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पीएम पोषण योजना 2026: सरकारी स्कूलों में फ्री गर्म भोजन, पोषण मानक व नई गाइडलाइंस, देखें नियम

प्रकाशन: 10 अक्टूबर, 2026 • अद्यतित: 15 अक्टूबर, 2026 • लेखक: योजनाए संपादकीय टीम
पीएम पोषण योजना 2026: सरकारी स्कूलों में फ्री गर्म भोजन, पोषण मानक व नई गाइडलाइंस, देखें नियम

देश के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले करोड़ों बच्चों में कुपोषण को समाप्त करने, विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और उनके शारीरिक व मानसिक विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा पीएम पोषण योजना (PM POSHAN – Pradhan Mantri Poshan Shakti Nirman) चलाई जा रही है। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) द्वारा संचालित यह योजना पूर्ववर्ती ‘मध्याह्न भोजन योजना’ (Mid-Day Meal Scheme) का आधुनिक, सुदृढ़ और व्यापक रूप है।

इस योजना के अंतर्गत देश के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ अब पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं (बालवाटिका – Balvatika) के नन्हें बच्चों को भी हर विद्यालयी कार्य दिवस पर ताजा गर्म पका हुआ पौष्टिक भोजन (Hot Cooked Nutritious Meal) पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। योजना में न केवल निर्धारित कैलोरी और प्रोटीन मानक तय किए गए हैं, बल्कि स्कूलों में पोषण वाटिका (Kitchen Gardens) और जन-भागीदारी आधारित ‘तिथि भोजन’ की अनूठी पहल भी शुरू की गई है। आइए जानते हैं योजना के सभी नियम, पोषण मानक, लाभ और निगरानी व्यवस्था की पूरी जानकारी।

पीएम पोषण योजना: मुख्य विशेषताएं व हाइलाइट्स

प्रमुख पहलू आधिकारिक नियम व विवरण
योजना का नाम पीएम पोषण योजना (प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण – PM POSHAN)
नोडल मंत्रालय स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
कक्षा व आयु दायरा बालवाटिका (पूर्व-प्राथमिक) से लेकर कक्षा 8 तक के सभी विद्यार्थी
प्राथमिक स्तर (कक्षा 1-5) पोषण मानक 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन प्रति दिन प्रति छात्र (100 ग्राम खाद्यान्न)
उच्च प्राथमिक (कक्षा 6-8) पोषण मानक 700 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन प्रति दिन प्रति छात्र (150 ग्राम खाद्यान्न)
खाद्यान्न का स्रोत भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा 100% निःशुल्क आपूर्ति
विशेष जन-पहल तिथि भोजन (सामुदायिक भागीदारी) व स्कूल पोषण वाटिका
आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल pmposhan.education.gov.in

योजना का मुख्य उद्देश्य

भारत में प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमीकरण और बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन में पीएम पोषण योजना एक रीढ़ की हड्डी के समान है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • वंचित और गरीब परिवारों के बच्चों को पौष्टिक भोजन देकर भूख और कुपोषण से मुक्ति दिलाना।
  • सरकारी स्कूलों में नामांकन (Enrollment), नियमित उपस्थिति (Attendance) और बच्चों के स्कूल में टिके रहने की दर (Retention) को बढ़ाना।
  • कक्षा छोड़ने (Dropout) की दर को न्यूनतम करना, विशेषकर बालिकाओं और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के बच्चों के बीच।
  • विभिन्न जातियों और पृष्ठभूमियों के बच्चों को एक साथ पंक्ति में बिठाकर भोजन कराने से सामाजिक समरसता और समानता की भावना विकसित करना।
  • बच्चों को स्वच्छता, हाथ धोने के नियम और स्वस्थ खान-पान की अच्छी आदतें सिखाना।

पोषण मानक और दैनिक आहार का विवरण (Nutritional Norms)

केंद्र सरकार के सख्त वैज्ञानिक दिशानिर्देशों के अनुसार प्रत्येक बच्चे को दिए जाने वाले भोजन में निम्नलिखित अनिवार्य पोषक तत्व होने चाहिए:

घटक / पोषक तत्व प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8)
ऊर्जा (Calories) न्यूनतम 450 Kcal न्यूनतम 700 Kcal
प्रोटीन (Protein) न्यूनतम 12 ग्राम न्यूनतम 20 ग्राम
खाद्यान्न (गेहूं / चावल) 100 ग्राम प्रति दिन 150 ग्राम प्रति दिन
दालें (Pulses) 20 ग्राम प्रति दिन 30 ग्राम प्रति दिन
सब्जियां (हरी व पत्तेदार) 50 ग्राम प्रति दिन 75 ग्राम प्रति दिन
तेल व वसा (Oil & Fats) 5 ग्राम प्रति दिन 7.5 ग्राम प्रति दिन

नोट: इसके अतिरिक्त बच्चों में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए भोजन में अनिवार्य रूप से फोर्टीफाइड चावल (आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी12 युक्त), आयोडीन युक्त नमक तथा आयरन व फोलिक एसिड (IFA) की गोलियां और डी-वर्मिंग गोलियां स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से दी जाती हैं।

योजना की अनूठी नई विशेषताएं (Innovative Features)

नवीन पीएम पोषण योजना में कई आधुनिक और सामाजिक नवाचार शामिल किए गए हैं:

  • बालवाटिका का समावेशन: अब प्राथमिक स्कूलों से जुड़े पूर्व-प्राथमिक वर्गों (3 से 5 वर्ष के बच्चों) को भी ताजा पका हुआ गर्म भोजन प्रदान किया जाता है।
  • तिथि भोजन (Tithi Bhojan): यह एक स्वैच्छिक सामुदायिक पहल है, जहां स्थानीय नागरिक अपने परिवार के विशेष अवसरों (जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, त्योहार या पूर्वजों की स्मृति) पर स्कूली बच्चों को अपनी ओर से पौष्टिक मिठाई, फल या विशेष भोजन वितरित करते हैं।
  • स्कूल पोषण वाटिका (School Nutrition Gardens): स्कूलों के खाली परिसर में शिक्षकों और बच्चों के सहयोग से हरी सब्जियां, फल और जड़ी-बूटियां उगाई जाती हैं, जिनका उपयोग ताजा भोजन पकाने में किया जाता है। इससे बच्चों में प्रकृति प्रेम भी बढ़ता है।
  • रसोइया-सह-सहायक (Cook-cum-Helpers): भोजन पकाने के लिए स्थानीय महिलाओं (विशेषकर विधवाओं और वंचित वर्गों) को रसोइया नियुक्त किया जाता है और उन्हें सरकार द्वारा प्रत्यक्ष बैंक खाते में मानदेय दिया जाता है।

पात्रता के नियम: किन बच्चों को मिलता है भोजन?

  1. सभी सरकारी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राएं।
  2. सरकारी सहायता प्राप्त (Government-Aided) विद्यालयों के सभी छात्र।
  3. स्थानीय निकायों (नगर निगम, नगर पालिका, जिला पंचायत) द्वारा संचालित विद्यालयों के छात्र।
  4. सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) और विशेष प्रशिक्षण केंद्रों के छात्र।
  5. कक्षा 1 से 8 तक और बालवाटिका के सभी उपस्थित बच्चे स्वतः इस योजना के पात्र हैं।

नामांकन व लाभ प्राप्ति हेतु आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

  • छात्र का आधार कार्ड: अपार आईडी (APAAR ID) और यू-डाइस डेटा सत्यापन हेतु।
  • जन्म प्रमाण पत्र: विद्यालय में सही आयु वर्ग और कक्षा में प्रवेश हेतु।
  • पूर्व विद्यालय का स्थानांतरण प्रमाण पत्र (TC) या प्रवेश फॉर्म।
  • माता-पिता का आधार कार्ड व राशन कार्ड: पहचान व पारिवारिक सत्यापन हेतु।
  • सक्रिय बैंक पासबुक: सूखा अथवा आपात स्थिति में खाद्य सुरक्षा भत्ता (Food Security Allowance) डीबीटी द्वारा प्राप्त करने हेतु।

आवेदन प्रक्रिया: विद्यालय में पोषण लाभ कैसे प्राप्त करें? (Step-by-Step)

पीएम पोषण योजना के अंतर्गत प्रतिदिन गर्म पका भोजन प्राप्त करने के लिए किसी अलग आवेदन की आवश्यकता नहीं होती:

  1. माता-पिता अपने नजदीकी सरकारी या सहायता प्राप्त प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चे का सामान्य प्रवेश (Admission) कराएं।
  2. आवश्यक दस्तावेज (जन्म प्रमाण पत्र व आधार) विद्यालय में जमा करते ही बच्चे का नाम यू-डाइस प्लस (UDISE+) पोर्टल पर दर्ज हो जाता है।
  3. विद्यालय में उपस्थिति दर्ज होते ही बच्चा प्रतिदिन दोपहर में निःशुल्क पौष्टिक गर्म भोजन पाने का पूर्ण हकदार हो जाता है।

गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा मानक (Food Safety & Quality)

भोजन की गुणवत्ता और शुद्धता बनाए रखने के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं:

  • भोजन केवल एगमार्क (AGMARK) प्रमाणित गुणवत्ता वाले तेल, मसालों और आयोडीन युक्त नमक से पकाया जाता है।
  • बच्चों को परोसने से पहले स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के कम से कम 2 से 3 वयस्क सदस्य (शिक्षकों और माताओं में से) भोजन का स्वयं स्वाद चखते हैं (Food Tasting Register) और उसकी गुणवत्ता दर्ज करते हैं।
  • प्रत्येक जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) द्वारा भोजन के नमूनों का प्रयोगशाला में नियमित परीक्षण किया जाता है।
  • कुक-कम-हेल्पर्स के लिए एप्रन, ग्लव्स, हेड-कवर और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया है।

योजना की निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था

शिक्षा मंत्रालय द्वारा योजना की दैनिक निगरानी के लिए अत्याधुनिक स्वचालित निगरानी प्रणाली (Automated Monitoring System – AMS) और एसएमएस/आईवीआरएस पोर्टल संचालित किया जाता है:

  1. प्रत्येक विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे तक एसएमएस (SMS) के माध्यम से उस दिन भोजन करने वाले बच्चों की वास्तविक संख्या पोर्टल पर दर्ज की जाती है।
  2. अभिभावक और नागरिक शिक्षा मंत्रालय के राष्ट्रीय पीएम पोषण पोर्टल pmposhan.education.gov.in पर जाकर अपने राज्य, जिले और स्कूल में भोजन वितरण की स्थिति देख सकते हैं।
  3. यदि किसी स्कूल में भोजन नहीं बनाया जा रहा है या गुणवत्ता खराब है, तो खंड शिक्षा अधिकारी (BEO), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अथवा राज्य के मध्याह्न भोजन टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत शिकायत की जा सकती है।

स्कूली शिक्षा और पोषण से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए हमारे पोर्टल पर उपलब्ध समग्र शिक्षा अभियान और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के विवरण भी अवश्य पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या गर्मियों की छुट्टियों में भी भोजन मिलता है?
उत्तर: सामान्यतः यह योजना केवल विद्यालयी कार्य दिवसों के दौरान ही संचालित होती है। हालांकि, गंभीर सूखा प्रभावित घोषित क्षेत्रों में केंद्र सरकार की विशेष अनुमति से ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

प्रश्न 2: क्या बच्चों के अभिभावकों से भोजन पकाने का कोई शुल्क लिया जा सकता है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। पीएम पोषण योजना पूरी तरह निःशुल्क है। खाद्यान्न, दालें, तेल, सब्जियां, गैस सिलेंडर और रसोइयों का मानदेय शत-प्रतिशत सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

प्रश्न 3: क्या निजी स्कूलों के छात्र भी इसके पात्र हैं?
उत्तर: नहीं, यह योजना केवल सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय प्राथमिक विद्यालयों के लिए है। अनएडेड निजी (Private) स्कूलों के छात्र इसके दायरे में नहीं आते।

आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)

आधिकारिक वेबसाइट: pmposhan.education.gov.in
शिक्षा मंत्रालय राष्ट्रीय पोर्टल: education.gov.in
पीएम पोषण राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-111-212
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शास्त्री भवन, नई दिल्ली: dsel.education.gov.in