद्र PM-Kisan ₹6,000)
किस्त वितरण संरचना 3 किस्तों में (खरीफ ₹7,500, रबी ₹7,500 तथा संक्रांति ₹5,000)
काश्तकार किसान सहायता (CCRC) भूमिहीन बटाईदारों को 100% राज्य वित्तपोषित ₹20,000 सहायता
अतिरिक्त कृषि लाभ निःशुल्क बोरवेल खनन, शून्य ब्याज फसल ऋण व निःशुल्क फसल बीमा
सेवा केंद्र रायथु सेवा केंद्र (Rythu Seva Kendram – RSK / ग्राम सचिवालय)
आधिकारिक राज्य पोर्टल ysrrythubharosa.ap.gov.in / karshak.ap.gov.in

योजना के प्रमुख उद्देश्य (Key Objectives)

आंध्र प्रदेश के किसानों को ऋणमुक्त और कृषि को अत्यधिक लाभकारी व्यवसाय बनाना इस योजना का मूल संकल्प है:

  • देश में सर्वाधिक कृषि आय सहायता: प्रति किसान परिवार ₹20,000 की सुनिश्चित राशि देकर बोआई और कटाई के समय नकदी की कमी समाप्त करना।
  • काश्तकार किसानों को सुरक्षा: पट्टे पर खेती करने वाले भूमिहीन किसानों को सीसीआरसी कार्ड के जरिए सीधे नकद अनुदान दिलाना।
  • कृषि उत्पादन लागत में कमी: खाद, प्रमाणित बीज, कीटनाशक और कृषि उपकरणों के भाड़े हेतु अग्रिम पूंजी उपलब्ध कराना।
  • ग्राम सचिवालय आधारित पारदर्शी डिलीवरी: रायथु सेवा केंद्रों (RSK) पर कृषि सहायकों द्वारा भौतिक सत्यापन और बायोमेट्रिक डीबीटी अंतरण।

योजना के विस्तृत लाभ व किस्तों का विवरण (Financial Benefits)

  1. प्रथम किस्त (खरीफ सीजन – मई/जून): खरीफ फसलों की बोआई के समय खाद-बीज खरीदने के लिए ₹7,500 की पहली किस्त बैंक खाते में भेजी जाती है।
  2. द्वितीय किस्त (रबी सीजन – अक्टूबर/नवंबर): रबी की फसलों की तैयारी और जुताई के समय ₹7,500 की दूसरी किस्त प्रदान की जाती है।
  3. तृतीय किस्त (संक्रांति फसल कटाई – जनवरी): फसलों की कटाई और त्योहार के समय ₹5,000 की तीसरी किस्त किसानों को सौंपी जाती है।
  4. काश्तकार किसानों को 100% सुरक्षा: एससी/एसटी/ओबीसी पट्टेदारों को बिना किसी जमीन के स्वामित्व के सीधे ₹20,000 का वार्षिक लाभ मिलता है।

पात्रता के नियम व मानदंड (Eligibility Criteria)

अन्नदाता सुखीभव योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक किसान को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:

  • आंध्र प्रदेश का मूल निवासी: किसान आंध्र प्रदेश राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • भू-अभिलेख वेबभूमि (Webland) में दर्ज: किसान के नाम पर आंध्र प्रदेश के भू-अभिलेख पोर्टल (Webland AP) में कृषि योग्य भूमि दर्ज होनी चाहिए।
  • काश्तकार किसान पात्रता: भूमिहीन बटाईदार किसानों के पास संबंधित भू-स्वामी के साथ निष्पादित वैध सीसीआरसी (Crop Cultivator Rights Card) होना अनिवार्य है।
  • बैंक खाता आधार सीडेड: किसान का बैंक खाता राष्ट्रीयकृत अथवा ग्रामीण बैंक में आधार से लिंक और एनपीसीआई पर सक्रिय होना चाहिए।
  • अपात्र श्रेणियां: संस्थागत भूमिधारक, वर्तमान अथवा पूर्व सांसद, विधायक, संवैधानिक पदधारक, नियमित सरकारी कर्मचारी अथवा सेवानिवृत्त पेंशनर जिनकी मासिक पेंशन ₹10,000 से अधिक हो, तथा आयकरदाता।

आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents)

  • किसान का आधार कार्ड: 12 अंकों का मूल आधार कार्ड।
  • वेबभूमि पट्टादार पासबुक (Pattadar Passbook): डिजिटल 1-बी एवं अदंगल (Adangal) नकल।
  • सीसीआरसी कार्ड (CCRC Card): पट्टेदार किसानों के लिए ग्राम सचिवालय द्वारा जारी काश्तकार अनुबंध कार्ड।
  • बैंक पासबुक: आधार सीडेड बैंक खाता विवरण (शाखा का नाम व आईएफएससी कोड सहित)।
  • निवास प्रमाण पत्र / राशन कार्ड।
  • मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो।

आवेदन व किसान पंजीयन की प्रक्रिया (Step-by-Step Application Procedure)

आंध्र प्रदेश सरकार ने ग्राम सचिवालय स्तर पर स्थापित रायथु सेवा केंद्रों के माध्यम से पारदर्शी आवेदन व्यवस्था बनाई है:

1. रायथु सेवा केंद्र (RSK) पर पंजीयन

  1. अपनी ग्राम पंचायत में स्थित रायथु सेवा केंद्र (Rythu Seva Kendram – RSK) पर जाएं।
  2. वहां तैनात ग्राम कृषि सहायक (Village Agriculture Assistant – VAA) से संपर्क करें और अन्नदाता सुखीभव आवेदन पत्र प्राप्त करें।
  3. फॉर्म में अपनी पट्टादार पासबुक संख्या, खसरा नंबर, आधार नंबर और बैंक खाता संख्या भरें।
  4. वेबभूमि नकल, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की प्रति संलग्न कर जमा करें।

2. ई-क्रॉप बुकिंग व सत्यापन (e-Crop Booking)

  1. ग्राम कृषि सहायक आपके खेत पर जाकर ई-क्रॉप (e-Crop) मोबाइल ऐप के माध्यम से बोई गई फसल की जियो-टैग तस्वीर और सर्वे नंबर दर्ज करता है।
  2. डेटा सत्यापित होते ही किसान का नाम karshak.ap.gov.in पोर्टल पर सक्रिय हो जाता है और राज्य मुख्यालय से सिंगल-क्लिक डीबीटी द्वारा सहायता जारी कर दी जाती है।

आधार सीडिंग व एनपीसीआई डीबीटी लिंकिंग निर्देश (Mandatory Bank Seeding)

अन्नदाता सुखीभव योजना की वित्तीय राशि सीधे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है। इसके लिए पात्र किसान का बैंक खाता भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) मैपर पर आधार संख्या से लिंक होना आवश्यक है। यदि किसी किसान के बैंक खाते में आधार इनएक्टिव अथवा अनसीडेड है, तो डीबीटी भुगतान विफल हो सकता है। ऐसे किसान अपने नजदीकी डाकघर या बैंक शाखा में जाकर आधार-सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) सक्रिय कराएं।

भुगतान स्थिति कैसे चेक करें? (Check Payment Status)

किसान आधिकारिक पोर्टल ysrrythubharosa.ap.gov.in अथवा karshak.ap.gov.in पर जाएं। ‘Payment Status’ लिंक पर क्लिक करें और अपना 12 अंकों का आधार कार्ड नंबर दर्ज करें। कैप्चा कोड भरकर सबमिट करते ही आपकी तीनों किस्तों की स्थिति, बैंक खाते का नाम, यूटीआर (UTR) नंबर और क्रेडिट होने की तारीख स्क्रीन पर आ जाएगी।

कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण लेखों के लिए हमारे पोर्टल पर उपलब्ध प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड योजना के विस्तृत मार्गदर्शक भी अवश्य पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या ₹20,000 की पूरी राशि राज्य सरकार देती है?
उत्तर: सामान्य भू-स्वामी किसानों के लिए ₹6,000 केंद्र सरकार की पीएम-किसान योजना से और ₹14,000 आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाते हैं (कुल ₹20,000)। जबकि भूमिहीन पट्टेदार किसानों को पूरे ₹20,000 राज्य सरकार अपने बजट से देती है।

प्रश्न 2: पट्टेदार किसान को सीसीआरसी कार्ड कैसे मिलता है?
उत्तर: काश्तकार किसान और जमीन मालिक के बीच 1 वर्ष का मौखिक/लिखित अनुबंध होने पर ग्राम राजस्व अधिकारी (VRO) और ग्राम कृषि सहायक (VAA) की मौजूदगी में ग्राम सचिवालय द्वारा सीसीआरसी कार्ड जारी किया जाता है।

प्रश्न 3: यदि बैंक खाते में पैसा न आए तो कहां शिकायत करें?
उत्तर: किसान अपने स्थानीय रायथु सेवा केंद्र में जाकर अपनी ई-केवाईसी या बैंक सीडिंग स्थिति चेक करा सकते हैं अथवा राज्य किसान टोल-फ्री हेल्पलाइन 1907 पर कॉल कर सकते हैं।

आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)

आधिकारिक राज्य पोर्टल: ysrrythubharosa.ap.gov.in / karshak.ap.gov.in
कृषि आयुक्तालय, ओल्ड मिर्ची यार्ड, जीटी रोड, गुंटूर, आंध्र प्रदेश – 522004
किसान सहायता राज्य टोल-फ्री नंबर: 1907 (24×7 सेवा)
ईमेल संपर्क: support-rythubharosa@ap.gov.in