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राजस्थान पालनहार योजना 2026: अनाथ व जरूरतमंद बच्चों को ₹1,500 से ₹2,500 मासिक सहायता व ₹2,000 वस्त्र भत्ता

प्रकाशन: 10 अक्टूबर, 2026 • अद्यतित: 15 अक्टूबर, 2026 • लेखक: योजनाए संपादकीय टीम
राजस्थान पालनहार योजना 2026: अनाथ व जरूरतमंद बच्चों को ₹1,500 से ₹2,500 मासिक सहायता व ₹2,000 वस्त्र भत्ता

राजस्थान के अनाथ, बेसहारा और अत्यधिक संकटग्रस्त परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को अनाथालयों में भेजने के स्थान पर उनके अपने ही निकटतम रिश्तेदारों और पारिवारिक परिवेश में स्नेहपूर्ण पालन-पोषण व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान पालनहार योजना (Rajasthan Palanhar Yojana) का ऐतिहासिक संचालन किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SJE), राजस्थान सरकार द्वारा संचालित यह देश की सबसे अनूठी और संवेदनशील बाल कल्याण योजना है, जिसके अंतर्गत बच्चे की देखरेख करने वाले पारिवारिक संरक्षक (पालनहार) को 18 वर्ष की आयु तक प्रति माह ₹1,500 से लेकर ₹2,500 तक की निश्चित पेंशन सहायता सीधे बैंक खाते में प्रदान की जाती है।

इसके अतिरिक्त प्रति वर्ष स्कूली यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते और स्टेशनरी की खरीद हेतु प्रत्येक बच्चे के लिए ₹2,000 की वार्षिक एकमुश्त अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। योजना के अंतर्गत न केवल अनाथ बच्चों को बल्कि विधवा माता के बच्चों, नाता जाने वाली माताओं के बच्चों, दिव्यांग माता-पिता के बच्चों, एचआईवी/कुष्ठ रोग से ग्रसित अथवा आजीवन कारावास भुगत रहे कैदियों के बच्चों को भी सुरक्षा कवच दिया गया है। आइए जानते हैं योजना के सभी संशोधित नियम, श्रेणीवार मासिक अनुदान, पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज और एसएसओ (SSO) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन व नवीनीकरण की पूरी विधि।

राजस्थान पालनहार योजना: मुख्य विशेषताएं व हाइलाइट्स

प्रमुख पहलू आधिकारिक नियम व विवरण
योजना का नाम राजस्थान पालनहार योजना (Palanhar Yojana Rajasthan)
संबंधित राज्य राजस्थान (Rajasthan State Government)
नोडल विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SJE), राजस्थान
मासिक सहायता (अनाथ बच्चे: 0 से 6 वर्ष) ₹1,500 प्रति माह (आंगनवाड़ी जाने वाले)
मासिक सहायता (अनाथ बच्चे: 6 से 18 वर्ष) ₹2,500 प्रति माह (विद्यालय जाने वाले)
मासिक सहायता (अन्य श्रेणी: 6 से 18 वर्ष) ₹1,500 प्रति माह (विधवा, नाता, दिव्यांग माता-पिता के बच्चे)
मासिक सहायता (अन्य श्रेणी: 0 से 6 वर्ष) ₹750 प्रति माह
वार्षिक एकमुश्त वस्त्र/जूते भत्ता ₹2,000 प्रति वर्ष प्रति बच्चा (जुलाई माह में)
पहचान व डीबीटी माध्यम जन आधार कार्ड (Jan Aadhaar Card) – पालनहार का बैंक खाता
आधिकारिक राज्य पोर्टल sjm.rajasthan.gov.in / sso.rajasthan.gov.in

योजना का मुख्य उद्देश्य

माता-पिता के अभाव या गंभीर संकट में बच्चों का बचपन अनाथालय की चारदीवारी में खोने के बजाय पारिवारिक रिश्तों की ममता के बीच संवरे, यह सुनिश्चित करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है:

  • अनाथ और बेसहारा बच्चों को उनके दादा-दादी, नाना-नानी, चाचा-चाची अथवा नजदीकी रिश्तेदारों के संरक्षण में पारिवारिक माहौल देना।
  • सुनिश्चित करना कि प्रत्येक संकटग्रस्त बच्चे को 2 से 6 वर्ष की उम्र में आंगनवाड़ी और 6 से 18 वर्ष की उम्र में नियमित विद्यालयी शिक्षा अनिवार्य रूप से मिले।
  • पालनहार परिवारों पर बच्चे के भोजन, कपड़े और शिक्षा के खर्च का कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
  • बच्चों को बाल मजदूरी, भिक्षावृत्ति, शोषण और असामाजिक तत्वों के चंगुल से शत-प्रतिशत सुरक्षित रखना।

कवर की जाने वाली बच्चे की श्रेणियां और मासिक सहायता दरें (Eligible Categories & Rates)

पालनहार योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा निम्नलिखित विशेष श्रेणियों के बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है:

बच्चे की श्रेणी 0 से 6 वर्ष (आंगनवाड़ी) 6 से 18 वर्ष (स्कूल जाने पर) वार्षिक एकमुश्त वस्त्र भत्ता
1. अनाथ बच्चे (माता-पिता दोनों की मृत्यु) ₹1,500 / माह ₹2,500 / माह ₹2,000 / वर्ष
2. निराश्रित पेंशनभोगी विधवा माता के बच्चे ₹750 / माह ₹1,500 / माह ₹2,000 / वर्ष
3. पुनर्विवाहित / नाता जाने वाली माता के बच्चे ₹750 / माह ₹1,500 / माह ₹2,000 / वर्ष
4. आजीवन कारावास / मृत्युदंड पाए कैदियों के बच्चे ₹750 / माह ₹1,500 / माह ₹2,000 / वर्ष
5. 100% दिव्यांग माता-पिता के बच्चे ₹750 / माह ₹1,500 / माह ₹2,000 / वर्ष
6. एचआईवी (AIDS) / कुष्ठ रोग पीड़ित माता-पिता के बच्चे ₹750 / माह ₹1,500 / माह ₹2,000 / वर्ष
7. सिलिकोसिस पीड़ित माता-पिता के बच्चे ₹750 / माह ₹1,500 / माह ₹2,000 / वर्ष

पात्रता के विस्तृत नियम (Eligibility Criteria)

  1. बच्चा और पालनहार (अभिभावक) दोनों राजस्थान के मूल व स्थायी निवासी होने चाहिए और जन आधार कार्ड में नामांकित होने चाहिए।
  2. बच्चे की आयु शून्य से 18 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  3. अनिवार्य शिक्षा की शर्त: 2 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों का आंगनवाड़ी केंद्र में और 6 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों का किसी मान्यता प्राप्त राजकीय या निजी विद्यालय में नियमित अध्ययनरत होना अनिवार्य है।
  4. आय सीमा: अनाथ श्रेणी के बच्चों के लिए कोई आय सीमा नहीं है। अन्य श्रेणियों (जैसे विधवा माता, नाता, दिव्यांग आदि) के मामले में पालनहार परिवार की कुल वार्षिक आय ₹1.20 लाख (एक लाख बीस हजार रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  5. बच्चे का पालनहार रिश्तेदार बच्चे की समुचित देखभाल, पोषण और शिक्षा की व्यवस्था करने के लिए नैतिक और सामाजिक रूप से उत्तरदायी होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents)

  • जन आधार कार्ड: राजस्थान का 10 अंकों का जन आधार कार्ड (पालनहार और बच्चे दोनों का नाम जुड़ा होना अनिवार्य)।
  • आधार कार्ड: बच्चे और पालनहार का व्यक्तिगत आधार कार्ड।
  • श्रेणी प्रमाण पत्र (Category Proof):
    • अनाथ बच्चे: माता और पिता दोनों का मृत्यु प्रमाण पत्र।
    • विधवा माता: पति का मृत्यु प्रमाण पत्र व पेंशन पीपीओ।
    • कैदी बच्चे: न्यायालय के दंडादेश/जेल अधीक्षक का प्रमाण पत्र।
    • दिव्यांग: 100% दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड।
  • आंगनवाड़ी / स्कूल अध्ययन प्रमाण पत्र (Study Certificate): विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा प्रमाणित चालू सत्र में नियमित अध्ययन का प्रमाण पत्र।
  • पारिवारिक आय प्रमाण पत्र: अनाथ श्रेणी को छोड़कर अन्य श्रेणियों हेतु ₹1.20 लाख का आय प्रमाण।
  • सक्रिय बैंक पासबुक: पालनहार का जन आधार लिंक्ड बैंक खाता विवरण।
  • पालनहार और बच्चे की संयुक्त पासपोर्ट फोटो।

आवेदन प्रक्रिया: SSO पोर्टल व ई-मित्र के माध्यम से (Step-by-Step)

पालनहार योजना के अंतर्गत आवेदन पूर्णतः ऑनलाइन और जन आधार समर्थित है:

चरणबद्ध ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

  1. अपने नजदीकी ई-मित्र (E-Mitra) कियोस्क पर जाएं अथवा स्वयं राजस्थान एसएसओ पोर्टल sso.rajasthan.gov.in पर लॉगिन करें।
  2. एसएसओ पोर्टल पर ‘SJE Apps’ -> ‘Palanhar Scheme (पालनहार योजना)’ लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपना जन आधार नंबर दर्ज करें; परिवार के सदस्यों की सूची स्क्रीन पर आ जाएगी।
  4. पालनहार बनने वाले सदस्य और आश्रित बच्चे का चयन करें।
  5. बच्चे की उपयुक्त पात्रता श्रेणी (जैसे अनाथ, विधवा संतान आदि) का चयन करें।
  6. माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र / कानूनी दस्तावेज और स्कूल का अध्ययन प्रमाण पत्र (Bonafide Certificate) स्कैन करके अपलोड करें।
  7. आय विवरण भरें और फॉर्म सबमिट करें।
  8. फॉर्म सबमिट होने पर आवेदन क्रमांक (Application ID) जनरेट होगी।
  9. आवेदन सीधे संबंधित जिले के सहायक निदेशक / जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी के पास ऑनलाइन जांच हेतु जाता है।
  10. सत्यापन स्वीकृत होते ही आगामी माह से पेंशन राशि सीधे पालनहार के बैंक खाते में ट्रांसफर होना शुरू हो जाती है।

वार्षिक नवीनीकरण (Annual Renewal): स्कूल प्रमाण पत्र अपलोड

प्रत्येक वर्ष जुलाई-अगस्त माह में पालनहार को ई-मित्र पर जाकर बच्चे की नई कक्षा का अध्ययन प्रमाण पत्र (Bonafide Student Certificate) पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होता है, ताकि विभाग को पुष्टि हो सके कि बच्चा अभी भी स्कूल जा रहा है। इसके साथ ही ₹2,000 का वार्षिक पोशाक भत्ता भी जारी हो जाता है।

आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें? (Status Tracking)

राजस्थान जन सूचना पोर्टल jansoochna.rajasthan.gov.in पर जाएं, ‘पालनहार योजना की स्थिति’ विकल्प चुनें और अपना जन आधार नंबर या आवेदन क्रमांक दर्ज करें। आपके आवेदन की समीक्षा, स्वीकृति आदेश, और बैंक खाते में जमा किस्तों की पूरी तारीखवार सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी।

बाल संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण लेखों के लिए हमारे पोर्टल पर उपलब्ध वृद्धावस्था पेंशन योजना और विधवा पेंशन योजना (IGNWPS) के विस्तृत विश्लेषण भी अवश्य पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या पालनहार केवल सगा रिश्तेदार ही बन सकता है?
उत्तर: सामान्यतः दादा-दादी, नाना-नानी, चाचा, मामा, बड़ा भाई-बहन या कोई भी नजदीकी पारिवारिक रिश्तेदार पालनहार बन सकता है जो बच्चे को अपने साथ रखकर उसकी देखभाल कर रहा हो।

प्रश्न 2: यदि बच्चा स्कूल नहीं जाता तो क्या पालनहार सहायता मिलेगी?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। पालनहार योजना का प्राथमिक उद्देश्य ही बच्चे को शिक्षित बनाना है। यदि बच्चा स्कूल छोड़ देता है (Drop-out), तो योजना के तहत दी जाने वाली मासिक पेंशन स्वतः रोक दी जाती है।

प्रश्न 3: क्या एक पालनहार परिवार में एक से अधिक बच्चों को लाभ मिल सकता है?
उत्तर: हां, यदि एक ही परिवार में दो या तीन अनाथ या पात्र बच्चे हैं, तो पालनहार को प्रत्येक बच्चे के लिए अलग-अलग पूर्ण मासिक पेंशन और अलग-अलग ₹2,000 का वार्षिक वस्त्र भत्ता दिया जाता है।

आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)

आधिकारिक राज्य पोर्टल: sjm.rajasthan.gov.in / sso.rajasthan.gov.in
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार, जी-3/1, अंबेडकर भवन, राजमहल रेजीडेंसी एरिया, जयपुर
पालनहार राज्य हेल्पडेस्क टोल-फ्री नंबर: 181 (राजस्थान संपर्क)
जन सूचना पोर्टल राजस्थान: jansoochna.rajasthan.gov.in