गुजरात सरकार द्वारा राज्य में बालिकाओं के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने, कन्या भ्रूण हत्या पर पूर्ण विराम लगाने और बेटियों को उच्च शिक्षा की दिशा में अग्रसर करने के लिए व्हाली दीकरी योजना (Vhali Dikri Yojana) का सफल संचालन किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग, गुजरात शासन द्वारा संचालित यह कल्याणकारी योजना गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों में जन्म लेने वाली पहली दो बेटियों को जन्म से लेकर 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक कुल ₹1,10,000 (एक लाख दस हजार रुपये) की सुनिश्चित वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
व्हाली दीकरी योजना के अंतर्गत राज्य की बेटियों को कक्षा 1 और कक्षा 9 में प्रवेश के समय नकद वित्तीय सहायता दी जाती है, तथा जब बालिका 18 वर्ष की वयस्क आयु प्राप्त कर लेती है, तो उसे उच्च शिक्षण संस्थान में प्रवेश अथवा विवाह के लिए एकमुश्त ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) का सावधि बचत बॉन्ड/डीबीटी राशि सौंपी जाती है। आइए जानते हैं योजना की तीनों किस्तों का विवरण, वार्षिक आय सीमा के नियम, आवश्यक दस्तावेज, डिजिटल गुजरात पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन और लाभार्थी स्थिति की पूरी जानकारी।
व्हाली दीकरी योजना: मुख्य विशेषताएं व विवरण
| प्रमुख पहलू | आधिकारिक नियम व विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | व्हाली दीकरी योजना (Vhali Dikri Scheme Gujarat) |
| संबंधित राज्य | गुजरात (Gujarat State Government) |
| नोडल विभाग | महिला एवं बाल विकास विभाग, गुजरात सरकार |
| कुल संचयी वित्तीय लाभ | ₹1,10,000 (एक लाख दस हजार रुपये) |
| लागू होने की प्रभावी तिथि | 2 अगस्त 2019 अथवा उसके बाद जन्मी बालिकाएं |
| परिवार की वार्षिक आय सीमा | अधिकतम ₹2,00,000 (दो लाख रुपये प्रति वर्ष तक) |
| पात्र बालिकाओं की संख्या | परिवार की पहली दो जीवित बेटियां (प्रथम 2 संतान) |
| 18 वर्ष पूर्ण होने पर अंतिम राशि | ₹1,00,000 (एक लाख रुपये उच्च शिक्षा अथवा विवाह हेतु) |
| आधिकारिक राज्य पोर्टल | wcd.gujarat.gov.in / digitalgujarat.gov.in |
योजना के प्रमुख उद्देश्य (Key Objectives)
गुजरात में बालिका अनुपात में क्रांतिकारी सुधार और महिला साक्षरता को नई ऊंचाइयों पर ले जाना इस योजना का मूल आधार है:
- लिंगानुपात को संतुलित करना: जन्म के समय बेटियों के घटते अनुपात को रोकना और समाज में कन्या जन्म को सम्मान दिलाना।
- बालिका ड्रॉप-आउट दर को शून्य करना: प्राथमिक व माध्यमिक स्तर पर स्कूल छोड़ने वाली बालिकाओं को वित्तीय प्रोत्साहन देकर पढ़ाई जारी रखने में मदद करना।
- बाल विवाह की रोकथाम: ₹1 लाख की अंतिम सहायता के लिए न्यूनतम 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने की कानूनी शर्त लागू करना।
- उच्च शिक्षा में प्रवेश: 12वीं के बाद कॉलेज, नर्सिंग, मेडिकल, इंजीनियरिंग या वोकेशनल कोर्स में प्रवेश हेतु बालिकाओं को वित्तीय स्वतंत्रता देना।
व्हाली दीकरी योजना के 3-चरणीय वित्तीय लाभ (Financial Milestones)
- प्रथम किस्त (कक्षा 1 में प्रवेश): जब बालिका 5 से 6 वर्ष की होकर कक्षा पहली (1st Class) में प्राथमिक विद्यालय में दाखिला लेती है, तब ₹4,000 की वित्तीय सहायता बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
- द्वितीय किस्त (कक्षा 9 में प्रवेश): जब बालिका प्राथमिक स्तर उत्तीर्ण कर माध्यमिक विद्यालय की कक्षा 9वीं में प्रवेश करती है, तब ₹6,000 की दूसरी किस्त प्रदान की जाती है।
- तृतीय किस्त (18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर): जब बालिका 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेती है, न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण हो और अविवाहित हो, तो उसे उच्च शिक्षा में प्रवेश या विवाह के समय एकमुश्त ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की बड़ी सहायता राशि प्रदान की जाती है।
पात्रता के कड़े नियम व मापदंड (Eligibility Criteria)
व्हाली दीकरी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित मापदंडों का पालन करना आवश्यक है:
- गुजरात का मूल निवासी: बालिका और उसके माता-पिता गुजरात राज्य के स्थायी निवासी होने चाहिए।
- जन्म तिथि का नियम: बालिका का जन्म 2 अगस्त 2019 या उसके बाद हुआ होना चाहिए।
- पारिवारिक आय सीमा: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- बालिकाओं की संख्या: परिवार की केवल पहली दो बेटियों को ही इस योजना का लाभ मिल सकता है। दूसरी संतान के बाद दंपत्ति को परिवार नियोजन (नसबंदी) प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
- अविवाहित रहने की शर्त: अंतिम ₹1 लाख की राशि प्राप्त करते समय बालिका का विवाह 18 वर्ष से कम उम्र में नहीं होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents)
- बालिका का मूल जन्म प्रमाण पत्र: सक्षम नगर पालिका अथवा ग्राम पंचायत द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
- माता-पिता का आधार कार्ड: माता और पिता दोनों का आधार कार्ड।
- आय प्रमाण पत्र: मामलेदार (Mamlatdar) अथवा तालुका विकास अधिकारी (TDO) द्वारा जारी ₹2 लाख तक का आय प्रमाण पत्र।
- सक्षम प्राधिकारी का निवास प्रमाण पत्र: राशन कार्ड, बिजली बिल अथवा मूल निवास प्रमाण पत्र।
- स्कूल बोनाफाइड सर्टिफिकेट: कक्षा 1 और 9 में प्रवेश के समय स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा जारी अध्ययनरत प्रमाणपत्र।
- परिवार नियोजन प्रमाण पत्र: दूसरी संतान के बाद माता/पिता द्वारा कराई गई नसबंदी का चिकित्सा प्रमाण पत्र।
- बैंक पासबुक: बालिका और माता के नाम का संयुक्त आधार सीडेड बैंक खाता विवरण।
आवेदन व पंजीकरण की प्रक्रिया (Step-by-Step Application Procedure)
गुजरात सरकार द्वारा इस योजना के लिए ऑफलाइन और डिजिटल गुजरात पोर्टल दोनों के माध्यम से आवेदन की सुविधा दी गई है:
1. आंगनवाड़ी / सीडीपीओ कार्यालय के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन
- बालिका के जन्म के 1 वर्ष के भीतर नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र अथवा तालुका महिला एवं बाल विकास अधिकारी (CDPO) कार्यालय से आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- फॉर्म में माता, पिता और बालिका का पूरा विवरण ध्यानपूर्वक भरें।
- जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और बैंक खाते की प्रति संलग्न करें।
- फॉर्म को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अथवा सीडीपीओ कार्यालय में जमा कराकर पावती रसीद प्राप्त करें।
2. डिजिटल गुजरात (Digital Gujarat) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन
- गुजरात सरकार के आधिकारिक सेवा पोर्टल digitalgujarat.gov.in पर जाएं।
- सिटिजन लॉगिन बनाएं और ‘Revenue & Social Welfare Services’ सेक्शन में ‘Vhali Dikri Yojana’ का चयन करें।
- ऑनलाइन फॉर्म भरें, सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें।
- आवेदन स्वीकृत होते ही डिजिटल स्वीकृति प्रमाण पत्र (Sanction Letter) जारी हो जाता है।
आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें? (Application Status Tracking)
आवेदक digitalgujarat.gov.in पर जाकर ‘Check Application Status’ विकल्प में अपना आवेदन क्रमांक (Application Reference Number) दर्ज करके फाइल का स्टेटस देख सकते हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायत के वीसीई (VCE) अथवा तालुका महिला एवं बाल विकास कार्यालय में जाकर भी आवेदन की प्रगति की जानकारी ली जा सकती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या 2 अगस्त 2019 से पहले जन्मी बेटियों को व्हाली दीकरी योजना का लाभ मिल सकता है?
उत्तर: नहीं, गुजरात सरकार के शासनादेश के अनुसार यह योजना 2 अगस्त 2019 और उसके बाद जन्मी बालिकाओं के लिए ही लागू है।
प्रश्न 2: बच्ची के जन्म के कितने दिनों के भीतर आवेदन करना जरूरी है?
उत्तर: प्रथम किस्त के लिए बालिका के जन्म के 1 वर्ष के भीतर आंगनवाड़ी अथवा पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। विशेष परिस्थितियों में विलंब होने पर उचित कारण सहित छूट का प्रावधान है।
प्रश्न 3: क्या यदि परिवार में जुड़वां बेटियां पैदा होती हैं तो क्या दोनों को लाभ मिलेगा?
उत्तर: हां, यदि पहली या दूसरी डिलीवरी में जुड़वां बच्चियां पैदा होती हैं, तो नियमानुसार सभी पात्र बच्चियों को योजना का अलग-अलग लाभ प्रदान किया जाता है।
आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)
आधिकारिक राज्य पोर्टल: wcd.gujarat.gov.in / digitalgujarat.gov.in
महिला एवं बाल विकास विभाग, ब्लॉक नंबर 9, 6ठी मंजिल, नया सचिवालय, गांधीनगर – 382010
महिला हेल्पलाइन नंबर (गुजरात): 181 (अभयम हेल्पलाइन – 24×7)
डिजिटल गुजरात सहायता डेस्क: 1800-233-5500