झारखंड सरकार द्वारा राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बेघर, अत्यंत निर्धन और कच्चे घरों में गुजर-बसर कर रहे गरीब परिवारों को सम्मानजनक छत और सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के लिए अबुआ आवास योजना (Abua Awas Yojana – AAY) का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार द्वारा शुरू की गई यह ऐतिहासिक आवास योजना केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) से छूटे हुए और आवासविहीन परिवारों को 3 कमरों का पक्का मकान (3-Room Pucca House) और स्वच्छ रसोईघर बनाने के लिए सीधे ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) का अनुदान प्रदान करती है।
अबुआ आवास योजना देश की पहली ऐसी राज्य आवास योजना है जो लाभार्थियों को सामान्य 2 कमरों के बजाय 3 कमरों का पक्का मकान और रसोईघर की सुविधा देती है। इसके अंतर्गत ₹2 लाख की अनुदान राशि 4 चरणों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। इसके अतिरिक्त, मकान निर्माण के दौरान लाभार्थी को मनरेगा (MGNREGA) के तहत 95 मानव दिवसों का मजदूरी भुगतान (लगभग ₹26,000) तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण हेतु ₹12,000 की अलग से सहायता मिलती है। आइए जानते हैं योजना की पात्रता शर्तें, प्राथमिकता अंक प्रणाली, आवश्यक दस्तावेज, ग्राम सभा चयन प्रक्रिया और अबुआ आवास पोर्टल पर लाभार्थी सूची जांचने की पूरी विधि।
अबुआ आवास योजना: मुख्य विशेषताएं व विवरण
| प्रमुख पहलू | आधिकारिक नियम व विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | अबुआ आवास योजना (Abua Awas Yojana Jharkhand) |
| संबंधित राज्य | झारखंड (Jharkhand State Government) |
| नोडल विभाग | ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड शासन |
| मकान का प्रारूप | 3 कमरों का पक्का मकान (3 Rooms) + स्वच्छ रसोईघर |
| कुल नकद आवास अनुदान | ₹2,00,000 (दो लाख रुपये – 4 किस्तों में डीबीटी द्वारा) |
| मनरेगा मजदूरी सहायता | 90 से 95 मानव दिवसों की अकुशल मजदूरी (लगभग ₹26,000+) |
| शौचालय निर्माण सहायता | ₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत) |
| कुल संचयी सहायता पैकेज | लगभग ₹2,38,000 की समग्र सहायता |
| लक्षित लाभार्थी | पीएम आवास से वंचित, कच्चे घरों वाले गरीब व बेघर परिवार |
| आधिकारिक राज्य पोर्टल | aay.jharkhand.gov.in / rhreporting.nic.in |
योजना के प्रमुख उद्देश्य (Key Objectives)
झारखंड के हर गरीब परिवार को प्राकृतिक आपदाओं, बारिश और धूप से सुरक्षित पक्का आशियाना देना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है:
- 3 कमरों का गरिमापूर्ण मकान: ग्रामीण परिवारों की निजता और सम्मान को ध्यान में रखते हुए 3 कमरों का बड़ा आवास उपलब्ध कराना।
- पीएम आवास के वंचितों को न्याय: सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (SECC-2011) और आवास प्लस सूची में छूटे लाखों जरूरतमंद परिवारों को लाभान्वित करना।
- महिला मुखिया के नाम आवास: मकान का आवंटन प्राथमिकता के आधार पर परिवार की महिला मुखिया के नाम पर करना जिससे महिला सशक्तिकरण हो।
- भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी चयन: ‘आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार’ शिविरों में पारदर्शी अंक प्रणाली (Scoring System) और ग्राम सभा द्वारा अनुमोदन।
अबुआ आवास योजना की 4 किस्तों का वितरण विवरण (Installment Slabs)
- प्रथम किस्त (नींव / प्लिंथ स्तर): आवास स्वीकृत होने और भूमि का जियो-टैगिंग सत्यापन होने पर निर्माण सामग्री खरीदने व नींव भरने हेतु ₹30,000 (15%) की पहली किस्त मिलती है।
- द्वितीय किस्त (लिंटेल स्तर): प्लिंथ स्तर पूरा होने और दीवारों की लिंटेल तक चिनाई होने पर ₹50,000 (25%) की दूसरी किस्त जारी होती है।
- तृतीय किस्त (छत ढलाई स्तर): लिंटेल पूरा होने और पक्की छत ढलने पर सबसे बड़ी किस्त ₹1,00,000 (50%) सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
- चतुर्थ किस्त (प्लास्टर, रंगाई व पूर्णता): फर्श, खिड़की-दरवाजे, प्लास्टर और पेंटिंग पूरी होने पर ₹20,000 (10%) की अंतिम किस्त प्रदान की जाती है।
पात्रता के कड़े नियम व स्कोरिंग प्रणाली (Eligibility Criteria)
अबुआ आवास योजना के अंतर्गत चयन के लिए सरकार ने स्पष्ट अंक निर्धारण (Score Sheet) व्यवस्था बनाई है:
- झारखंड का मूल निवासी: परिवार झारखंड राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- कच्चे मकान या बेघर परिवार: परिवार पूरी तरह से बेघर हो अथवा कच्चे खपरैल, मिट्टी, घास-फूस या पॉलिथीन की झोपड़ी में रह रहा हो।
- पीएम आवास का लाभ न मिला हो: परिवार को पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), इंदिरा आवास योजना अथवा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना का लाभ न मिला हो।
- अति-प्राथमिकता वर्ग: आदिम जनजाति (PVTG), प्राकृतिक आपदा पीड़ित, दिव्यांग मुखिया वाले परिवार, कानूनी रूप से रिहा बंधुआ मजदूर और विधवा महिलाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता।
- अपात्र श्रेणियां:
- जिन परिवारों के पास 2 या उससे अधिक कमरों का पक्का मकान पहले से मौजूद हो।
- जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में नियमित कर्मचारी या पेंशनर हो।
- आयकर देने वाले परिवार अथवा जिनके पास चार पहिया मोटर वाहन या कृषि ट्रैक्टर हो।
आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents)
- परिवार के मुखिया व सदस्यों के आधार कार्ड।
- राशन कार्ड: झारखंड का लाल, पीला अथवा हरा राशन कार्ड।
- जॉब कार्ड (MGNREGA Job Card): मनरेगा मजदूरी प्राप्त करने के लिए जॉब कार्ड नंबर।
- बैंक खाता पासबुक: आधार सीडेड बैंक खाता (जिसमें डीबीटी सक्रिय हो)।
- वर्तमान कच्चे मकान की तस्वीर: कच्चे मकान या झोपड़ी के सामने खड़े होकर खींची गई फोटो।
- भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र / वंशावली: जिस जमीन पर मकान बनना है उसका पर्चा या ग्राम प्रधान प्रमाण पत्र।
- मोबाइल नंबर: जियो-टैगिंग और एसएमएस अलर्ट के लिए।
आवेदन व चयन की प्रक्रिया (Step-by-Step Selection Procedure)
झारखंड सरकार ने अबुआ आवास योजना में बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करने के लिए त्रि-स्तरीय पारदर्शी व्यवस्था बनाई है:
1. सरकार आपके द्वार शिविरों में आवेदन
- पंचायत स्तर पर आयोजित ‘आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार’ शिविर में जाएं और अबुआ आवास फॉर्म निःशुल्क प्राप्त करें।
- फॉर्म में अपने परिवार, कच्चे मकान की स्थिति, जमीन और बैंक खाते का विवरण भरें।
- शिविर काउंटर पर फॉर्म जमा करें, जहां ऑपरेटर आपके आवेदन को aay.jharkhand.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्ट कर पावती रसीद सौंपता है।
2. सत्यापन, स्कोरिंग और ग्राम सभा अनुमोदन
- प्रखंड स्तरीय जांच दल (Verification Team) आवेदक के घर जाकर भौतिक निरीक्षण करता है और निर्धारित मानदंडों के आधार पर अंक (Points) देता है।
- अंकों के आधार पर तैयार प्राथमिकता सूची को संबंधित ग्राम सभा (Gram Sabha) की खुली बैठक में प्रस्तुत किया जाता है।
- ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित सूची को प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) और उपायुक्त (DC) कार्यालय द्वारा अंतिम स्वीकृति देकर वर्क ऑर्डर (Sanction Order) जारी किया जाता है।
अबुआ आवास लाभार्थी सूची कैसे चेक करें? (Beneficiary List Tracking)
नागरिक आधिकारिक वेबसाइट aay.jharkhand.gov.in अथवा rhreporting.nic.in पर जाएं। ‘Reports’ मेनू के अंतर्गत ‘Beneficiary Details for Verification’ पर क्लिक करें। अपना राज्य (Jharkhand), जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करें। आपके गांव की स्वीकृत, प्रतीक्षारत और निर्माणाधीन अबुआ आवासों की पूरी सूची उनके नाम और वित्तीय किस्तों की स्थिति के साथ स्क्रीन पर आ जाएगी।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: अबुआ आवास योजना में कुल कितने कमरों का मकान बनता है?
उत्तर: अबुआ आवास योजना के अंतर्गत 3 कमरों का पक्का मकान और एक अलग स्वच्छ रसोईघर का निर्माण किया जाता है, जिसके लिए कुल ₹2,00,000 की सरकारी अनुदान राशि मिलती है।
प्रश्न 2: यदि किसी व्यक्ति के नाम जमीन का पट्टा नहीं है, तो क्या उसे आवास मिलेगा?
उत्तर: यदि परिवार के पास अपनी पुश्तैनी जमीन है या ग्राम समाज द्वारा आवंटित जमीन है, तो ग्राम प्रधान/मुखिया और अंचल अधिकारी (CO) की अनापत्ति (NOC) के आधार पर आवास स्वीकृत किया जा सकता है।
प्रश्न 3: क्या अबुआ आवास के लिए किसी को रिश्वत देने की आवश्यकता है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं, अबुआ आवास योजना पूरी तरह पारदर्शी है और चयन ग्राम सभा की खुली बैठक में योग्यता अंकों के आधार पर होता है। यदि कोई बिचौलिया या अधिकारी रिश्वत मांगता है, तो तुरंत जिले के उपायुक्त (DC) या टोल-फ्री 181 पर शिकायत दर्ज कराएं।
आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)
आधिकारिक राज्य पोर्टल: aay.jharkhand.gov.in / jharkhand.gov.in
ग्रामीण विकास विभाग, एफएफपी बिल्डिंग, धुर्वा, रांची – 834004
राज्य टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800-345-6534
झारखंड मुख्यमंत्री जनसंवाद हेल्पलाइन: 181