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नंदा गौरा योजना 2026 (उत्तराखंड): बेटियों को जन्म से 12वीं पास तक कुल ₹62,000 की सरकारी मदद, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

प्रकाशन: 13 अक्टूबर, 2026 • अद्यतित: 18 अक्टूबर, 2026 • लेखक: योजनाए संपादकीय टीम
नंदा गौरा योजना 2026 (उत्तराखंड): बेटियों को जन्म से 12वीं पास तक कुल ₹62,000 की सरकारी मदद, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

नंदा गौरा योजना 2026 एक प्रमुख सरकारी कल्याणकारी योजना है। उत्तराखंड सरकार द्वारा देवभूमि की बेटियों के जन्म को उत्सव बनाने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, बालिकाओं के लिंगानुपात में सुधार लाने और 12वीं के बाद उच्च शिक्षा की राह आसान बनाने के उद्देश्य से नंदा गौरा योजना (Nanda Gaura Devi Kanya Dhan Yojana) का सफल संचालन किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, उत्तराखंड शासन द्वारा संचालित यह प्रमुख कल्याणकारी योजना राज्य के गरीब परिवारों की बेटियों को जन्म से लेकर 12वीं उत्तीर्ण करने तक कुल ₹62,000 (बासठ हजार रुपये) की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से प्रदान करती है।

नंदा गौरा योजना को दो महत्वपूर्ण चरणों में लागू किया गया है: पहला चरण बालिका के जन्म के समय ₹11,000 की नकद सहायता प्रदान करता है, और दूसरा चरण तब लागू होता है जब बेटी राज्य के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर कॉलेज अथवा उच्च शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेती है, तब उसे एकमुश्त ₹51,000 का कन्या धन अनुदान सौंपा जाता है। परिवार की अधिकतम दो जीवित बेटियों को इस योजना का लाभ दिया जाता है। आइए जानते हैं योजना की पात्रता शर्तें, वार्षिक आय सीमा के नियम, आवश्यक दस्तावेज, आंगनवाड़ी व nandagaurayojana.uk.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन और लाभार्थी स्थिति जांचने की पूरी विधि।

नंदा गौरा योजना 2026: पात्रता, लाभ एवं ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

प्रमुख पहलू आधिकारिक नियम व विवरण
योजना का नाम नंदा गौरा योजना (Nanda Gaura Yojana Uttarakhand)
संबंधित राज्य उत्तराखंड (Uttarakhand State Government)
नोडल विभाग महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, उत्तराखंड
कुल संचयी वित्तीय सहायता ₹62,000 (बासठ हजार रुपये)
जन्म के समय प्रथम चरण लाभ ₹11,000 (संस्थागत प्रसव होने पर)
12वीं पास पर द्वितीय चरण लाभ ₹51,000 (उच्च शिक्षा में प्रवेश व अविवाहित रहने पर)
पारिवारिक वार्षिक आय सीमा अधिकतम ₹72,000 (बहत्तर हजार रुपये प्रति वर्ष तक)
पात्र बालिकाओं की संख्या परिवार की अधिकतम 2 जीवित बेटियां
आधिकारिक राज्य पोर्टल nandagaurayojana.uk.gov.in / wecd.uk.gov.in

योजना के प्रमुख उद्देश्य (Key Objectives)

पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में बालिकाओं के जीवन को सम्मान और सशक्त आधार प्रदान करना इस योजना का मूल लक्ष्य है:

  • कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश: जन्म के समय ₹11,000 देकर समाज में कन्या जन्म को प्रोत्साहन और सम्मान दिलाना।
  • संस्थागत प्रसव को बढ़ावा: मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने हेतु अस्पतालों में प्रसव कराने वाली माताओं को वरीयता देना।
  • 12वीं के बाद ड्रॉप-आउट रोकना: ₹51,000 की उच्च शिक्षा सहायता देकर बालिकाओं को स्नातक, मेडिकल, इंजीनियरिंग और नर्सिंग की ओर अग्रसर करना।
  • बाल विवाह की रोकथाम: 12वीं उत्तीर्ण करने और 18 वर्ष से पूर्व विवाह न करने की अनिवार्य कानूनी शर्त लागू करना।

नंदा गौरा योजना के 2 प्रमुख चरण (Two-Phase Benefit Structure)

  1. प्रथम चरण (बालिका जन्म पर ₹11,000): बालिका का जन्म सरकारी अस्पताल अथवा मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में होने के 6 माह के भीतर आवेदन करने पर माता के बैंक खाते में ₹11,000 की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की जाती है।
  2. द्वितीय चरण (12वीं पास करने पर ₹51,000): जब बालिका उत्तराखंड बोर्ड (UBSE), सीबीएसई या आईसीएसई से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज, विश्वविद्यालय अथवा तकनीकी डिप्लोमा संस्थान में नियमित प्रवेश लेती है, तब उसे एकमुश्त ₹51,000 का अनुदान मिलता है।

पात्रता के नियम व मानदंड (Eligibility Criteria)

नंदा गौरा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक परिवार को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:

  • उत्तराखंड की मूल निवासी: बालिका और उसके माता-पिता उत्तराखंड राज्य के स्थायी/मूल निवासी होने चाहिए।
  • पारिवारिक वार्षिक आय सीमा: ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में परिवार की कुल वार्षिक आय ₹72,000 (बहत्तर हजार रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए। बीपीएल (BPL) और अंत्योदय कार्ड धारक परिवार स्वतः पात्र हैं।
  • बालिकाओं की संख्या: योजना का लाभ परिवार की केवल प्रथम 2 जीवित पुत्रियों को ही मिल सकता है।
  • 12वीं पास व अविवाहित होने की शर्त: द्वितीय चरण के लिए बालिका का 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना, किसी उच्च शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत होना तथा अविवाहित होना अनिवार्य है।
  • संस्थागत प्रसव: प्रथम चरण के लिए बालिका का जन्म किसी सरकारी अथवा पंजीकृत चिकित्सालय में हुआ होना अनिवार्य है।

आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents)

  • बालिका का मूल जन्म प्रमाण पत्र: सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र।
  • 12वीं कक्षा की अंकतालिका व प्रमाण पत्र: द्वितीय चरण के ₹51,000 हेतु।
  • कॉलेज में प्रवेश की रसीद व बोनाफाइड: स्नातक अथवा डिप्लोमा में नियमित अध्ययनरत प्रमाण पत्र।
  • माता-पिता का आधार कार्ड व बालिका का आधार कार्ड।
  • स्थायी निवास प्रमाण पत्र: सक्षम तहसीलदार द्वारा जारी उत्तराखंड मूल निवास प्रमाण पत्र।
  • आय प्रमाण पत्र: तहसीलदार अथवा एसडीएम द्वारा जारी ₹72,000 तक का वार्षिक आय प्रमाण पत्र (अथवा बीपीएल राशन कार्ड)।
  • अविवाहित होने का शपथ पत्र: माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित घोषणा पत्र।
  • बैंक पासबुक: माता अथवा बालिका का आधार सीडेड बैंक खाता विवरण।

आवेदन व पंजीकरण की प्रक्रिया (Step-by-Step Application Procedure)

उत्तराखंड सरकार ने नंदा गौरा योजना की आवेदन प्रक्रिया को आंगनवाड़ी और ऑनलाइन पोर्टल दोनों से सुगम बनाया है:

1. आंगनवाड़ी / बाल विकास परियोजना कार्यालय (CDPO) के माध्यम से

  1. जन्म के 6 माह के भीतर (प्रथम चरण) अथवा 12वीं पास होने के 6 माह के भीतर (द्वितीय चरण) अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र से आवेदन पत्र प्राप्त करें।
  2. फॉर्म में अपना नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, स्कूल/कॉलेज का नाम और बैंक खाता विवरण भरें।
  3. जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, 12वीं की मार्कशीट और कॉलेज प्रवेश रसीद की स्व-प्रमाणित प्रतियां संलग्न करें।
  4. फॉर्म अपनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अथवा ब्लॉक के बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) कार्यालय में जमा करें।

2. ऑनलाइन पोर्टल द्वारा डिजिटल आवेदन

आवेदक स्वयं भी आधिकारिक पोर्टल nandagaurayojana.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। फॉर्म में सभी आवश्यक दस्तावेज स्कैन कर अपलोड किए जाते हैं और डिजिटल पावती रसीद प्राप्त होती है। जिला स्तर पर उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी (DPO) द्वारा सत्यापन उपरांत धनराशि सीधे बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।

आवेदन की स्थिति कैसे ट्रैक करें? (Track Application Status)

आवेदक आधिकारिक पोर्टल nandagaurayojana.uk.gov.in पर जाएं और ‘आवेदन स्थिति (Track Status)’ लिंक पर क्लिक करें। अपना आवेदन क्रमांक (Application ID) अथवा बालिका का आधार नंबर दर्ज करें। स्क्रीन पर आपके आवेदन की जांच स्थिति, सीडीपीओ सत्यापन, डीपीओ अनुमोदन और कोषागार द्वारा जारी डीबीटी भुगतान का संपूर्ण विवरण प्रदर्शित हो जाएगा।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या 12वीं पास करने के बाद यदि छात्रा कॉलेज में एडमिशन न ले तो ₹51,000 मिलेंगे?
उत्तर: नहीं, योजना के नियमों के अनुसार 12वीं पास करने के बाद किसी मान्यता प्राप्त डिग्री कॉलेज, विश्वविद्यालय, नर्सिंग, आईटीआई अथवा पॉलिटेक्निक में नियमित प्रवेश लेना अनिवार्य है और उसकी फीस रसीद संलग्न करनी होती है।

प्रश्न 2: बच्ची के जन्म के कितने दिनों के भीतर प्रथम चरण का फॉर्म भरना जरूरी है?
उत्तर: प्रथम चरण के ₹11,000 के लिए बालिका के जन्म के अधिकतम 6 माह के भीतर आंगनवाड़ी अथवा पोर्टल पर आवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है।

प्रश्न 3: क्या यदि परिवार में दो से अधिक बेटियां हों, तो किसे लाभ मिलेगा?
उत्तर: सरकारी नियमों के अनुसार परिवार की ज्येष्ठतम (सबसे बड़ी) पहली दो बेटियों को ही नंदा गौरा योजना का वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है।

आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)

आधिकारिक राज्य पोर्टल: nandagaurayojana.uk.gov.in / wecd.uk.gov.in
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास निदेशालय, 12, सुभाष रोड, देहरादून, उत्तराखंड – 248001
राज्य महिला हेल्पलाइन नंबर: 1090 / 181 (टोल-फ्री)
ईमेल संपर्क: wecduk@gmail.com