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एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड 2026 (AIF): कोल्ड स्टोरेज व वेयरहाउस के लिए ₹2 करोड़ तक लोन, 3% ब्याज छूट, देखें नियम

प्रकाशन: 10 अक्टूबर, 2026 • अद्यतित: 15 अक्टूबर, 2026 • लेखक: योजनाए संपादकीय टीम
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड 2026 (AIF): कोल्ड स्टोरेज व वेयरहाउस के लिए ₹2 करोड़ तक लोन, 3% ब्याज छूट, देखें नियम

देश के कृषि क्षेत्र में कटाई-उपरांत प्रबंधन (Post-Harvest Management) के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और किसानों की उपज की बर्बादी को रोकने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF – Agriculture Infrastructure Fund) का सफल संचालन किया जा रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित ₹1 लाख करोड़ के इस ऐतिहासिक केंद्रीय वित्तपोषण कोष के माध्यम से कोल्ड स्टोरेज, आधुनिक वेयरहाउस, साइलो, ग्रेडिंग व सोर्टिंग यूनिट्स, ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म और प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्रों की स्थापना के लिए ₹2 करोड़ तक के ऋण पर 3% वार्षिक ब्याज छूट (Interest Subvention) प्रदान की जाती है।

AIF योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके तहत लिए गए ऋणों पर केंद्र सरकार द्वारा क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (CGTMSE) के तहत ₹2 करोड़ तक की निःशुल्क क्रेडिट गारंटी दी जाती है, जिससे बैंक किसानों और कृषि-उद्यमियों से किसी अतिरिक्त अचल संपत्ति की गिरवी या बंधक (Collateral Security) की मांग नहीं करते। इसके अलावा यह ब्याज छूट अधिकतम 7 वर्षों तक निरंतर प्रदान की जाती है। आइए जानते हैं योजना के सभी नियम, स्वीकृत परियोजनाएं, वित्तीय सहायता, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन की पूरी विधि।

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF): मुख्य विशेषताएं व हाइलाइट्स

प्रमुख पहलू आधिकारिक नियम व विवरण
योजना का नाम एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF)
नोडल मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
कुल वित्तपोषण आकार ₹1,00,000 करोड़ (एक लाख करोड़ रुपये का समर्पित कोष)
ब्याज अनुदान (Interest Subvention) 3% प्रति वर्ष (अधिकतम 7 वर्षों की अवधि तक)
ब्याज छूट हेतु अधिकतम ऋण सीमा ₹2,00,00,000 (दो करोड़ रुपये प्रति परियोजना)
क्रेडिट गारंटी सहायता CGTMSE के अंतर्गत ₹2 करोड़ तक के ऋण पर निःशुल्क गारंटी कवरेज
ऋण पुनर्भुगतान अधिस्थगन (Moratorium) न्यूनतम 6 महीने से अधिकतम 2 वर्ष तक
स्वीकृत अवसंरचना कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, पैक हाउस, सोलर ड्राइंग, साइलो, कस्टम हायरिंग सेंटर
आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल agriinfra.dac.gov.in

योजना का मुख्य उद्देश्य

भारत में पर्याप्त भंडारण और प्राथमिक प्रसंस्करण के अभाव में हर साल करोड़ों रुपये मूल्य के फल, सब्जियां और अनाज खेत से मंडी तक पहुंचते-पहुंचते बर्बाद हो जाते हैं। AIF के प्राथमिक उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • खेत के स्तर पर ही आधुनिक भंडारण और कोल्ड चेन अवसंरचना का तेजी से विकास करना।
  • किसानों को कटाई के तुरंत बाद औने-पौने दामों पर मजबूरी में फसल बेचने (Distress Sale) से बचाना।
  • किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को स्वावलंबी व्यावसायिक इकाइयों में बदलना।
  • कृषि क्षेत्र में आधुनिक डिजिटल तकनीक, आईओटी और सौर-ऊर्जा संचालित शीत-भंडारण को प्रोत्साहित करना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि प्रसंस्करण और लॉजिस्टिक्स के माध्यम से उच्च-वेतन वाले स्थानीय रोजगार पैदा करना।

योजना के मुख्य लाभ व वित्तीय सहायता (Key Benefits)

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के अंतर्गत उद्यमियों, कृषक समूहों और किसानों को निम्नलिखित वित्तीय लाभ मिलते हैं:

  • 3% की वार्षिक ब्याज छूट: यदि बैंक से 9% की ब्याज दर पर लोन स्वीकृत हुआ है, तो 3% की सरकारी सब्सिडी कटकर वास्तविक ब्याज दर मात्र 6% रह जाती है। यह छूट 7 वर्षों तक लगातार दी जाती है।
  • बिना जमानत ₹2 करोड़ तक का ऋण: CGTMSE शुल्क का भुगतान सरकार द्वारा वहन किया जाता है, जिससे मध्यम वर्ग के किसानों और एफपीओ को अपनी पैतृक जमीन गिरवी रखे बिना लोन मिल जाता है।
  • एक से अधिक परियोजनाओं पर लाभ: यदि कोई योग्य इकाई (जैसे FPO या सहकारी समिति) अलग-अलग स्थानों पर परियोजनाएं लगाती है, तो वह अधिकतम 25 परियोजनाओं के लिए अलग-अलग ₹2 करोड़ तक ब्याज छूट का लाभ ले सकती है।
  • अन्य सरकारी योजनाओं के साथ अभिसरण (Convergence): AIF का लाभ पीएम किसान संपदा योजना, पीएम-एफएमई (PM-FME), मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) और राज्य कृषि सब्सिडी के साथ जोड़कर लिया जा सकता है, जिससे पूंजीगत सब्सिडी और ब्याज सब्सिडी दोनों एक साथ मिलती हैं।

पात्रता के विस्तृत नियम (Eligibility Criteria)

योजना के अंतर्गत निम्नलिखित श्रेणियां ऋण और ब्याज अनुदान पाने के लिए पूर्णतः पात्र हैं:

  1. व्यक्तिगत प्राथमिक किसान (Individual Farmers) और कृषक उद्यमी।
  2. प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) और विपणन सहकारी समितियां (Marketing Cooperative Societies)।
  3. किसान उत्पादक संगठन (FPO) और किसान उत्पादक कंपनियां (FPC)।
  4. स्वयं सहायता समूह (SHG) और संयुक्त देयता समूह (JLG)।
  5. कृषि-उद्यमी (Agri-entrepreneurs) और पंजीकृत एग्री-टेक स्टार्टअप्स।
  6. केंद्रीय/राज्य एजेंसियां या स्थानीय निकाय जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मोड में परियोजनाएं संचालित कर रहे हैं।

स्वीकृत परियोजनाएं व बुनियादी ढांचा (Eligible Infrastructure)

  • कटाई उपरांत अवसंरचना: अनाज साइलो (Silos), कोल्ड स्टोरेज व कोल्ड रूम, आपूर्ति श्रृंखला हेतु पैक हाउस, सॉर्टिंग और ग्रेडिंग यूनिट्स, राइपनिंग चैंबर (Ripening Chambers)।
  • सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियां: कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC), बड़े कृषि यंत्र बैंक, जैविक खाद उत्पादन इकाइयां, और जैव-उत्तेजक उत्पादन संयंत्र।
  • प्राथमिक प्रसंस्करण इकाइयां: आटा चक्की, दाल मिल, तेल पेराई स्पेलर, मसाला पिसाई, और फल-सब्जी डिब्बाबंदी (Primary Processing Only)।

आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट (Required Documents)

  • पहचान व निवास प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी।
  • संस्थागत पंजीकरण दस्तावेज: एफपीओ/सोसायटी/कंपनी का निगमन प्रमाण पत्र, उप-नियम (By-laws) और बोर्ड संकल्प।
  • भूमि के दस्तावेज: परियोजना स्थल के स्वामित्व के दस्तावेज (खतौनी/रजिस्ट्री) अथवा न्यूनतम 10-15 वर्ष का पंजीकृत लीज एग्रीमेंट।
  • विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR): सिविल निर्माण का अनुमानित नक्शा, तकनीकी विवरण, मशीनरी कोटेशन, और वित्तीय व्यवहार्यता रिपोर्ट।
  • वित्तीय दस्तावेज: पिछले 3 वर्षों का आईटीआर या ऑडिटेड बैलेंस शीट (नई फर्मों के लिए प्रोविजनल/व्यक्तिगत आईटीआर)।
  • बैंक खाता पासबुक और संबंधित बैंक शाखा का अनापत्ति प्रमाण पत्र।

आवेदन प्रक्रिया: राष्ट्रीय AIF पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के अंतर्गत आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल रूप से संचालित होती है:

चरणबद्ध ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

  1. आधिकारिक पोर्टल agriinfra.dac.gov.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर ‘Beneficiary Registration’ विकल्प पर क्लिक करें।
  3. अपना आधार नंबर दर्ज करें और मोबाइल ओटीपी के जरिए ई-केवाईसी सत्यापित करें।
  4. लाभार्थी का प्रकार चुनें (Farmer, FPO, PACS, Agri-entrepreneur आदि)।
  5. प्रस्तावित परियोजना का नाम, स्थल का पूरा पता और बुनियादी ढांचे की श्रेणी चुनें।
  6. परियोजना की कुल अनुमानित लागत, ऋण की अपेक्षित राशि और उस अनुसूचित बैंक (जैसे SBI, NABARD, Bank of Baroda, HDFC आदि) का चयन करें जिससे लोन लेना चाहते हैं।
  7. डीपीआर (DPR), भूमि दस्तावेज, मशीनरी कोटेशन और फोटो अपलोड करें।
  8. आवेदन सबमिट करें। सबमिट होते ही आवेदन सीधे परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) को ऑनलाइन पहुंच जाता है।
  9. पीएमयू द्वारा प्रारंभिक पात्रता जांच के बाद आवेदन संबंधित बैंक शाखा को ऑनलाइन अग्रेषित किया जाता है। बैंक की ऋण स्वीकृति के उपरांत पोर्टल से ब्याज अनुदान स्वतः लागू हो जाता है।

आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें? (Status Tracking)

agriinfra.dac.gov.in पर लाभार्थी लॉगिन (Beneficiary Login) करके अपने डैशबोर्ड पर आवेदन की लाइव ट्रैकिंग की जा सकती है। वहां पीएमयू अनुमोदन, बैंक संस्वीकृति और त्रैमासिक ब्याज सब्सिडी के क्रेडिट होने की रसीदें डाउनलोड की जा सकती हैं।

कृषि सिंचाई और फसल सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण लेखों के लिए हमारे पोर्टल पर उपलब्ध प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के विस्तृत मार्गदर्शक लेख भी अवश्य पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: AIF के तहत 3% ब्याज छूट का लाभ अधिकतम कितने वर्षों तक मिलता है?
उत्तर: AIF के तहत ब्याज अनुदान का लाभ ऋण संवितरण की तिथि से अधिकतम 7 वर्षों की अवधि तक प्रदान किया जाता है।

प्रश्न 2: यदि किसी परियोजना की लागत ₹2 करोड़ से अधिक हो, तो क्या AIF का लाभ मिलेगा?
उत्तर: हां, परियोजना की कुल लागत ₹2 करोड़ से अधिक हो सकती है, किंतु 3% ब्याज छूट और CGTMSE क्रेडिट गारंटी का लाभ केवल ₹2 करोड़ तक के ऋण हिस्से पर ही मिलेगा। अतिरिक्त राशि पर बैंक की सामान्य ब्याज दरें लागू होंगी।

प्रश्न 3: क्या प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) भी इसके तहत आवेदन कर सकती हैं?
उत्तर: हां, पैक्स (PACS) को नाबार्ड के माध्यम से AIF के तहत मात्र 1% की शुद्ध रियायती ब्याज दर पर बहुउद्देशीय ग्रामीण गोदाम और कस्टम हायरिंग केंद्र बनाने के लिए विशेष प्राथमिकता दी जाती है।

आधिकारिक स्रोत व हेल्पलाइन (Official Sources & Helpline)

आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल: agriinfra.dac.gov.in
AIF राष्ट्रीय हेल्पडेस्क ईमेल: aif-dacfw@gov.in
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कृषि भवन, नई दिल्ली: agricoop.gov.in
नाबार्ड आधिकारिक वेबसाइट: nabard.org